कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड में मंत्री लालसिंह आर्य को बड़ी राहत, स्पेशल कोर्ट ने सबूतों के अभाव पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य को बरी किया

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कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड में मंत्री लालसिंह आर्य को बड़ी राहत, स्पेशल कोर्ट ने सबूतों के अभाव पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य को बरी किया

भोपाल। कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड में मुख्य आरोपी व पूर्व मंत्री सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लालसिंह आर्य को बड़ी राहत मिली है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक विशेष कोर्ट ने सबूतों के अभाव पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य को बरी कर दिया है।

– यह है पूरा मामला

गौरतलब है कि गोहद के छरेंटा गांव में 13 अप्रैल 2009 को रात 8 बजे गोहद से कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विधायक हत्याकांड में पुलिस ने सुरक्षा गार्ड शिवराज सिंह की रिपोर्ट पर आरोपी नारायण शर्मा, शेरा उर्फ शेर सिंह, पप्पू उर्फ मेवाराम, सेठी कौरव, गंधर्व सिंह, केदार सिंह, तेजनारायण शर्मा (मृत्यु हो चुकी), रामरूप सिंह गुर्जर को आरोपी बनाया था।

– मंत्री लाल सिंह आर्य को माखन हत्याकांड में आरोपी बनाया

स्पेशल कोर्ट ने पहले 19 मई को आर्य को माखन हत्याकांड में आरोपी बनाया, लेकिन मंत्री आर्य हाईकोर्ट गए तो वहां स्पेशल कोर्ट का फैसला निरस्त हो गया। इस दौरान मंत्री आर्य ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने भिंड कोर्ट के फैसले को सही माना।

भिंड की स्पेशल कोर्ट ने 24 अगस्त को राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य को आरोपी बनाते हुए 25 हजार रुपए का जमानती वारंट जारी किया था मंत्री आर्य के वकील की ओर से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया था।

– सुरक्षा गार्ड ने कहा अंधेरे में किसी को नहीं देख पाया

स्पेशल कोर्ट में माखन हत्याकांड में गुरुवार को अरविंद जाटव, श्रीपाल सिंह के अलावा हत्या के समय विधायक माखनलाल जाटव के साथ गाड़ी में मौजूद रहे सुरक्षा गार्ड एएसआई बालकृष्ण ढोंगरा के बयान भी हुए थे। सुरक्षा गार्ड ढोंगरा ने कोर्ट में कहा था कि उन्होंने वारदात के समय 2 गोली चलने की आवाज तो सुनी थी, लेकिन अंधेरा होने से किसी को पहचान नहीं पाया।

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