माहौल ऐसा बनाओ की सुरक्षित महसूस कर सके बेटियाँ – संजय शुक्ला

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NEWS IN HINDI

माहौल ऐसा बनाओ की सुरक्षित महसूस कर सके बेटियाँ – संजय शुक्ला

जिले के 17 थानों में हुआ सम्मान-सुरक्षा-स्वरक्षा संवाद कार्यक्रम

बेटियों के अनुकूल माहौल बनाने कलेक्टर-एसपी ने भी की अपील

बैतूल। आज समाज में जहां देखो वहां से बच्चों के साथ अनैतिक कृत्यों की घटनाएं प्रकाश में आ रही है। इन बच्चियों को जब तक सुरक्षित माहौल नहीं देंगे तब तक हमारे बच्चे सुरक्षित रूप से नहीं रह पाएंगे और वह किसी ना किसी हैवान की हवस का शिकार बनेंगे। हमें समाज में ऐसा माहौल बनाना है कि बेटे-बेटियां स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें। यह बात कोतवाली बैतूल में सम्मान-सुरक्षा-स्वरक्षा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण विभाग के मेंटर संजय शुक्ला ने कही। श्री शुक्ला ने कहा कि जब तक अभिभावक जागरूक नहीं होंगे तब तक समाज में बच्चे लैंगिक अत्याचार, शोषण का शिकार होते रहेंगे इसके लिए अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों को ऐसा माहौल प्रदान करें यदि किसी बच्चे के साथ पहली मर्तबा छेड़छाड़ या अश£ील हरकतें होती है तो वह तुरंत खुलकर अपने साथ घटी घटना अपने माता-पिता से नि:संकोच कह सकें। जिले के सभी थानों में आयोजित सम्मान सुरक्षा-स्वरक्षा संवाद कार्यक्रम की मानीटरिंग भी कलेक्टर- एसपी सतत् करते रहे। कार्यक्रम में न्यायाधीशगण भी उपस्थित थे।

कलेक्टर-एसपी ने भी किया संबोधित
कार्यक्रम का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर शशांक मिश्र, एसपी डीआर तेनीवार ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यही कहा कि बेटियों के अनुकूल माहौल बनाने सभी मिलकर पहल करें ताकि समाज में स्वच्छ-सुंदर माहौल का निर्माण हो सके। इस अवसर पर कोतवाली टीआई राजेश साहू, सीडीपीओ रंजना जोशी, श्वेता वालम्बे, औचित्य पांडे ने भी अलग-अलग िविषयों प्रकाश डाला। कार्यक्रम में डीपीओ सुमन पिल्लई, महिला सशक्तिकरण अधिकारी राधेश्याम वर्मा, थाना स्टाफ के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बेटियाँ और नागरिक उपस्थित थे। वहीं गंज थाने में मेंटर श्रीमती शिखा भौरासे ने विधिक साक्षरता और पीडि़त प्रतिकर के विषय में विस्तार से बताया। वहीं अर्चना तिवारी ने घरेलू हिंसा के विषय में संबोधित किया।

साढ़े तीन घंटे चला कार्यक्रम
जिले के सभी 17 थानों में एक साथ-एक समय पर ठीक 1:30 बजे सम्मान-सुरक्षा-स्वरक्षा संवाद कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया। इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा मुद्दे संवेदीकरण, विधिक साक्षरता, पास्को अधिनियम 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015, घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, पीडि़त प्रतिकर योजना के विषय में जहां उपस्थित जनसमुदाय को विस्तार से बताया गया वहीं कार्यक्रम के दौरान दो फिल्म कोमल और महिला अपराधों के प्रति जागरूकता पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा उपस्थित लोगों को अपराध और अधिनियम के विषय में बताते हुए इसका पुरजोर तरीके से विरोध करने की अपील की गई। कार्यक्रम का समापन 4:30 बजे किया गया। अंत में प्रभार प्रदर्शन थाना प्रभारियों द्वारा किया गया।

सभी थानों में क्यों हुआ आयोजन
सम्मान-सुरक्षा-स्वरक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन- महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से इसलिए किया गया क्योंकि अक्सर देखने में आ रहा है कि प्रदेश में लैंगिक अपराध दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। इनकी चपेट में आए दिन 18 वर्ष से कम उम्र के बेटे और बेटियां आ रही है। इसके साथ ही घरेलू हिंसा के प्रकरण भी दिनों दिन बढ़ रहे हैं। सरकार की ऐसी सोच है कि इस तरह के कार्यक्रमों को करने से जहां लोगों में जागरूकता आएगी वहीं वह खुलकर ऐसे अपराधों को अब छुपाने के बजाए इसका ना सिर्फ विरोध करेंगे बल्कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी। इस दौरान हेल्पलाइन नंबर 1098, 1090, 181, डायल 100 के विषय भी विस्तार से कोतवाली टीआई राजेश साहू द्वारा बताया गया।

 

NEWS IN English

Daughters That Make the Environment Feel Secure – Sanjay Shukla
 
Hon’ble security-self-defense dialogue program in 17 stations of the district

Collector-SP also appeals to daughters to create friendly atmosphere
 
Betul In today’s society, where the incidents of unethical acts are coming out in light from the children. Until these girls give a safe environment, our children will not be able to stay safely and they will become the victims of somehow the wishes of a hawaii. We have to create such an environment in society that sons and daughters can feel secure themselves. Addressing the issue of respect-protection-self-awareness dialogues in Kotwali Betul, Manor Sanjay Shukla of the Women’s Empowerment Department said. Shri Shukla said that unless parents are aware, children will continue to be victims of sexual abuse, exploitation, and parents have the responsibility to provide such an environment to their children if the first person with any child is compromised If there is an act, then he can openly speak openly with his parents about the events that happened to him. Monitoring of the respected security-self-awareness dialogue program held in all the locations of the district, also continued to collect collector-SP. Judges were also present in the program.

Collector-SP also addressed
The Collector, Shashank Mishra, who came to inspect the program, SP DR Taneewar also said in the program that making alliances together with the daughters should be initiated so that a clean environment can be created in the society. On this occasion, TI Rajesh Sahu, CDPO, Ranjana Joshi, Shweta Valmbe, and Lokichitra Pandey also highlighted different issues. A large number of women, daughters and citizens were present in the program including DPO Suman Pillai, women’s empowerment officer Radheshyam Verma, officer and staff of police staff. At the same time, in the Ganj Police Station, Mentor Mrs. Shikha Bharassa explained in detail the legal literacy and the victim compensation. At the same time, Archana Tiwari addressed the issue of domestic violence.

Three-and-a-half hour program
The Honor -Secondary-Self-Defense dialogue program was started at 1:30 pm at one time in all 17 stations of the district. During this period, in the context of the security issues of women, sensitization, legal literacy, Posco Act of 2012, the Juvenile Justice Act 2015, the Domestic Violence Act 2005, the affected compensation scheme, where the present population was explained in detail, while during the program, two film soft and women crimes Movies based on Awareness were also demonstrated. During this, people present by the subject experts, appearing to protest against the crime and the act, strongly opposed it. The program concluded at 4:30 In the end, the charge was performed by police station in charge.

Why did all the events happen in the police station
The respect-security-self-defense dialogue program was organized jointly by the State Government, District Administration- Women and Child Development Department, Police Department, because it is often seen that sexual crimes in the state are increasing day by day. The sons and daughters under the age of 18 are coming in the grip of them. In addition, cases of domestic violence are increasing day by day. The Government’s thinking is that by doing such programs, where awareness will arise, people will not only oppose it instead of hiding such crimes, but the police will also file a complaint against the criminals. During this time, the helpline number 1098, 1090, 181, Dial 100 was also explained in detail by TI Rajesh Sahu.

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