बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में भाजपा नेता दोषी करार

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बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में भाजपा नेता दोषी करार

गाजियाबाद। राज्यसभा से बसपा के पूर्व सांसद और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नरेंद्र कश्यप को बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दोषी करार दिया है। गाजियाबाद कोर्ट ने नरेंद्र कश्यप के साथ ही उनके परिवार के तीन दूसरे सदस्यों को भी दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 शशि भूषण पांडेय की अदालत ने यह फैसला सुनाया। तकरीबन चार साल पहले हिमांशी की शादी सागर कश्यप से हुई थी। नरेंद्र कश्यप व उनकी पत्नी देवेंद्री को पुत्रवधू हिमांशी को आत्महत्या के लिए उकसाने और बेटे सागर कश्यप को आत्महत्या के लिए उकसाने समेत आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया गया है। यह जानकारी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल शर्मा ने दी।

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी हिमांशी की मौत –
अनिल शर्मा ने बताया कि छह अप्रैल 2016 को हिमांशी की संदिग्ध परिस्थितियों में संजयनगर स्थित आवास पर गोली लगने से मौत हो गई थी। वह बदायूं निवासी बसपा के पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री हीरालाल कश्यप की बेटी थी। इस प्रकरण में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार अदालत ने मामले को आत्महत्या के लिए उकसाने का माना। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 शशि भूषण पांडेय की अदालत में चल रही थी।

मृतका के पिता ने लगाया था हत्या का आरोप –
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को अदालत ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में उपरोक्त तीनों को दोषी करार दिया। नरेंद्र कश्यप का परिवार शुरू से ही इस घटना को आत्महत्या बता रहा था, जबकि हिमांशी के पिता बसपा नेता हीरालाल कश्यप ने घटना को हत्या बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। इस मामले में हिमांशी के पिता हीरालाल कश्यप ने पूर्व सांसद सहित छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी पति सागर कश्यप को उसी रात हिरासत में ले लिया था, जबकि पूर्व सांसद और उनकी पत्नी अगले दिन एक निजी अस्पताल से गिरफ्तार किया था। बाद में तीनों को अदालत से जमानत मिल गई। इस मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालता में चल रही थी।

 

NEWS IN English

BJP leader convicted of daughter-in-law for inciting suicide

Ghaziabad Former BSP MP and current BJP leader Narendra Kashyap has been convicted by the Rajya Sabha for blaming the daughter-in-law for committing suicide. Ghaziabad Court has convicted Narendra Kashyap as well as three other members of his family. The court of Additional District and Sessions Judge-1 Shashi Bhushan Pandey ruled this ruling. About four years ago, Hiramanshi was married to Sagar Kashyap. Narendra Kashyap and his wife, Deendree, have been convicted in the Arms Act, including incitement of suicide for infanticide, Himmanshu and son Sagar Kashyap for suicides. This information was given by Assistant District Government Advocate Anil Sharma.

Due to the suspicious circumstances, the death of Himanshi –
Anil Sharma said that on April 6, 2016, the death toll was due to the shooting at the residence of Sanjaynagar in suspicious circumstances of Himanshi. She was the daughter of Badaun resident of the former BSP minister Hiralal Kashyap. Dowry murder case was registered in this case. Based on the evidence presented during the hearing, the court considered the matter to be suicidal. According to the Assistant District Government Advocate, the hearing of the case was going on in the court of Additional District and Sessions Judge-1 Shashi Bhushan Pandey.

The father of the deceased had accused of murder –
On hearing the arguments of the two sides, the court on Wednesday convicted the three accused in the case of suicidal tendencies. The family of Narendra Kashyap was telling the incident as suicide since the beginning, while Himmansi’s father BSP leader Hiralal Kashyap told the incident to be a murder. He alleged that his daughter was tortured for dowry. In this case Hiramansi’s father Hiralal Kashyap had filed a report against six accused, including former MP. The police had arrested the accused husband Sagar Kashyap on the same night, while the former MP and his wife had been arrested from a private hospital the next day. Later, the three got bail from the court. The trial of this case was going on in the court of ADJ I.

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