एनयूएलएम से जुड़कर सिलाई कार्य और कई तरह के मसाले तैयार कर विक्रय कर रहीं हैं महिलाएं

Advertisements

आजीविका मिशन से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे महिलाओं के कदम

एनयूएलएम से जुड़कर सिलाई कार्य और कई तरह के मसाले तैयार कर विक्रय कर रहीं हैं महिलाएं


छिंदवाड़ा। आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की शासन की मंशा पूर्ण होती दिखाई दे रही है। महिलाएं स्व-सहायता समूह बनाकर नवाचार करने के साथ ही आत्म-निर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। नगरपालिक निगम छिंदवाड़ा के राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित अभिलाषा अनुपमा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी आजीविका मिशन से जुड़कर सिलाई कार्य और विभिन्न तरह के मसाले तैयार कर उनके विक्रय द्वारा आर्थिक रूप से सशक्त हुईं हैं और उन्हें अपनी अलग पहचान मिली है। उनके द्वारा तैयार मसालों का विक्रय लोकल मार्केट के साथ ही भोपाल हाट बाजार में भी किया जाता है।

अभिलाषा अनुपमा स्वयं सहायता समूह की सदस्य सुरभि विश्वकर्मा ने बताया कि समूह का गठन नगरपालिक निगम छिंदवाड़ा में संचालित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत वर्ष 2015 में किया गया था। समूह की सभी 10 महिला सदस्य 100 रुपए के मान से कुल एक हजार रुपए की बचत नियमित रूप से कर रही हैं। समूह के सदस्यों की रुचि के अनुसार 4 सदस्यों को योजना के घटक “कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार” के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में सिलाई प्रशिक्षण भी दिलवाया गया है। अब सभी 4 महिलाएं अपने घर में ही सिलाई का कार्य कर अपने घर को चला रही हैं। समूह की शेष 6 महिलाओं द्वारा शुरुआत में हाथ के द्वारा मसालों को बनाने का कार्य किया जाता था। धीरे-धीरे बचत राशि बढ़ाई गई और समूह द्वारा तय किया गया कि मसाले के कार्य को बढ़ाने के लिये मशीन क्रय की जाए।

नगरपालिक निगम के सहयोग से वर्ष 2018-19 में समूह का एक लाख रुपये का बैंक लिंकेज करवाया गया जिससे लोन की राशि एवं बचत की राशि से समूह द्वारा एक लाख 35 हजार रूपये की मशीन क्रय की गई। आज सभी 6 महिलाएं अपने समय के अनुसार छिन्दवाडा नगर के वार्ड नंबर-20 छोटा तालाब पावर हाउस के पास कई प्रकार के मसाले जैसे हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, मिर्च पाउडर, चाट मसाला, पनीर मसाला, बैंगन मसाला, जीरावन नमक आदि तैयार कर लोकल मार्केट में और काउंटर से बिक्री कर रही हैं।

समय-समय पर यह समूह भोपाल हाट बाजार में भी अपने उत्पादों की बिक्री करने जाता है। वर्तमान में समूह ने अपने उत्पादों की बिक्री सफलतापूर्वक करते हुए बैंक के लोन को भी चुका दिया है। सभी महिलाएं आत्मनिर्भर होकर अपना कार्य कर रही हैं और लगभग 3 हजार रुपए प्रति महिला की आमदनी हर माह हो रही है। समूह से जुड़कर सशक्त हुईं ये महिलाएं शासन और नगरपालिक निगम छिंदवाड़ा को धन्यवाद देती हैं।

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.