बैतूल : अंग प्रत्यारोपण के लिए पुलिस करेगी जागरूक,कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार ने दी पुलिस अधिकारियों को सलाह

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बैतूल : अंग प्रत्यारोपण के लिए पुलिस करेगी जागरूक,कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार ने दी पुलिस अधिकारियों को सलाह

 

गजेन्द्र सोनी
बैतूल। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप मोजेस ने बताया कि आज दिनांक 24 फरवरी 2018 को पुलिस कन्ट्रोल रूम में दधीचि अभियान- अंग प्रत्यारोपण से नव जीवन की एक पहल विषय पर पुलिस अधीक्षक श्री डी.आर. तेनीवार की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक श्री डी.आर. तेनीवार ने कहा कि अंगदान की प्रक्रिया को बढावा देेकर समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है। अंगदान उन व्यक्तियों के जीवन के लिये एक उपहार है जिन्हें अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता है। दुर्घटना स्थल पर पहुॅचने वाला पहला अधिकारी एवं कर्मचारी पुलिस विभाग का ही होता है जिसके द्वारा त्वरित निर्णय लिया जाकर मृतक के परिजनों को समझाईश देकर अंगदान के कार्य को कराया जा सकता है, यह पूरी तरह से हमारी क्षमता एवं कौशल पर निर्भर करता है। वही कार्यशाला में डॉ. राहुल श्रीवास्तव द्वारा अंगदान की आवश्यकता, अंगदान की प्रक्रिया, भारत में अंगदान की कमी के कारण, अंगदान के प्रति उदासीनता की भावना, अंगदान की जानकारी के अभाव के दुष्परिणाम, विभन्न प्रकार की सामाजिक भ्रांतियां एवं पुलिस विभाग के सहयोग से किस प्रकार दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिजनों को परामर्श देकर सतर्कता एवं शीघ्रता से अंगदान एवं प्रत्यारोपण का कार्य किया जा सकता है पर प्रकाश डाला गया। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि मनुष्य द्वारा दान किये जाने वाले विभिन्न अंगो में नेत्र, ह्नदय, त्वचा, हड्डी, ऊतक, लीवर, (यकृत), किडनी (गुर्दे), आंत, फेफडे, अगन्याशय (पेन्क्रियाज) होते हैं।मनुष्य के कुल 9 अंगो का दान किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मृत्यु की स्थिति में सम्पूर्ण देहदान भी किया जा सकता है। डॉ. श्रीवास्तव द्वारा टी.एच.ओ. (ट्रांसप्लान्टेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन एक्ट 1994 की जानकारी दी गई तथा देहदान पंजीयन पत्र एवं डोनर के पंजीयन की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई। अंगदान की प्रक्रिया में पुलिस की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। जिला मीडिया अधिकारी श्रीमती श्रुति गौर तोमर द्वारा बताया गया कि अंगदान ब्रेनडेड एवं प्राकृतिक मृत्यु दोनों ही स्थितियों में किया जा सकता है, इससे दान दाता के परिजनों को संतोष मिलेगा कि व्यक्ति के जाने के बाद भी व्यक्ति किसी अन्य के शरीर में जीवित रहेगा। एवं अंग स्वीकारकर्ता के जीवन में उमंग एवं खुशी की लहर का संचार होगा। डॉ. राहुल श्रीवास्तव द्वारा उपस्थित अधिकारियों की समस्त जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री घनश्याम मालवीय, प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक, जिले के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

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NEWS IN English

Betul: Police will organize awareness for organ transplantation, Superintendent of Police Dr Tanveer told the police officers in the workshop

Gajendra Soni
Betul Chief Medical and Health Officer Dr. Pradeep Moises said that today, on February 24, 2018, a rash campaign in the police control room- an initiative of neo-life from organ transplantation, was made by the Superintendent of Police, Shri D.R. A workshop was organized under the chairmanship of Thanewar. In the workshop, Superintendent of Police, Shri D.R. Tanevar said that by promoting the process of Angad, a positive message can be given in the society. Angagdha is a gift for the life of those individuals who need organ transplantation. The first officer and employee to reach the accident site is from the police department, through which an immediate decision can be taken and given to the family members of the deceased, it can be done on the task of Angad, it depends entirely on our ability and skill. In the same workshop, the need for Angadan, the process of Angagadh, due to the lack of Angad in India, the feeling of indifference towards Angad, the consequences of lack of knowledge of Angad, the different kinds of social misconceptions and the cooperation of the Police Department. In the case of accident, in consultation with the relatives of the deceased person, work of vigilance and expedition with the help of angina and transplantation. May be highlighted. Dr. Shrivastav said that in various parts donated by human beings, there are eye, heart, skin, bone, tissue, liver, (liver), kidney (kidney), intestine, lung, pancreas (pancreas). 9 organ donations can be donated. In addition to this, the entire family can be donated in the event of death. T.H.O. by Dr. Srivastava (Information about Transplantation of Human Organ Act 1994 was given in detail and details of registration process for registration of Dahan Registration and Donor were given in detail in detail about role of Police in the process of Angad, District Magistrate Shruti Gaur Tomar It was reported that angina can be done in both brained and natural death conditions, by giving it to the donor’s family It will be encouraged that after the person’s departure, the person will remain alive in the body of someone else and the wave of happiness and happiness will be in the life of the acceptor. Additional Superintendent of Police, Shri Ghanshyam Malviya, Trainee Deputy Superintendent of Police, all the stationary in-charge of the district were present.

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