जब अर्णव के साथ केन्द्र सरकार तो अन्य पत्रकारों के साथ क्यों नही:जेसीआई

जब अर्णव के साथ केन्द्र सरकार तो अन्य पत्रकारों के साथ क्यों नही:जेसीआई दिल्ली। आज भाजपा की केन्द्र सरकार पूरी तरह से रिपब्लिक भारत के वरिष्ठ पत्रकार अर्णव गोस्वामी के साथ खड़ी दिख रही है और होना भी चाहिए पर अन्य पत्रकारों के लिए क्यों नहीं। वरिष्ठ पत्रकार अर्णव गोस्वामी पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा द्वेष भावना से की गयी कार्यवाही निंदनीय है और जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंड़िया इसका विरोध भी करती है। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंड़िया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग सक्सेना ने कहा कि अर्णव एक बड़े चैनल के पत्रकार…

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अर्णव की गिरफ्तारी देश के चौथे स्तंभ पर हमला:जेसीआई

अर्णव की गिरफ्तारी देश के चौथे स्तंभ पर हमला:जेसीआई रिपब्लिक भारत के वरिष्ठ पत्रकार अर्णव गोस्वामी की महाराष्ट्र सरकार द्वारा द्वेष भावना से गिरफ्तारी पत्रकारिता पर हमला है । यदि राज्य सरकार इसमे कामयाब रही और इसका पत्रकारो ने एकजुट होकर विरोध नही किया तो वह दिन दूर नही जब हर राज्य मे ऐसा होगा। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग सक्सेना ने कहा कि किसी भी पत्रकार की गिरफ्तारी से पहले प्रेस काउंसिल के संज्ञान मे यह प्रकरण महाराष्ट्र सरकार को लाना चाहिए था लेकिन ऐसा नही…

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श्रद्धाजंलि समर्पित आलेख – तू दया का सागर है, तेरी एक बुंद के प्यासे हम – रामकिशोर दयाराम पंवार

श्रद्धाजंलि समर्पित आलेख – तू दया का सागर है, तेरी एक बुंद के प्यासे हम – रामकिशोर दयाराम पंवार   आलेख :- रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढावाला बाबू जी के जन्म के लगभग 14 साल बाद बनी फिल्म सीमा का वह भक्ति गीत मुझे आज 19 अक्टुबर 2020 को बरबस याद आ गया। 1955 में रीलिज स्वेत श्याम पर्दे की फिल्म सीमा के इस भक्ति गीत की रचना स्वर्गीय शैलेन्द्र ने की और इसे संगीत दिया शंकर – जयकिशन ने भक्ति गीत की आवाज बने स्वर्गीय मन्नाडे की मधुर आवाज में…

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‘‘सुशांत केस’’ ने देश की ‘तंत्र‘ व्यवस्था को ‘‘ए ए ए‘‘ ‘‘श्रेणी’’ में ला दिया है? – राजीव खंडेलवाल

‘‘सुशांत केस’’ ने देश की ‘तंत्र‘ व्यवस्था को ‘‘ए ए ए‘‘ ‘‘श्रेणी’’ में ला दिया है?       राजीव खंडेलवाल (लेखक वरिष्ठ कर सलाहकार) भारत ‘‘अनेकता में एकता‘‘ लिए हुआ देश कहलाता है। ठीक इसी प्रकार भारत विभिन्न ‘‘तंत्र‘‘ लिया हुआ भी देश है। वैसे तो ‘‘तांत्रिकों’’ का यह विश्व का सबसे बड़ा देश भी है। लेकिन आज मैं इन तांत्रिकों की चर्चा नहीं कर रहा हूँ। ये तांत्रिक स्वंय तो ‘‘समाधि निंद्रा में लीन’’ होते है। जब कि ‘‘राजनैतिक तांत्रिक’’ स्वयं को जाग्रत रखकर जनता को सुनहरे सपनों…

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‘कामरेड़’’ कृष्णा मोदी बैतूल जिले में ‘‘अलख जगाते हुए एक ‘‘सुशांत व्यक्तित्व’’ – राजीव खंडेलवाल

‘कामरेड़’’ कृष्णा मोदी बैतूल जिले में ‘‘अलख जगाते हुए एक ‘‘सुशांत व्यक्तित्व’’ – राजीव खंडेलवाल     राजीव खंडेलवाल (लेखक वरिष्ठ कर सलाहकार एवं पूर्व नगर सुधार न्यास अध्यक्ष हैं)  आज जब एक तरफ सब जगह भारत सहित विश्व में ‘‘मोदी’’ नाम का डंका बज रहा है तो दूसरी ओर देश में ‘सुशांत’ नाम भी खुब ‘वायरल’ हो रहा है। तब मेरेे जिले में भी ‘मोदी’ व ‘सुशांत’ है। जो व्यक्ति अपने जीवन के 91 वें वसंत तक आ कर भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए सर्वहारा वर्ग के…

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स्वतंत्रता : संघर्षो की प्रेरणादायक जीवंत यात्रा

स्वतंत्रता : संघर्षो की प्रेरणादायक जीवंत यात्रा     शब्द : ओम आदित्य द्विवेदी स्वतंत्रता शब्द ही सुखद है और नाम के साथ ही इसका अर्थ भी सकारात्मक, व्यापक व विस्तृत है। यह मन मे अंतर्निहित वह सुखद भाव है जो आत्मसंतोष का बोध कराता है। राष्ट्रीय स्तर पर तो स्वतंत्रता का संबंध, उसकी व्यापकता सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। इसकी अनिर्वायता के अभाव में निजस्वार्थ, विश्वासघात, विखंडन, अर्थ पिपासा के कारण राष्ट्र के आंतरिक अंग जैसे व्यक्ति, विचार, भाषा, धर्म, संस्कृति, मान्यताओं का संतुलन बिगड़ जाता है। बिखराव की इसी…

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‘‘जांबाज शहीदों को देश का सलाम‘‘ – राजीव खंडेलवाल

‘‘जांबाज शहीदों को देश का सलाम‘‘ – राजीव खंडेलवाल     राजीव खंडेलवाल (लेखक वरिष्ठ कर सलाहकार ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजनीतिक पार्टियों की सर्वदलीय बुलाई गई बैठक में गलवान घाटी में शहीद हुये 20 जाबाजों की घटना के बाबत आवश्यक जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में यह कहा कि गलवान घाटी में हमारी सीमा में न तो कोई घुसा है और न ही घुसा हुआ है और न ही हमारी कोई ‘‘पोस्ट’’ किसी दूसरे के कब्जे में है। प्रधानमंत्री के उक्त कथन का राष्ट्रीय हित में…

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क्या ‘‘कोरोना’’ ने ‘‘नौकरशाही’’ को कुंठित तो नहीं कर दिया है? – राजीव खंडेलवाल

क्या ‘‘कोरोना’’ ने ‘‘नौकरशाही’’ को कुंठित तो नहीं कर दिया है? – राजीव खंडेलवाल   राजीव खंडेलवाल (लेखक वरिष्ठ कर सलाहकार )  लॉकडाउन-4 समाप्त! लॉकडाउन-5 प्रारंभ नहीं। बल्कि इसकी जगह देश अनलॉक-1 (नॉकडाउन-1) के नये दौर में देश प्रवेश कर रहा हैं। यह नया दौर कैसा होगा, यह तो भविष्य ही बतलायेगा। आइये, तब तक नौकरशाही द्वारा जारी अपरिपक्व आधे-अधूरे आदेशों निर्देशों के संबंध में गुजरे लॉकडाउन का थोड़ा अवलोकन कर लें। ‘देश’ व ‘जीवन’ का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा है, जहां कोरोना वायरस ने अपने डंक, जहर को…

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मोदी के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष का लेखा-जोखा – राजीव खंडेलवाल

मोदी के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष का लेखा-जोखा – राजीव खंडेलवाल   लेख सभार – राजीव खंडेलवाल (लेखक वरिष्ठ कर सलाहकार ) आज आप पूरे देश के प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के दूसरे कार्य काल की 1 वर्ष की उपलब्धियों के समाचार पढ़ और देख रहे होंगे। प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष में किए गए कार्यों की जानकारी बड़े ही शालीन तरीके से देशवासियों के नाम खुला पत्र लिख कर दी है। इन उपलब्धियों…

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उच्चतम न्यायालय का “स्वेत: प्रेरणा” से प्रवासियों श्रमिकों पर निर्णय देरी से लिया गया निर्णय“ या “पूर्व निर्णय की गलती सुधारने का प्रयास“ – राजीव खंडेलवाल

उच्चतम न्यायालय का “स्वेत: प्रेरणा” से प्रवासियों श्रमिकों पर निर्णय देरी से लिया गया निर्णय“ या “पूर्व निर्णय की गलती सुधारने का प्रयास“ – राजीव खंडेलवाल राजीव खंडेलवाल (लेखक वरिष्ठ कर सलाहकार एवं पूर्व नगर सुधार न्यास अध्यक्ष हैं) माननीय उच्चतम न्यायालय ने कल श्रमिकों की दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती बदहाली की स्थिति को देखते हुए स्वत: संज्ञान लेते हुए जो निर्णय दिया है, वह समस्त पक्षों के लिए संतोष प्रद है। केंद्रीय सरकार, राज्य सरकारों, भारतीय रेलवे व निरीह मजदूर वर्ग सबकी सीमाओं को रेखांकित करते हुए…

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