मध्यप्रदेश में फरवरी से कांग्रेस का ‘घर वापसी’ अभियान

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NEWS IN HINDI

मध्यप्रदेश में फरवरी से कांग्रेस का ‘घर वापसी’ अभियान

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस छोड़कर भाजपा या अन्य दल का दामन थामने वाले नेताओं के लिए कांग्रेस जल्द ही ‘घर वापसी” अभियान चलाने वाली है। इसके लिए प्रदेश के दिग्गज नेताओं और अभा कांग्रेस के महासचिव प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया की बैठक होने वाली है। बैठक के बाद रणनीति के तहत अभियान पर काम होगा। सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनाव 2018 के लिए कांग्रेस ने अलग-अलग मुद्दों पर रणनीति बनाना शुरू कर दी है। कांग्रेस में रहे कई जनाधार वाले नेताओं को भाजपा से वापस लाने की रणनीति भी तैयार की जा रही है। इसके लिए प्रदेश प्रभारी महासचिव बाबरिया ने काम शुरू कर दिया है। अब अगले महीने प्रदेश के दिग्गज नेताओं के साथ बैठक करने वाले हैं। उनके सामने ‘घर वापसी” अभियान पर चर्चा की जाएगी। सूत्र बताते हैं कि पार्टी का साथ छोड़कर जाने वाले नेताओं में से कुछ नामों को लेकर मौजूदा नेताओं की सहमति मिलने की उम्मीद कम जताई जा रही है। मगर पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं को आशा है कि कुछ नेताओं पर सभी नेताओं की एकराय बन जाएगी।

ये नेता कांग्रेस से भाजपा पहुंचे
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ा है। कुछ नेताओं ने तो ऐसे मौके पर पाला बदला जिससे पार्टी मुसीबत में खड़ी नजर आई थी। 2013 में अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विधानसभा में उपनेता चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी और लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों की घोषित सूची में शामिल डॉ. भागीरथ प्रसाद व सांसद राव उदयप्रताप सिंह के नाम कांग्रेस में प्रमुखता से लिए जाते हैं।

ये प्रमुख नेता जिन्होंने कांग्रेस छोड़ी
1. चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी
2. राव उदयप्रताप सिंह
3. डॉ. भागीरथ प्रसाद
4. संजय पाठक
5. सुदेश राय
6. दिनेश राय मुनमुन
7. मानवेंद्र सिंह
8. बालेंदु शुक्ल
9. परसराम मुद्गल
10. महेंद्र पटेल
11. निशीथ पटेल

पार्टी छोड़ गए नेताओं की वापसी पर चर्चा
कुछ लोग निजी राजनीति के कारण पार्टी छोड़कर चले जाते हैं लेकिन उन्हें समझ आ जाती है कि भाजपा में उनका सम्मान नहीं है। इसलिए जिस तरह 1962 में पंडित जवाहरलाल नेहरू और यूपीए सरकार के समय सोनिया गांधी ने कई नेताओं को पार्टी में वापस लिया था, उसी तरह मप्र में काम करेंगे।
दीपक बाबरिया, महासचिव, अभा कांग्रेस कमेटी व प्रदेश प्रभारी

 

 

NEWS IN English

Congress’s ‘Homecoming’ campaign from February in Madhya Pradesh

Bhopal. The Congress is going to launch a “Homecoming” campaign soon for the BJP or other party leaders who are leaving the Congress in Madhya Pradesh, which is going to be held in the meeting of state’s senior leaders and in-charge of the ABA Congress, State Chairperson Deepak Babariya. According to the sources, the Congress will have to work on different issues for the assembly elections 2018. There is a strategy to bring back many leaders of the Congress in the Congress from the BJP, for this, the state-in-charge general secretary Babriya has started work, now next month there will be meeting with the state’s veteran leaders. The “Homecoming” campaign will be discussed in front of them. Sources reveal that the hopes of getting the consent of the current leaders are being expressed less about some of the names of the leaders who left the party. But some prominent leaders of the party hope that some leaders will be united on all the leaders.

These leaders reach BJP from Congress
After the formation of BJP government in the state, many Congress leaders have left the party. Some leaders changed their minds on such an occasion that the party was standing in trouble. In the announcement of the non-confidence motion in 2013, Chaudhary Rakesh Singh Chaturvedi, Deputy Leader in the Legislative Assembly and Dr. Bhagirath Prasad and MP Rao Uday Pratap Singh, who are included in the declared list of candidates in the Lok Sabha elections, are prominently named in the Congress.

These prominent leaders who left the Congress
1. Chaudhary Rakesh Singh Chaturvedi
2. Rao Uday Pratap Singh
3. Dr. Bhagirath Prasad
4. Sanjay Pathak
5. Sudesh Rai
6. Dinesh Rai Munmun
7. Manvendra Singh
8. Balendu Shukla
9. Parasram Mudgal
10. Mahendra Patel
11. Nishith Patel

Discussion on the return of party Leaders
Some people leave the party due to personal politics but they understand that they are not respected in BJP. Therefore, in 1962, when Sonia Gandhi withdrew many leaders in the party during the Jawaharlal Nehru and UPA government, in the same way, she will work in the MP.
Deepak Babaria, Secretary General, ABA Congress Committee and State Incharge

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