तेज रफ्तार की तरफ बढ़े अर्थव्यवस्था के कदम

Advertisements

NEWS IN HINDI

तेज रफ्तार की तरफ बढ़े अर्थव्यवस्था के कदम

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था के मोर्चे से दोहरी राहत की खबर आई है। मैन्यूफैक्चरिंग के रफ्तार पकड़ने से जनवरी, 2018 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर बढ़कर 7.5 फीसद हो गई है। दूसरी ओर, खाद्य उत्पादों की कीमतें घटने से फरवरी में खुदरा महंगाई की वृद्धि दर भी घटकर 4.44 फीसद पर आ गई है। इन दोनों ही आंकड़ों का सरकार की नीतियों और देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर यद्यपि दिसंबर, 2017 में भी 7.1 फीसद रही थी। लेकिन जनवरी के आंकड़े की तुलना पिछले साल के इसी महीने के 3.5 फीसद से की जाए तो यह काफी अधिक है। औद्योगिक उत्पादन में इस तेजी के पीछे मैन्यूफैक्चरिंग और कैपिटल गुड्स की मांग में वृद्धि की अहम भूमिका रही।

जनवरी में मैन्यूफैक्चरिंग की वृद्धि दर 8.7 फीसद रही है, जो एक साल पहले 2.5 फीसद रही थी। औद्योगिक उत्पादन के सूचकांक में मैन्यूफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 77.63 फीसद है। इसी तरह जनवरी, 2018 में कैपिटल गुड्स क्षेत्र की वृद्धि दर एक साल पहले के 0.6 फीसद की तुलना में 14.6 फीसद दर्ज की गई।

कैपिटल गुड्स को अर्थव्यवस्था में निवेश और विस्तार की गतिविधियों का सूचक माना जाता है। जानकारों का मानना है कि दिसंबर और जनवरी में औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि अर्थव्यवस्था के खुशहाली की तरफ बढ़ने के संकेत दे रही है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल और कंज्यूमर नॉन ड्यूरेबल क्षेत्र ने भी जनवरी, 2018 में सकारात्मक प्रदर्शन किया है। मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के 23 उत्पाद समूहों में से जनवरी में 16 में वृद्धि दर्ज हुई। मैन्यूफैक्चरिंग के अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षेत्र में भी 7.6 फीसद की वृद्धि दर मिली। हालांकि खनन क्षेत्र की वृद्धि दर मात्र 0.1 फीसद रही। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जनवरी तक के दस महीने में औद्योगिक वृद्धि की दर 4.1 फीसद पर पहुंच गई। बीते वित्त वर्ष में यह पांच फीसद थी।

महंगाई के मोर्चे पर भी राहत-

दूसरी तरफ खुदरा महंगाई के मोर्चे पर भी सरकार को राहत मिली है। फरवरी में खाने-पीने के सामान की कीमतों में कमी आने से इसकी महंगाई दर जनवरी के 5.07 फीसद से घटकर 4.44 फीसद पर आ गई। एक साल पहले यह 3.65 फीसद रही थी।

महंगाई दर नीचे लाने में इन क्षेत्रों का रहा योगदान-

रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कमी का फैसला महंगाई दर को ध्यान में रखकर ही करता है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक महंगाई दर नीचे लाने में सब्जियों की कीमत ने अहम योगदान दिया। इस वर्ग की खुदरा महंगाई वृद्धि दर जनवरी के 26.57 फीसद से घटकर 17.57 फीसद रही। मांस-मछली की महंगाई बढ़ने की दर 3.31 फीसद रही, तो अंडे की 8.51 फीसद।

अनाज और अन्य उत्पादों की कीमतें बढ़ने की रफ्तार फरवरी में 2.10 फीसद रही। फ्यूल और लाइट वर्ग की महंगाई वृद्धि दर फरवरी में 6.8 फीसद पर आ गई। जनवरी में यह 7.73 फीसद रही थी। इससे इतर, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन सर्विसेज की महंगाई वृद्धि की दर जनवरी के 1.97 फीसद के मुकाबले फरवरी में 2.39 फीसद पर आ गई।

 

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए लिंक पर क्लिक करके https://www.facebook.com/samacharokiduniya/ पेज को लाइक करें या वेब साईट पर FOLLOW बटन दबाकर ईमेल लिखकर ओके दबाये। वीडियो न्यूज़ देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करे। Youtube

 

NEWS IN ENGLISH

Steps on the economy to grow faster

new Delhi. There is news of double relief from the economy’s front. With the pace of manufacturing, the growth in industrial production has increased to 7.5 percent in January 2018. On the other hand, the decline in prices of food products has also come down to 4.44% in retail inflation in February. Both of these data have a direct impact on government policies and the country’s GDP.

Although the growth rate of industrial production was 7.1 percent in December, 2017. But if the January figure compares to 3.5 percent of the same month last year, it is quite high. In the industrial production, the growth of demand for manufacturing and capital goods has been an important role behind this growth.

In January, the growth rate of manufacturing was 8.7 percent, which was 2.5 percent a year ago. The share of manufacturing in the Index of Industrial Production is 77.63%. Similarly, in January 2018, the growth rate of the Capital Goods sector was 14.6 percent compared to 0.6 percent a year ago.

Capital Goods is considered an indicator of investment and expansion activities in the economy. Experts believe that the growth in industrial production in December and January is indicating the growth of the economy.

Consumer durables and consumer non-durable sectors have also made positive performance in January, 2018. Out of 23 product groups in the manufacturing sector, there was an increase of 16 in January. In addition to manufacturing, the power generation sector also saw an increase of 7.6 percent growth. However, the growth rate of the mining sector is just 0.1 percent. During the ten months of the current financial year, from April to January, the rate of industrial growth reached 4.1 percent. It was five percent in the last financial year.

Relief on inflation front also:

On the other hand, the government has also got relief on the retail inflation front. Inflation in food and beverages prices declined in February to 5.04 percent in January from 5.07 percent in January. It was 3.65 percent a year ago.

Contribution of these sectors to bring down the inflation rate-

The Reserve Bank decides to reduce interest rates only by keeping inflation in mind. According to the data released by the Central Statistics Office, the price of vegetables has contributed a lot to bring down inflation. Retail inflation in this category has declined from 26.57 per cent in January to 17.57 per cent. Inflation rate of meat and fish was 3.31 percent, while eggs was 8.51 percent.

Prices of cereals and other products increased by 2.10 per cent in February. Inflation rate of fuel and light category has come down to 6.8 percent in February. In January it was 7.73 percent. In addition, the rate of increase in transport and communication services came to 2.39 percent in February compared to 1.97 percent in January.

 

To get the latest updates, click on the link: https://www.facebook.com/samacharokiduniya/Like the page or press the FOLLOW button on the web site and press the OK Subscribe to our YouTube channel to see the video news. Youtube

Advertisements

Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.