रामधून निकालकर जनजागृति की शिविरार्थीयों ने

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रामधून निकालकर जनजागृति की शिविरार्थीयों ने

भू-वैकुंठ अड्याळ टेकडी आश्रम के स्वयंसेवक दे रहे बच्चों को सुसंस्कार

मोहगांव हवेली में चल रहा हैं सुसंस्कार शिविर

श्रीगुरुदेव सेवा मंडल मोहगांव हवेली का आयोजन


छिन्दवाड़ा, (दुर्गेश डेहरिया)। मोहगांव हवेली सौंसर प्रातः जनजागृति के नारों के साथ पूरा मोहगांव हवेली नगर गुंजायमान हो उठा। गुरूवार दिन होने से श्रीगुरुदेव सेवा मंडल की परंपरा अनुसार प्रातः 5 बजे सामुदायिक ध्यान के पश्चात् सुसंस्कार शिविर स्थल स्व. शालिग्राम वंजारी शिक्षा परिसर से सभी शिविरार्थीयोंनें बैंड़ के साथ रामधून निकालकर, पूरे नगर में भ्रमण कर जनजागृति का संदेश दिया।

विगत रविवार से श्रीगुरुदेव सेवा मंडल अर्ध नारीश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर मोहगांव हवेली द्वारा आयोजित सुसंस्कार शिविर के पांचवें दिन बौध्दिक कक्षा भू-वैकुंठ अड्याळ टेकडी के संचालक सुबोधदादा ने, भजन गायन प्रशिक्षक मधुकर टिकले ने, लाठी-काठी, ढाल-तलवार प्रशिक्षक पराग खोकले, यश उरकुडे ने तथा एक्टिविटी की कक्षा रेखाताई गुराडे एवं गंगाताई काकडे ने ली। नैतिक शिक्षा की क्लास देवेन्द्र उपासनी एवं महेन्द्र खरे (डायरेक्टर जनमंगल संस्थान छिन्दवाड़ा) ने ली।

सनफ्लावर स्कूल के प्रिंसिपल प्रभाकर वंजारी ने बताया कि, बच्चों को शैक्षणिक अध्ययन के साथ साथ नैतिक शिक्षा एवं सुसंस्कार भी मिले इस हेतु इस शिविर का आयोजन हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, हम आज शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा के चलते बच्चों को हमारे सनातन भारतीय संस्कार देना भूल रहे हैं। आज शिक्षा के साथ साथ बच्चों में संस्कार भी जरूरी हैं।

उमरानाला से आए शिविरार्थी मोहित कवाडकर, रझाड़ी पिपला के हर्षिद घागरे ने बताया कि, शिविर में सुसंस्कारों के साथ साथ लाठी-काठी, ढाल-तलवार सिखने में आनंद आ रहा हैं। बेरडी से आई शिविरार्थी माही बोरकर एवं रेमंड बोरगांव की संस्कृति ढोके ने कहा कि, प्रातः उठने की दिनचर्या एवं बौद्धिक, आध्यात्मिक जानकारी से हमारा भविष्य को संवारेगा। शिविर में आनंद की अनुभूति हो रही है।

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