कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम की रिमांड तीन दिन और बढ़ाई

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कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम की रिमांड तीन दिन और बढ़ाई

नई दिल्ली : आइएनएक्स मीडिया घूस कांड मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सीबीआइ की मांग पर पटियाला हाउस कोर्ट ने कार्ति की रिमांड तीन दिन और बढ़ा दी है।

मंगलवार को सीबीआइ ने पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष न्यायाधीश सुनील राणा की अदालत में कार्ति को पेश किया और रिमांड अवधि नौ दिन बढ़ाने की मांग की। जांच एजेंसी ने कहा कि मामले में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं और इस संबंध में कार्ति से पूछताछ करना जरूरी है। सीबीआइ की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि कार्ति से चार दिनों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अपने मोबाइल फोन का पासवर्ड भी नहीं बताया है। जांच एजेंसी ने कहा कि हर सवाल पर कार्ति का बस एक ही जवाब होता है कि उन्हें राजनीतिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। जांच एजेंसी ने कहा कि मामले से जुड़े गवाहों से संपर्क किया जा रहा है और सुबूतों को नष्ट किया गया है। सीबीआइ ने बताया कि प्रकरण में एक दिन पहले ही कुछ नए तथ्य सामने आए हैं, जिसके बारे में अभी ज्यादा नहीं बता सकते। नए तथ्यों के बारे में पूछताछ के लिए उसे कार्ति की नौ दिन की रिमांड चाहिए। सीबीआइ ने इस दौरान यह कहते हुए कार्ति चिदंबरम को जमानत देने का विरोध किया कि उसके पास लेन-देन के पुख्ता सुबूत हैं, अगर जमानत दी गई तो केस प्रभावित होगा। सीबीआइ ने कहा कि कार्ति की जमानत याचिका पर व्यापक जवाब देने के लिए उसे दो सप्ताह का समय दिया जाए। कोर्ट ने कार्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई 9 मार्च तक के लिए टाल दी। वहीं, दूसरी तरफ कार्ति चिदंबरम के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सीबीआइ पर कोई न कोई आधार बनाकर कार्ति को रिमांड पर रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपनी बेटी की हत्या के मामले में जेल में बंद इंद्राणी का बयान क्या स्वीकार योग्य है। उन्होंने पूछा कि क्या कार्ति चिदंबरम कोई आतंकी हैं, हिरासत में लिए बगैर जिनसे पूछताछ नहीं की जा सकती। इस दौरान पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम व उनकी पत्नी नलिनी चिदंबरम भी कोर्ट रूम में मौजूद रहे। अदालत ने उन्हें अपने बेटे से मिलने के लिए 10 मिनट का समय दिया। गौरतलब है कि यह मामला 2007 में पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान आइएनएक्स मीडिया के 305 करोड़ रुपये विदेशी फंड हासिल करने से जुड़ा है। आरोप है कि आइएनएक्स मीडिया ने फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड क्लीयरेंस (एफआइपीबी) हासिल करने में अनियमितता बरती थी। सूत्रों के मुताबिक आइएनएक्स मीडिया की पूर्व निदेशक इंद्राणी मुखर्जी ने सीबीआइ को बयान दिया है कि कार्ति ने एफआइपीबी क्लीयरेंस के लिए उनसे 6.5 करोड़ रुपये की मांग की थी।

 

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NEWS IN ENGLISH

Court gives reminder of Karti Chidambaram three days

New Delhi: The problems of Karti Chidambaram, son of former finance minister P. Chidambaram, who is arrested in connection with the INX media fraud case, can increase. On the demand of the CBI, the Patiala House Court has extended Kati’s remand three days more.

On Tuesday, the CBI introduced Karti in the court of Special Judge Sunil Rana, Patiala House Court and demanded remand period of nine days. The investigating agency said that some new facts have arisen in the matter and it is necessary to inquire Karti in this regard. On behalf of the CBI, Additional Solicitor General Tushar Mehta told the court that Karti is being questioned for four days, but he is not cooperating in the investigation. He has not even told his mobile phone password. The investigating agency said that Karti has only one answer on every question that he is being harassed politically. The investigating agency said that witnesses connected with the case are being contacted and the bodies have been destroyed. The CBI said that some new facts have been revealed in the case just a day before, which can not say much about it yet. For inquiries about new facts, she needs nine days reminder of Karti. During this, the CBI opposed the bail granted to Karti Chidambaram saying that he has strong evidence of transaction, if the case is granted, the case will be affected. The CBI said that it would be given two weeks time to give comprehensive answers to Kati’s bail petition. The court deferred the hearing on Karti’s bail plea till March 9. At the same time, on the other hand, Karti Chidambaram’s lawyer Abhishek Manu Singhvi accused Karti of removing Karti by making any basis on the CBI. He said that what Indrani’s statement in prison in the case of killing his daughter is acceptable. They asked if Karti Chidambaram is a terrorist, without detention, who can not be questioned. Meanwhile, former Finance Minister P. Chidambaram and his wife Nalini Chidambaram were also present in the court room. The court gave them 10 minutes to meet their son. It is worth mentioning that while the case was in 2007, P. Chidambaram was the Finance Minister, adding Rs 305 crores of INX media to foreign funding. It is alleged that the INX Media used to have irregularities in securing the Foreign Investment Promotion Board Clearance (FIPB). According to sources, Indrani Mukherjee, former director of the INX Media, has told the CBI that Karti had demanded 6.5 million rupees from him for the FIPB clearance.

 

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