बिजली मीटर रीडर की मनमानी से उपभोक्ताओं की जेब ढीली

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बिजली मीटर रीडर की मनमानी से उपभोक्ताओं की जेब ढीली

बिजली बिल और मीटर में रीडिंग अलग अलग आंकड़े


जुन्नारदेव, (दुर्गेश डेहरिया)। तहसील के एम पी ई बी विभाग उपभोक्ताओं को जरूरत से ज्यादा का बिल थमा रहे हैं। मीटर रीडिंग कुछ और आ रही है और बिल अनावश्यक रूप से उपभोक्ताओं को थमा रहे हैं कर्मचारी अधिकारी से बात करने पर अधिकारी अपना पल्ला झाड़ते हुए शिकायत का निराकरण करने में असमर्थ नजर आ रहे है। जुन्नारदेव विद्युत वितरण केंद्र के जे ई से इस संबंध में शिकायत करने पर भी निराकरण प्राप्त नहीं हुआ, जिस के संबंध में उन्होंने कहा की ओवर रीडिंग का समय ज्यादा हो गया है जिसकी वजह से उसमें सुधार नहीं हो सकता। विद्युत विभाग के कर्मचारियों की गलती का भुगतान उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।

एमपीईबी मनमानी कर रही है और उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं जरूरत से ज्यादा बिल देने के बाद भी अधिकारी उपभोक्ताओं की सुनवाई नहीं कर रहे, और ना ही उनके बिल में किसी प्रकार से सुधार कर रहे हैं।

ऐसे ही उपभोक्ता राकेश कुमार बारासिया निवास पुरानी बस्ती वार्ड no 2 का बिजली का बिल जिसका सर्विस क्रमांक 1246003902 है जो कि प्रति माह 250 या 300 प्राप्त होता था दिसंबर माह में अचानक 2240 रुपए का आ गया। जिसे लेकर उपभोक्ता ने विद्युत वितरण केंद्र में शिकायत की, जिसके एवज में उन्हें कहा गया की आपके बिल में सुधार हो जाएगा।

मगर 3 महीने बीतने के बाद भी अभी तक बिजली के बिल में सुधार नहीं हो पाया है बिजली बिल के अनुसार फरवरी माह में वर्तमान रेटिंग 3625 छप कर आया है जबकि मीटर में 3443 रीडिंग शो हो रही है मतलब 182 यूनिट ओवर रीडिंग का चार्ज एमपीईबी उपभोकता से जबरदस्ती वसूल रही है। और गलत बिल का भुगतान न करने पर लाइन काटने की धमकी देते है। उपभोक्ता ने सुनवाई नहीं होने पर 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई है और सरकार से मदद की गुहार लगाई है बावजूद इसके भी अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे।

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इनका कहना है –

ओवर रीडिंग को 3 महीने हो चुके है इतने पुराने बिल की रीडिंग का सुधार नही किया जा सकता।

सुंदर आहके, जेई विद्युत वितरण केंद्र, जुन्नारदेव

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