आसियान : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा पहले की तुलना में आसियान देशों से सुधरे हैं संबंध

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आसियान : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा पहले की तुलना में आसियान देशों से सुधरे हैं संबंध

नई दिल्ली। आसियान सम्मेलन में हिस्सा लेने आसियान के नेताओं का राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी आसियान नेताओं के साथ बैठक कर आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। विदेश मंत्रालय की सचिव (ईस्ट) प्रीति सरन ने बताया कि बताया कि बैठक के दौरान पीएम मोदी ने आसियान नेताओं के साथ 6 द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों के बाद आसियान सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि रामायण, बौद्ध धर्म और इस्लाम का साझा इतिहास भारत को आसियान देशों से जोड़ता है। आसियान नेताओं का भारत में स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, ‘ भारत और आसियान देशों के संबंध बेहतर हुए हैं। भारत आसियान के मूल सिद्धांत शांति और सामाजिक सद्भाव के साथ है। हम आसियान के साथ संबंधों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। पिछले 25 सालों में हमारा व्यापार 25 गुना बढ़ा है, हम आसियान के साथ व्यापारिक संबंधों को और बेहतर बनाना चाहते हैं।’

चीन को साधने के लिए जरूरी है आसियान का साथ
दो दिन तक चलने वाले भारत आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए वियतनाम, कंबोडिया, म्यांमार, फिलीपीन्स, थाईलैंड, सिंगापुर और ब्रुनेई के शासनाध्यक्ष नई दिल्ली पहुंचें हुए हैं। चीन के साथ तल्ख होते रिश्तों के बाद अपनी ‘लुक ईस्ट नीति’ को धार देने में जुटे भारतीय कूटनीति के लिए अगले दो दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे। भारत के साथ आसियान के नेताओं को अहम बैठक आज से शुरू हो रही है। एशिया के सबसे मजबूत संगठन आसियान के दस सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों या उनकी सरकारों के प्रमुखों के साथ पीएम नरेंद्र मोदी की इस बैठक पर एशिया की ही नहीं, दूसरे महाद्वीपों के देशों की भी नजरें टिकी हुई हैं। चीन की बढ़ती ताकत के खिलाफ एशिया में हो रही लामबंदी को देखते हुए इस बैठक की अहमियत तो है ही, लेकिन भारत इन देशों के रक्षा क्षेत्र में अपना बड़ा बाजार भी देख रहा है। ये सभी नेता शुक्रवार को गणतंत्र दिवस समारोह में राजकीय अतिथि होंगे। यह पहला मौका होगा जब गणतंत्र दिवस समारोह में एक साथ दस देशों के राष्ट्र प्रमुख राजकीय अतिथि होंगे।

भारत में आसियान देशों के प्रमुख नेता
बुधवार को आसियान के नौ लीडर नई दिल्ली पहुंच गये। देर शाम को पीएम नरेंद्र मोदी की म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की, वियतनाम के पीएम नुएन शुआनफुक और फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुर्तेतो के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। शेष बचे सात देशों के प्रमुखों के साथ पीएम मोदी की आज द्विपक्षीय बैठक होगी। इसके अलावा आसियान-भारत संयुक्त बैठक भी होगी। इसमें समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग सबसे अहम विषय होगा। यह विषय ही बताता है कि आसियान देश और भारत के बीच सहयोग की दिशा क्या होने वाली है। आसियान देशों के पास समुद्री क्षेत्र में चीन के दावे को लेकर हर तरफ बेचैनी है। दक्षिण चीन सागर इन सभी विवादों की जड़ है। जानकार मानते हैं कि इस बैठक में आसियान के सभी सदस्य देश यह भी तौलने की कोशिश करेंगे कि भारत समुद्री क्षेत्र में उनके हितों की सुरक्षा करने की कितनी क्षमता रखता है।

 

NEWS IN English

ASEAN: Prime Minister Narendra Modi said the relationship between the ASEAN countries is better than before.

new Delhi. ASEAN leaders have received a grand reception at the Rashtrapati Bhavan in ASEAN conference. During this time President Ramnath Kovind, Vice President Venkaiah Naidu and Prime Minister Narendra Modi welcomed everyone. After this, PM Modi met with ASEAN leaders to discuss issues related to mutual interests. Secretary of State (East) Preeti Saran said that during the meeting, PM Modi had six bilateral meetings with ASEAN leaders. Addressing the ASEAN Conference after these meetings, PM Modi said that the shared history of Ramayana, Buddhism and Islam connects India with ASEAN countries. Welcoming the ASEAN leaders in India, he said, “The relations between India and ASEAN countries have improved. The basic principle of ASEAN India is with peace and social harmony. We want to move forward with ASEAN relations. In the last 25 years, our business has increased 25 times, we want to improve business relations with ASEAN. “

China needs ASEAN to co-operate
India, which lasted for two days, has arrived in New Delhi from the Government of Vietnam, Cambodia, Myanmar, Philippines, Thailand, Singapore and Brunei to participate in the ASEAN Summit. In the next two days, Indian Diplomacy will be extremely important for the ‘Look East Policy’ after the tough relations with China. Important meeting of ASEAN leaders with India is starting today. Prime Minister Narendra Modi’s meeting with leaders of Asia’s strongest organization ASEAN’s heads of state or the leaders of his governments, not only in Asia, but also on the eyes of other continent countries. Given the mobilization happening in Asia against China’s growing power, this meeting is important, but India is also looking at its big market in the defense sector of these countries. All these leaders will be the state guest at the Republic Day celebrations on Friday. This will be the first time when Republic of the country will be the chief guest of the ten countries at the Republic Day function.

Leading leaders of ASEAN countries in India
On Wednesday, nine leaders of ASEAN reached New Delhi. In late evening, PM Narendra Modi’s bilateral meeting with Myanmar’s State Councilor Aung San Suu Kyi, Vietnam’s PM Nuiyan Shuenfuk and President Rodrigues Durteto of the Philippines. PM Modi’s bilateral meeting today, with heads of seven remaining countries. Apart from this, there will also be ASEAN-India Joint Meeting. Security and cooperation in the maritime sector will be the most important topic. This topic only tells what the direction of cooperation between the ASEAN country and India is going to happen. The ASEAN countries have disheartenment on China’s claims in the sea sector. South China Sea is the root cause of all these disputes. The experts believe that all member states of ASEAN will try to weigh on this issue that India has the capacity to protect its interests in the maritime area.

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