यूथ का आज, कल दोनों खराब – महाले

यूथ का आज, कल दोनों खराब भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है। सबसे बड़ी आबादी वाले देश चीन में युवाओं की बड़ी कमी हो गई है और इसलिए चीन ने कानून बदल कर लोगों को तीन बच्चे पैदा करने की छूट दी है। इसके उलट भारत में 18 से 44 साल की उम्र के लोगों की संख्या 60 करोड़ है। यानी भारत की पूरी आबादी में 40 फीसदी से ज्यादा लोग 18 से 44 साल की उम्र वाले हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण और उसको संभालने…

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मीडिया की संकट की घड़ी में आगे आए राजनेता पत्रकारों की करे आर्थिक मदद – गगनदीप खेरे

मीडिया की संकट की घड़ी में आगे आए राजनेता पत्रकारों की करे आर्थिक मदद – गगनदीप खेरे बैतूल जिले से राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकार गगनदीप खेरे ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र सरकार राज्य सरकार एवं स्थानीय राजनेताओं से मीडिया की इस संकट की घड़ी में सहायता करने की अपील करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण पूरे देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। जिसके तारत्म्य में शासन द्वारा अर्थव्यवस्था को सुचारू लाने हेतु विभिन्न उपचार किए जा रहे हैं केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा राहत पैकेज…

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डॉक्टरो और वैज्ञानिकों द्वारा बनाए वैक्सीन पर संदेह करना भय या अज्ञानता – गायकवाड़

डॉक्टरो और वैज्ञानिकों द्वारा बनाए वैक्सीन पर संदेह करना भय या अज्ञानता – गायकवाड़ प्रकृति को छेड़छाड़ फिर प्रकृति पर ही विश्वास कोरोना की दूसरी लहर ने आयुर्वेद के भारत को भी कमजोर कर दिया है कोरोण संक्रमण के कारण आज आयुर्वेद का भारत देश धीरे-धीरे तरह से कोरोना महामारी की चपेट में आता दिखाई दे रहा है मनुष्य आयुर्वेद को जिस तरह नजरअंदाज करता गया यह उसी का ही परिणाम तो नहीं। हमारे भारत देश के कई गांव में कस्बों में और यहां तक कि कई बड़े शहरों में…

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प्रेस की आज़ादी राष्ट्रहित में जरूरी – रंजीत सिंह

प्रेस की आज़ादी राष्ट्रहित में जरूरी – रंजीत सिंह सारनी। आज विश्व प्रेस स्वतन्त्रता दिवस है।भारत जैसे देश में जो सदियों तक गुलामी की जंजीरों में जकड़ा रहा एवं जहाँ गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे पत्रकारों ने अपने राष्ट्रधर्म तथा पत्रकार धर्म का पालन करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए , प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। प्रेस की आजादी से यह बात साबित होती है कि उस देश में अभिव्यक्ति की कितनी स्वतंत्रता है। भारत में प्रेस की स्वतंत्रता संविधान के अनुच्छेद-19 में भारतीयों को…

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मानव सेवा, परोपकार निस्वार्थ परमार्थ का दूसरा नाम -अनिल यादव

मानव सेवा, परोपकार निस्वार्थ परमार्थ का दूसरा नाम -अनिल यादव जी हां, मध्य प्रदेश के बैतूल शहर से मैं तुम्हें एक ऐसे योद्धा की कहानी से अवगत करा रहा हूं, एक ऐसे कर्मवीर से मैं आपका परिचय करवाने जा रहा हूं, जो अपने आप में त्याग परोपकार मानव सेवा परमार्थ वन्य प्राणी सेवा आदि के लिए एक जाना पहचाना नाम है, अनिल नारायण यादव। चौंकिए मत, अपने पूरे मध्यप्रदेश में ना केवल बल्कि पूरे देश में लाडो फाउंडेशन का नाम तो सुना होगा जिनका मुख्य उद्देश्य है बेटियों के नाम…

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कोरोना योद्धा सम्मान से आज भी पत्रकार वंचित क्यों ?

कोरोना योद्धा सम्मान से आज भी पत्रकार वंचित क्यों ? पत्रकारों के लिए अस्पताल में बेड हो आरक्षित कोरोना से पीडित पत्रकार की मौत पर परिजनों को मिले 50 लाख की सहायता कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने पूरे भारत वर्ष मे तांडव मचा रखा है हर प्रदेश इस महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में इस संक्रमण से पत्रकार साथी भी अछूते नहीं रहे है हमारे कई पत्रकार साथी इस संक्रमण की चपेट में आकर अपने प्राण गवां चुके है और कई साथी वर्तमान समय में इस संक्रमण की…

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पत्रकारों की एकता ही उन्हें कर सकती है सुरक्षित – जेसीआई

पत्रकारों की एकता ही उन्हें कर सकती है सुरक्षित – जेसीआई जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंड़िया ने किया सभी पत्रकारों से एकजुट होने का आवाह्न पत्रकार साथी एकजुट होकर कराये चौथे स्तंभ की ताकत का एहसास आज देश के हर प्रदेश में पत्रकारों को सच का सामना कराने पर झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंड़िया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग सक्सेना ने देश के सभी पत्रकारों से एकजुट होने का आवाह्न किया उन्होने कहा कि एकजुट होकर सभी पत्रकार साथी चौथे स्तंभ की ताकत का एहसास…

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आखिर पत्रकारों को क्यों नजर अंदाज करती हैं सरकारें

आखिर पत्रकारों को क्यों नजर अंदाज करती हैं सरकारें अभी हाल ही में केन्द्र सरकार ने अपना बजट जारी किया उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना बजट जारी किया उसके बाद उत्तराखंड सरकार ने अपना बजट जारी किया किन्तु किसी के भी बजट मे पत्रकारो के लिए कोई घोषणा न होने से पत्रकारों को निराशा ही हाथ लगी। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंड़िया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग सक्सेना ने कहा कि सरकार के बजट में दिहाड़ी मजदूर तक के लिए योजनाएं है किन्तु पत्रकार के लिए कोई नहीं क्यों ,कारण…

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सामाजिक मीडिया का बदलता रुख वरदान या अभिशाप?

सामाजिक मीडिया का बदलता रुख वरदान या अभिशाप? सामाजिक मीडिया आज की तरीक में नफरत तथा घ्रणा फेलाने का एक बड़ा केन्द्र बन चुका है जिसकी चपेट मे सारी दुनिया फस चुकी है। साल 2019 में न्यू ज़ीलैण्ड मे स्थित दो मस्जिदों पर आतंकी समुदाय दुआरा हमला किया गया था जिसमे 49 लोगो ने अपनी जान गवा दी थी तथा 12 लोग घम्बिर अवस्था में पाए गये थे। यह पुरे हमले का लाइव प्रसारण फ़ेसबुक पर किया गया था। इस लाइव प्रसारण ने वहां की सरकार को सोचने मे मजबूर…

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आखिर क्यों नहीं मिलता सभी पत्रकारों को सरकारी सुविधाओं का लाभ?

आखिर क्यों नहीं मिलता सभी पत्रकारों को सरकारी सुविधाओं का लाभ? आखिर क्यों नहीं मिलता सभी पत्रकारों को सरकारी सुविधाओं का लाभ ? यह एक ऐसा प्रश्न है जो हर किसी के मन में है। तभी दूसरा प्रश्न उठता है कि वर्तमान समय में आखिर है कितने पत्रकार। आज हर कोई अपने आपको पत्रकार समझता है पर क्या वह इतना बुद्धिजीवी है।यह सच है कि लोकतंत्र मे हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है और यह अभिव्यक्त की आजादी है और यह अधिकार हमें भारत के संविधान ने…

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