बैतूल : महिला बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक की 30 साल की सेवा अवधि होने के बाद भी नहीं मिली पदोन्नति

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बैतूल : महिला बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक की 30 साल की सेवा अवधि होने के बाद भी नहीं मिली पदोन्नति

गजेंद्र सोनी
बैतूल। महिला बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन शासन द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है, जिससे जिले के पर्यवेक्षकों में खासा आक्रोश है। पर्यवेक्षकों द्वारा गुरुवार सामूहिक अवकाश में रहने का निर्णय लिया। अपनी विभिन्ना समस्याओं को लेकर बुधवार पर्यवेक्षकों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी सुमन पिल्लई को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि पिछले कई वर्षों से जिलेभर के पर्यवेक्षक मप्र पर्यवेक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इससे पर्यवेक्षकों में खासा आक्रोश व्याप्त है। संरक्षक भुनेश्वरी मालवीय ने बताया कि वर्ष-1986 में पदाधिकारियों की वरिष्टता सूची प्रकाशित की गई। इसमें सहायक सांख्यिकीय अधिकारी पद शामिल नहीं था। 1996 एवं 2012 में लगातार सहायक सांख्यिकीय अधिकारियों की पदोन्नाति परियोजना अधिकारी के पद पर कर दी गई जो कि नियमों के विपरीत है। जबकि सहायक परियोजना अधिकारी का पद समाप्त हो जाने के पश्चात पर्यवेक्षकों की पदोन्नाति परियोजना अधिकारी पद पर की जानी चाहिए थी। वर्ष- 1987 से पदस्थ पर्यवेक्षकों की 30 वर्ष की सेवा अविधि होने के पश्चात भी अभी तक पदोन्नाति का लाभ नहीं मिला है। ज्ञापन सौंपने वालो में सरोज जगदेव, राखी ज्ञानचंदारे, मिथलेष अतुलकर, गीता मालवीय, हीरा बारपेटे, अंजुम शेख, रिंकू यादव, कांता गुजरे, नम्रता सूर्यवंशी, श्वेता शुक्ला शामिल थे।

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NEWS IN ENGLISH

Betul: Supervisor of Women’s Child Development Department has not received promotion even after 30 years of service

Gajendra Soni
Betul Supervisors of the Women’s Child Development Department have long been fighting for their demands. But there is a lot of resentment among the supervisors of the district, which is not being given positive response by the government. The observers decided to stay in the mass holidays Thursday. On Wednesday, supervisors handed over a memorandum to District Program Officer Suman Pillai about his various problems. In the memorandum stated that for the last several years, Supervisor of the District MP Supervisor is agitating for their demands under the banner of Sangharsha Morcha. There is a lot of resentment in supervisors. Patron Bhaineshwari Malviya said that the list of the officials of the year was published in the year 1986. It did not include the assistant statistical officer’s post. In 1996 and 2012, the promotion of Assistant Statistical Officers was promoted to the post of Project Officer, which is contrary to the rules. However, after the completion of the post of assistant project officer, supervisors should be promoted to the project officer. Even after 30 years of service of supervisors, who have been absent from the year 1987, have not yet received the benefit of promotion. The delegates included Saroj Jagdev, Rakhi Gyanchandare, Mithilesh Atmar, Geeta Malaviya, Diamond Barpete, Anjum Sheikh, Rinku Yadav, Kanta Gujar, Namrata Suryavanshi and Shweta Shukla.

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