Aircel ने दिवालिया होने के लिए दी अर्जी, ग्राहकों पर पड़ेगा असर

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Aircel ने दिवालिया होने के लिए दी अर्जी, ग्राहकों पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली। टेलीकॉम कंपनी एयरसेल दिवालिया होने के नजदीक जा पहुंची है. कंपनी ने मुंबई में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन दिया है. कंपनी ने कहा कि वित्तीय दृष्टि से दबाव वाले उद्योग में इस समय उसे काफी संकट का सामना करना पड़ रहा है.

एयरसेल ने कहा, कर्ज के बोझ और बढ़ते घाटे की वजह से कंपनी के कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ा और छवि भी प्रभावित हुई. मलेशियाई प्रमोटर मैक्सिस कम्‍यूनिकेशन्स ने कंपनी में और निवेश करने से मना कर दिया है. हाल ही में इकोनॉमिक टाइम्स ने अपने रिपोर्ट में कहा था कि 15,500 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी कंपनी जल्द ही खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन देने जा रही है.

गौरतलब है कि सितंबर 2016 में रिलायंस जियो के लॉन्च के बाद से एयरसेल लगातार घाटे में चल रही है. कई सर्किलों में कंपनी की सर्विस बंद होने की वजह से सैकड़ों लोगों के रोजगार पर संकट गहरा गया है.

आपको बता दें, अगर NCLT एयरसेल की दिवालिया घोषित करने की अपील पर विचार करता है तो वह एक इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल नियुक्त करेगा, जिसे 270 दिनों के भीतर कंपनी का रिपेमेंट प्लान तैयार करना होगा. अगर रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ट्रिब्यूनल को रिपेमेंट प्लान देने में या उसपर सहमति बनाने में नाकामयाब रहता है तो कंपनी को बैंकरप्ट घोषित करके इसके लिक्विडेशन की प्रकिया शुरू कर दी जाएगी.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2017 के आंकड़ों के अनुसार कंपनी देश की छठी सबसे बड़ी मोबाइल सर्विस ऑपरेटर है और इसके लगभग 8.5 करोड़ उपभोक्ता देशभर में हैं. कंपनी के ठप हो जाने से ग्राहकों पर असर जरूर पड़ेगा.

 

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NEWS IN ENGLISH

Aircel will get the application for bankruptcy, customers will have the effect

new Delhi. Telecom company Aircel has reached bankruptcies. The company has applied to declare himself bankrupt in the National Company Law Tribunal (NCLT) in Mumbai. The company said that it is facing a lot of crisis in the financially-pressurized industry this time.

Aircel said, due to the debt burden and mounting losses, the company’s business had a negative effect and the image was also affected. Malaysian promoter Maxis Communications has refused to invest more in the company. Recently in the Economic Times had said in its report that the company, which is in debt of Rs 15,500 crore, will soon be going to apply for declaring itself as bankrupt.

It is to be noted that since the launch of Reliance Jio in September 2016, Aircel is continuously operating in losses. Due to the service closure of the company in many circles, the crisis on employment of hundreds has deepened.

If you consider the NCLT appearing for the declaration of Aircel’s bankruptcy, then it will appoint an Insolvency Resolutions Professional, which will have to prepare the Company’s plan within 270 days. If the resolution fails to give a professional plan to a professional tribunal or to agree on it, then the company will start its liquidation process by declaring it as a bankrupt.

According to the Economic Times report, according to the figures of December 2017, the company is the sixth largest mobile service operator in the country and its approximately 8.5 million subscribers are in the country. The company will have an impact on the stagnation of the company.

 

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