भिलाई : एक हाथ और एक पैर से 75,000 किलोमीटर दौड़ाई कार

Advertisements

NEWS IN HINDI

भिलाई : एक हाथ और एक पैर से 75,000 किलोमीटर दौड़ाई कार

छत्तीसगढ़/भिलाई। ऐसे चट्टानी जज्बे को सलाम। यह कहानी भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के कर्मचारी लक्ष्मीकांत शिर्के की है। ट्रेन हादसे में उन्हें दाहिना हाथ व बायां पैर गंवाना पड़ा। परिवार वालों पर तो मानो आफत का पहाड़ टूट पड़ा। सभी को लगा खुद को कैसे संभालेंगे लक्ष्मीकांत, मगर उन्होंने हौसला बनाए रखा। उन्होंने अपनी कमजोरियों को ही ताकत बनाया और ठान लिया कि जिंदगी से यूं हार नहीं मानेंगे। इसी हौसले ने उनका साथ दिया। परिणाम लक्ष्मीकांत शिर्के आज कार ड्राइविंग में 75 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू है। लक्ष्मीकांत कहते हैं- मैं ऐसा रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं, जिसे कोई तोड़ना पाए। मूलत: महाराष्ट्र निवासी लक्ष्मीकांत शिर्के पहले फौज में थे। रिटायरमेंट के बाद बीएसपी की मचरंट मिल में नौकरी मिल गई। इनके संघर्षों की दास्तां 2011 से शुरू हुई। भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन की चपेट में आने से वे एक हाथ व एक पैर गंवा बैठे। पूरा परिवार सदमे में डूब गया।

एक साल तक बिस्तर पर पड़े रहने के बावजूद लक्ष्मीकांत हमेशा खुद को हौसला देते। मन ही मन कहते… जिंदगी तो अब शुरू हो रही है। मैं लोगों को बता देना चाहता हूं कि हौसले और इच्छाशक्ति से बढ़कर कुछ नहीं होता। ऐसे मिली प्रेरणा लक्ष्मीकांत लौटे तो बीएसपी ने उनकी हालत देखते हुए लाइब्रेरी में काम दे दिया। वे तरह-तरह की किताबें पढ़ते। इसी दौरान उनके हाथ ऐसी किताब लगी जिसमें वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वालों की कहानियां सचित्र प्रकाशित थीं।

जिंदगी में कुछ कर गुजरने वालों की दास्तां पढ़कर उन्हें जैसे लक्ष्य मिल गया। उन्होंने ठान लिया कि अब रुकना नहीं है। दुनिया को लक्ष्मीकांत का नया रूप दिखाना है। लक्ष्मीकांत कार ड्राइविंग के शौकीन थे। उन्होंने सोचा कि क्यों न शौक को ही सफलता की सीढ़ी बनाया जाए। मन की बात जब उन्होंने परिजनों व मित्रों को बताई तो सभी ने सवाल पर सवाल खड़े कर दिए। एक हाथ और एक पैर से भला कैसे ड्राइविंग कर पाओगे? हमेशा हादसे का डर बना रहेगा? आदि..।

लेकिन वे कहां मानने वाले थे। लक्ष्मीकांत बताते हैं कि लोगों की बातों से वे घबराने की बजाय और मजबूत होते गए, क्योंकि वे मानते हैं कि चुनौतियां स्वीकार करना ही असल जिंदगी है। बस फिर क्या था। एक हाथ में थामी कार की स्टेयरिंग व एक पैर से क्लच-गियर। पहले ही साल 15 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर ली। आज वे 75 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड, लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ ही 2017 में इंडियाज स्टार बुक ऑफ रिकॉर्ड भी उनके नाम है। छत्तीसगढ़ में जहां भी कार रैली होती है, लक्ष्मीकांत जरूर नजर आ जाते हैं। उनका लक्ष्य डेढ़ लाख किमी का आंकड़ा है।

सैनिक का जिगर, मराठा रेजीमेंट में दिखा चुके हैं दम
लक्ष्मीकांत के बड़े भाई बीएसपी में नौकरी करते थे। उन्होंने ही लक्ष्मीकांत को महाराष्ट्र से भिलाई बुलाया और पढ़ाया। रविशंकर यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र और राजनीति शास्त्र से एमए करने के बाद इलेक्ट्रिकल से आईटीआई किया। इसके बाद 36-मराठा मीडियम रेजीमेंट में सेलेक्शन हो गया। 1980 से 1995 तक 15 साल सेना की नौकरी की। रिटायरमेंट के बाद 1996 में बीएसपी ने मचरंट मिल में नौकरी दी।

 

NEWS IN English

Bhilai: 75,000 kilometers drive by one hand and one leg

Chhattisgarh / Bhilai Salute to such rocky passion This story is from Laxmikant Shirke, employee of Bhilai Steel Plant (BSP). In the train accident, they had to lose their right arm and left leg. The family of the family, as if the mountains of calamity broke down. Everyone felt how to handle themselves, Lakshmikant, but he kept up the courage. He made the strengths of his weaknesses and determined that he will not accept defeat from life. The same enthusiasm helped him. Result Laxmikant Shirke has done a record of 75 thousand kilometers in car driving today and has made many records in his name. Now the application process for the Guinness Book of World Records is in progress. Laxmikant says – I want to make a record which nobody can break. Originally Laxmikant Shirke, a resident of Maharashtra, was in the army first. After retirement, the BSP got a job in the Mortent Mill. Tales of their struggles started in 2011. Bhilai Power House was hit by a moving train at the railway station and he lost one hand and one leg. The whole family drowned in shock

Laxmikant always encourages himself, despite being lying on bed for a year. Mann mind said … life is starting now. I want to tell people that there is nothing more than fresh and willpower. When such inspiration came back to Laxmikant, the BSP gave the work to the library while looking at their condition. They read various types of books. In the meantime, he took a book in which the stories of world record makers were published illustrated.

After reading some tales of those who have gone through life, they got a target like this. He resolved that it is not about to stop now. The world has to show a new form of Lakshmikant. Lakshmikant was fond of car driving They thought why not make hobbies to be the success ladder. When he told family and friends about the matter, everyone questioned the question. How can you be able to drive with one hand and one leg? Will always be afraid of an accident? e.t.c…

But where they were supposed to be. Lakshmikant points out that people’s words became stronger rather than panic because they believe that accepting challenges is the real life. There was no second thought after that. Stitching of a Thami car in one hand and one-leg clutch-gear. In the first year, the distance was 15 thousand kilometers. Today they have set a distance of 75 thousand kilometers. Indian Book of Record, along with the Limca Book of World Records, is also the name of India’s Star Book of Record in 2017. Wherever there is a car rally in Chhattisgarh, Lakshmikant is definitely visible. Their target is 1.5 lakh km.

The soldiers of the soldier are shown in the Maratha Regiment.
Laxmikant’s elder brother used to work in BSP He called Laxmikant Bhilai from Maharashtra and taught him. Having done MA from Sociology and Political Science from Ravi Shankar University, ITI from Electrical. After this there was a selection in the 36-Maratha Medium Regiment. 15 years military service from 1980 to 1995 After retirement, in 1996, the BSP gave jobs in the Mortent Mill.

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.