मुख्य सचिव करेंगे सतना जिले में हुए खनन घोटाले की जांच

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मुख्य सचिव करेंगे सतना जिले में हुए खनन घोटाले की जांच

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सतना के दो गांव सुनोरा और सांल में सरकारी जमीन पर खनन के जरिए एक हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रिकार्ड में हेरफेर कर भू-माफिया ने पट्टे के माध्यम से जमीन अपने नाम कर ली। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और लोक अभियोजक के बार-बार कहने के बाद एफआईआर नहीं हो रही है।

राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने सदन में माना कि सवालों का अध्ययन करने के बाद लग रहा है कि कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है, इसलिए नोटिस दिए हैं। अब तक औपचारिकता हुई है कार्रवाई नहीं। संभागायुक्त की अध्यक्षता में समिति बनाकर जांच कराएंगे। नेता प्रतिपक्ष इस पर सहमत नहीं हुए तो राजस्व मंत्री ने मुख्य सचिव से जांच कराने का आश्वासन दिया।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष ने प्रश्नकाल में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि सतना कलेक्टर संतोष मिश्रा ने 2016 में पत्र लिखा था कि सरकारी जमीन को खुर्द-बुर्द किया गया है। राजस्व अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से दर्जनों गांवों की जमीन के नक्शे गुम हो गए। कई जगहों पर फर्जी नक्शे और भू-अधिकार अभिलेख को प्रचलित कर दिया। इसके मद्देनजर अनुविभागीय अधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष जांच समिति गठित की गई थी। समिति को तीन माह में प्रतिवेदन देना था।

लोक अभियोजक ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों को लिखा कि आरोपी रामानंद सिंह, शिवभूषण सिंह, रामशिरोमणी सिंह, मनोज श्रीवास्तव सहित अन्य के खिलाफ कार्रवाई की जाए लेकिन किसी के ऊपर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। सुनोरा और सांज शहर से लगे गांव हैं। 16 टन की जगह 40-40 टन के ट्रक निकल रहे हैं। भयंकर माइनिंग हो रही है। यह दो तहसील के दो गांव में एक हजार करोड़ रुपए का घपला है। इसकी विधायकों की सर्वदलीय समिति बनाकर जांच की जाए।

राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि प्रश्नों का अध्ययन करने के बाद लग रहा है कि गड़बड़ जरूर है। संभागायुक्त से पूरे जिले के ऐसे मामलों की जांच कराएंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि कलेक्टर के पत्र की जानकारी मेरे पास नहीं है लेकिन लिखा है तो उस भी कार्रवाई होगी। हमें जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं है। जो विधायक इसमें शामिल होना चाहें हम शामिल कर देंगे।

इस पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि हमें जांच में शामिल होने में कोई रूचि नहीं है। जिले के भाजपा, कांग्रेस और बसपा विधायकों की समिति बनाकर जांच करा दें, हकीकत पता चल जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, मुकेश नायक ने भी विषय को गंभीर बताया। राजस्व मंत्री जब सर्वदलीय समिति के लिए सहमत नहीं हुए तो अजय सिंह ने मुख्य सचिव से जांच कराने के लिए कहा, जिस पर वे राजी हो गए।

 

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NEWS IN ENGLISH

Chief Secretary will investigate the mining scam in Satna district

Bhopal. Leader of the Opposition Ajay Singh accused the two villages of Satna Sunora and Sangal on a government land through a mining scam involving a thousand crores scam. He said that by manipulating the record, the land mafia took the name of land through the lease. FIRs are not being filed after the Collector, Superintendent of Police and Public Prosecutor said repeatedly.

Revenue Minister Umashankar Gupta admits in the house that after studying the questions, there is a feeling that something is wrong, hence the notice is given. So far the formalities have taken no action. Committee will be headed by a committee headed by the inquiry committee. If the leader of the opposition did not agree on this, the Revenue Minister assured the Chief Secretary to conduct an investigation.

As soon as the proceedings of the House began, the leader of the Opposition raised this issue during Question Hour. He said that Satna collector Santosh Mishra had written a letter in 2016 that the government land has been looted. Due to the collusion of revenue officials and employees, the land map of dozens of villages was lost. In many places, the fake maps and land rights records have been introduced. In view of this, a Special Investigation Committee was constituted under the chairmanship of the departmental officers. The committee had to submit the report in three months.

Public prosecutor wrote to both the Collector and the Superintendent of Police that action should be taken against the accused including Ramanand Singh, Shivabhushan Singh, Ramshiromani Singh, Manoj Shrivastav, but no FIR has been registered on anyone. Sunora and Sanj village are a village. Instead of 16 tons, 40-40 tons of trucks are coming out. Fierce mining is happening. Two villages of two tahsils have a problem of Rs 1000 crore. All its members should be examined by making an all-party committee.

Revenue Minister Umashankar Gupta said that after studying the questions, it is happening that the mess is definitely happening. We will investigate such cases of the entire district from the accused. He acknowledged that the information of the letter of the collector is not with me but written, that action would also be taken. We have no objection to the investigation. We will include the legislators who wish to join.

Leader of the Opposition Ajay Singh said that we are not interested in joining the investigation. Make a committee of BJP, Congress and BSP legislators in the district and check it, will know the reality. Former Chief Minister Babulal Gaur, Mukesh Nayak also called the subject as serious: When the Revenue Minister did not agree with the All Party Committee, Ajay Singh asked the Chief Secretary to conduct an inquiry, on which he agreed.

 

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