बैतूल : चिंकारा के शिकार मामले में 2 को 3-3 साल की सजा,आरोपियों पर न्यायालय ने किया 10-10 हजार का जुर्माना भी

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चिंकारा के शिकार मामले में 2 को 3-3 साल की सजा,आरोपियों पर न्यायालय ने किया 10-10 हजार का जुर्माना भी

गजेन्द्र सोनी
बैतूल। वन्य प्राणी चिंकारा के शिकार के मामले में न्यायालय ने 2 आरोपी भाइयों को 3-3 वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पंकज कुमार ने यह फैसला सुनाया। इस मामले में मध्यप्रदेश शासन वन विभाग की ओर से डीपीओ एमआर खाツन एवं एडीपीओ अमित राय ने पैरवी की। आरोपी मग्गू पिता होरीलाल (35) और सुमरत पिता होरीलाल (32) निवासी बलढाना को सजा सुनाई गई है। इनके खिलाफ धारा 51 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। प्रकरण के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 अगस्त 2013 को वन विभाग को ग्राम बलढाना में वन्य प्राणी के शिकार की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ग्राम बलढाना स्थित आरोपियों के घर पहुंची। यहां दोनों आरोपी उपस्थित मिले। मौके पर वन्य प्राणी चिंकारा का मांस पकता हुआ मिला था। आरोपियों ने पूछताछ में जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उनके खेत में चिंकारा (हिरण) का बच्चा घुस गया था। उसे भगाने पत्थर मारा तो वह मर गया। उन्होंने मरे हुए चिंकारा के बच्चे को घर लाकर काटा व उसे पका रहे हैं। आरोपियों के कब्जे से चिंकारा का मांस व अन्य औजार जब्त किए गए। विचारण में अभियोजन ने मामले को संदेह से परे प्रमाणित किया जिससे आरोपियों को दंडित किया गया।

 

NEWS IN English

2 to 3 years of punishment for Chinkara victims,Court gives 10-10 thousand fine on accused

Gajendra Soni
Betul In the case of hunting of wild animals chinkara, the court has punished two accused brothers for 3-3 years imprisonment and fined 10-10 thousand rupees. Judge Magistrate First Class Pankaj Kumar pronounced this verdict. In this case, the Madhya Pradesh Government has advised DPO MR Khand and ADPO Amit Rai on behalf of Forest Department. The accused Maggu father Horilal (35) and Sumantra father Horilal (32) resident Baliadana have been sentenced. The action was taken against them under Section 51 Wildlife Protection Act. According to the information received in connection with the case, on August 18, 2013, Forest Department received information about hunting of wild animals in village Baldhana. On the basis of information, the team of forest department reached the house of the accused in Village Baldhan. Both the accused present here. On the occasion the wild creature found the meat of chinkara. The accused confessed in the interrogation and said that the child of Chinkara (deer) had entered into his field. He killed the stone, then he died. They are cutting and churning the dead child of Chinkara. Chunky meat and other tools were seized from the possession of the accused. The prosecution in the trial proved the matter beyond doubt, which convicted the accused.

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