केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूर किया भगोड़े घोटालेबाजों पर अंकुश लगाने वाला बिल

Advertisements

NEWS IN HINDI

केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूर किया भगोड़े घोटालेबाजों पर अंकुश लगाने वाला बिल

नई दिल्ली। भगोड़े घोटालेबाजों पर अंकुश लगाने के लिए प्रस्तावित बिल पर केंद्र सरकार की कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है. इस बिल के तहत देश छोड़कर जाने वाले को भगोड़ा घोटालेबाज घोषित किया जाएगा. कैबिनेट ने जिस बिल को मंजूर किया है उसे फ्यूजीटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर बिल कहा जाएगा.

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को दिल्ली के शास्त्री भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि देश छोड़ने वाले घोटालेबाजों पर अंकुश लगाने के लिए यह बिल लाया गया है. इसके लिए लंबे समय से तैयारी चल रही थी. बिल को बजट सत्र के दूसरे हॉफ में पेश किया जाएगा.

जेटली के अनुसार, यह बिल उन्हीं मामलों में मान्य होगा, जहां अपराध 100 करोड़ रुपये से अधिक के हों. बिल के तहत अनुसूचित अपराधियों की पहचान की जाएगी. कोर्ट किसी को भी भगोड़ा घोषित कर सकता है. हालांकि इसके लिए घोटाले की सीमा 100 करोड़ रुपये से अधिक होनी चाहिए. इससे बड़े अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा.

इस कानून में खास बात यह होगी कि भगोड़े व्यक्ति की सिर्फ अपराध द्वारा अर्जित की हुई संपत्ति ही नहीं बल्कि सारी संपत्ति जब्त की जा सकेगी. फिलहाल नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे भगोड़े कानून की कमियों का फायदा उठाते थे और एक बार विदेश भाग जाने के बाद उनके खिलाफ कार्यवाही करने में काफी समय लगता है. नए कानून से यह प्रक्रिया तेज हो सकेगी.

कैबिनेट की बैठक में ही पंजाब नेशनल बैंक और तमाम बैंकों के घोटाले सामने आने के बाद सरकार ने ऑडिटर्स के कामकाज की निगरानी करने वाली भी एक संस्था बनाने का फैसला किया है. इस संस्था का नाम नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग ऑथरिटी (NAFRA) होगा . इस संस्था के दायरे में सभी लिस्टेड कंपनियों और दूसरी बड़ी कंपनियां आएंगी.

ऑडिटर्स के लिए रेगुलेटरी बॉडी बनाने के लिए सरकार को कोई कानून लाने की जरूरत नहीं है. दरअसल, 2013 के कंपनीज एक्ट में ही इस बात का प्रावधान है कि ऑडिटर्स के लिए NAFRA का गठन किया जाए. लेकिन चार्टर्ड अकाउंटेंट लगातार इस बात का दबाव बनाते रहे हैं कि सरकार कंपनी एक्ट के इस प्रावधान का इस्तेमाल नहीं करे और यह मामला लंबे समय से टलता रहा. साल 2014 में कंपनीज एक्ट की बाकी तमाम चीजें तो लागू हो गईं लेकिन ऑडिटर्स के लिए रेगुलेटरी बॉडी बनाने का प्रस्ताव तब से लागू नहीं हुआ. लेकिन एक के बाद एक घोटाले और उसमें ऑडिटर्स की संदिग्ध भूमिका के बाद अब सरकार ने यह कड़ा कदम उठाने का फैसला कर लिया है.

इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2017-18 के बजट भाषण में ऐसे भगोड़ों की संपत्ति जब्त करने को लेकर कानून में बदलाव या नया कानून लाने का वादा किया था. यह आर्थिक अपराध करने वालों को देश छोड़कर भारतीय कानून की प्रक्रिया से बचने वाले आर्थिक अपराधियों पर अंकुश लगाने पर जोर देगा.

विधेयक वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) को आर्थिक अपराधी को भगोड़ा घोषित करने और संपत्ति जब्त करने को लेकर आवेदन देने की अनुमति देगा. एफआईयू वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाली तकनीकी खुफिया इकाई है. मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून के तहत अदालत को मामले की सुनवाई की जिम्मेदारी दी जाएगी.

 

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए लिंक पर क्लिक करके https://www.facebook.com/samacharokiduniya/ पेज को लाइक करें या वेब साईट पर FOLLOW बटन दबाकर ईमेल लिखकर ओके दबाये। वीडियो न्यूज़ देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करे। Youtube

 

NEWS IN ENGLISH

Central cabinet sanctioned bribery scam

new Delhi. The central government cabinet has stamped the bill on the proposed bill to curb the fugitive scamsters. The person who left the country under this bill will be declared a fugitive scam. The bill approved by the cabinet will be called the Fusible Economic Offender Bill.

Union Finance Minister Arun Jaitley said in a press conference held in Delhi’s Shastri Bhawan on Thursday that this bill has been brought to curb the scamsters who are leaving the country. For this long preparation was going on. The bill will be introduced in the second half of the budget session.

According to Jaitley, this bill will be valid only in cases where the crime is more than 100 crore rupees. Scheduled criminals will be identified under the bill. The court can declare anyone a fugitive. However, for this the scam should exceed Rs 100 crore. This will curb the big culprits.

The special thing in this law will be that the fugitive person can be confiscated not only by the property acquired by the crime but all the property seized. At present, fugitives such as Nirav Modi and Vijay Mallya used to take advantage of the deficiencies and once they have fled abroad they take a lot of time to take action against them. The new law will speed up the process.

In the Cabinet meeting, after the Punjab National Bank and all the banks’ scandal, the government has decided to set up an institution to monitor the functioning of the auditors. The name of this institution will be National Financial Reporting Authority (NAFRA). All listed companies and other big companies will come within the scope of this institution.

There is no need to bring any law to the government to make regulatory bodies for the auditors. Actually, there is a provision in the Companies Act of 2013 that the NAFRA should be constituted for the auditors. But the chartered accountants have consistently kept pressurizing the government not to use this provision of the Companies Act and the matter has been going on for a long time. In 2014, the rest of the Company’s Act was implemented, but the proposal to create a regulatory body for the auditors did not come into force. But after the scandal after one and the dubious role of the auditors in it, the government has now decided to take this stern step.

Earlier, in the budget speech of Finance Minister Arun Jaitley in 2017-18, he promised to change the law or bring a new law to seize properties of such fugitives. It will insist on the economic offenders to leave the country and curb economic criminals who avoid the law of Indian law.

Bill will allow the Financial Intelligence Unit (FIU) to furnish an application for declaring the financial offender a fugitive and for seizure of property. FIU is a technical intelligence unit under the Ministry of Finance. Under the Money Laundering Prevention Law, the court will be given the responsibility of hearing the matter.

 

To get the latest updates, click on the link: https://www.facebook.com/samacharokiduniya/Like the page or press the FOLLOW button on the web site and press the OK Subscribe to our YouTube channel to see the video news. Youtube

Advertisements
Advertisements

 

Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.