दावोस : सरकारी मदद के बिना भी महत्वाकांक्षी योजना “उड़े देश का आम नागरिक” (उड़ान)’ के रूट फायदेमंद

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दावोस : सरकारी मदद के बिना भी महत्वाकांक्षी योजना “उड़े देश का आम नागरिक” (उड़ान)’ के रूट फायदेमंद

दावोस। रीजनल एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “उड़े देश का आम नागरिक” (उड़ान) बड़ी उपलब्धि है। सरकार से किसी मदद के बिना भी वित्तीय रूप से इसके रूट फायदेमंद हैं। घरेलू एयरलाइन स्पाइसजेट के प्रमुख अजय सिंह ने यह बात कही। सिंह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक में हिस्सा लेने दावोस पहुंचे हैं। उड़ान योजना में हवाई यात्रा में लगने वाले समय के हिसाब से किराये की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। इसमें संचालन करने वाली एयरलाइन के नुकसान की भरपाई वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के रूप में सरकार करती है। वीजीएफ का 80 फीसद हिस्सा केंद्र सरकार देती है, जबकि बाकी संबंधित राज्य सरकार को देना होता है। स्पाइसजेट को पहले और दूसरे चरण की बोली में उड़ान के तहत कई रूट पर हवाई सेवाएं संचालित करने की मंजूरी मिली है। सिंह ने बताया, “उड़ान के तहत हमारी नीति यह है कि जहां जरूरत नहीं पड़ेगी, हम सरकार से वीजीएफ नहीं लेंगे। इससे सरकार जरूरी जगहों पर इस पैसे का इस्तेमाल कर सकेगी। अब तक हमने जिन रूट पर संचालन किया है, उनमें से कहीं हमें वीजीएफ लेने की जरूरत नहीं पड़ी है। यहां हवाई सेवाओं का संचालन फायदेमंद रहा है।”

प्रभु ने डब्ल्यूटीओ के सदस्य देशों के मंत्रियों को दिया न्योता
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सदस्य देशों के मंत्रियों को भारत आने का न्योता दिया है। यहां मार्च में सदस्य देशों की एक मंत्रिस्तरीय बैठक का आयोजन किया जाएगा। डब्ल्यूईएफ की सालाना बैठक में हिस्सा लेने दावोस पहुंचे प्रभु ने बताया कि यहां डब्ल्यूटीओ की ओर से आयोजित मंत्रिस्तरीय भोज में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मंत्रियों को आमंत्रित किया। वाणिज्य मंत्री ने यहां डब्ल्यूईएफ में विभिन्न सीईओ, बैंकरों, निवेशकों, मंत्रियों और उद्यमियों संग करीब 100 बैठकें कीं।

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेज विकास के लिए तैयार भारत
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि भारत डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, मैन्यूफैक्चरिंग और अन्य क्षेत्रों में तेज विकास के लिए तैयार है। डब्ल्यूईएफ के एक सत्र को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी में तेज विकास समाज के लिए बेहतर होगा। मंत्री के मुताबिक, लोगों को तकनीक के इस्तेमाल के लिए तैयार करना और दुरुपयोग की आशंकाएं खत्म करने के लिए सही नियमन बड़ी चुनौतियां हैं।

नियमन से बढ़ेगा क्रिप्टो करेंसी पर भरोसा
कई देश बिटक्वाइन जैसी विभिन्न क्रिप्टो करेंसी से फायदा उठाने की तैयारी में हैं। ऐसे में सरकारी नियमन से इनमें लोगों का भरोसा बढ़ेगा। डब्ल्यूईएफ में जुटे विशेषज्ञों ने यह राय दी है। स्विट्जरलैंड की इंडेक्स वेंचर के सह संस्थापक नील रीमर ने इनके नियमन की जरूरत पर जोर दिया। स्वीडिश सेंट्रल बैंक की डिप्टी गवर्नर सेसीलिया किंग्स्ले ने बताया कि स्वीडन “ई-क्रोना” के नाम से अपनी डिजिटल करेंसी लाने की तैयारी कर रहा है। किंग्स्ले का कहना है कि आने वाले दिनों में पारंपरिक मुद्राओं चलन खत्म हो जाएगा और उसकी जगह डिजिटल करेंसी ले लेगी।

 

NEWS IN English

Davos: Even without the help of the government, the ambitious scheme “Root Benefit of the Flying Common Country” (Flight) ‘

Davos The government’s ambitious plan to increase regional air connectivity is “a common citizen of the country flying” (flight) is a big achievement. Without any help from the government, its funds are economically beneficial. Ajay Singh, the head of the domestic airline SpiceJet, said this. Singh has reached Davos to participate in the annual meeting of the World Economic Forum (WEF). In the flight scheme, the maximum limit of rent has been fixed according to the time required for air travel. In this, the government does not compensate the airline’s losses as viability gap funding (VGF). The central government gives 80 percent of the VGF, while the rest is to be given to the state government. SpiceJet has got approval to operate aerial services on several routes under the flight in the first and second quotes. “Our policy under the flight is that wherever we will not need, we will not take VGF from the government, so that the government will be able to utilize this money at the necessary places,” Singh said. We do not have to take VGF, here the operation of air services has been beneficial. “

Invitation to the Ministers of the Member States of the WTO
Commerce and Industry Minister Suresh Prabhu has invited the ministers of the World Trade Organization (WTO) member countries to come to India. Here in March, a Ministerial meeting of member countries will be organized. He reached Davos to participate in the annual meeting of the WEF, Prabhu said that he personally invited the ministers at a ministerial dinner hosted by the WTO here. The Commerce Minister has held close to 100 meetings with various CEOs, bankers, investors, ministers and entrepreneurs in the WEF here.

India ready for rapid development in the field of technology
Union Minister Dharmendra Pradhan says that India is ready for rapid development in digital technology, energy, manufacturing and other sectors. Addressing a semester of WEF, Pradhan said that faster development in digital technology would be better for society. According to the Minister, proper regulation is a major challenge for people to prepare for the use of technology and to eliminate the possibility of misuse.

Regulation will increase on crypto currency
Many countries are preparing to take advantage of various crypto currencies like BitQuinn. In such a situation, government regulation will increase the confidence of the people. Experts gathered in the WEF have given this opinion. Neil Reimer, co-founder of Switzerland’s index venture, emphasized the need for their regulation. Swedish Central Bank deputy governor Seychelia Kingsley said Sweden is preparing to bring its digital currency under the name “e-krona”. Kingsley says that in the days to come, traditional currencies will be over and currency will be replaced by digital currency.

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