डीएनए टेस्ट नेताजी की मौत पर संदेह को खत्म कर देगा : अनीता बोस

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डीएनए टेस्ट नेताजी की मौत पर संदेह को खत्म कर देगा : अनीता बोस

नई दिल्ली। नेताजी की अस्थियों का डीएनए टेस्ट (परीक्षण) उनकी मृत्यु को लेकर लोगों के संदेह को दूर करेगा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस-फाफ यही मानती हैं। यद्यपि वह कहती हैं कि यह तभी संभव होगा जब नेताजी के अंतिम संस्कार के बाद शेष हड्डियों से डीएनए निकाला जा सके। देश आज नेताजी की 121वीं जयंती मना रहा है। अनीता बोस ने यह विचार आशीष रे द्वारा लिखी गई ‘लेड टू रेस्ट : द कंट्रोवर्सी ओवर सुभाष चंद्र बोस डेथ’ नामक नई किताब में व्यक्त किए हैं। सितंबर, 1945 से टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में रखी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियां रखी हुईं हैं। माना जाता है कि 18 अगस्त 1945 को ताइवान में एक हवाई दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी।

किताब की भूमिका में अनीता बोस ने लिखा है, ‘नेताजी की अस्थियों का डीएनए परीक्षण कराना उन लोगों को सुबूत देने का एक संभावित विकल्प है, जो अगस्त 1945 में ताइहोकू में नेताजी की मौत को लेकर संदेह जताते हैं। हालांकि इस कोशिश के लिए भारत और जापान की सरकार को तैयार होना होगा।’
अनीता बोस के अनुसार, अगर 1940 के दशक के बाद उपलब्ध सामान्य जानकारी पर विचार किया जाए, तो यह समझ में आता है कि उस वक्त नेताजी के साथ क्या हुआ था, उसे लेकर लोगों में अनिश्चितता थी। आखिरकार, उस समय कुछ दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए थे। 1950 में मृत्यु होने तक शरत चंद्र बोस भी इस बात को लेकर दृढ़ थे कि उनके प्रिय भाई का निधन नहीं हुआ है।

उनके इस विश्वास ने एमिली की उस उम्मीद को बरकरार रखा, कि उनके पति जीवित बच गए हैं। हालांकि 1950 के दशक के मध्य में जिस तरह के साक्ष्य उपलब्ध कराए गए, उनसे नेताजी के निधन के बारे में सिर्फ एक कहानी सामने आई कि 18 अगस्त, 1945 को एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी।

 

NEWS IN English

DNA test will eliminate doubts on Netaji’s death: Anita Bose

new Delhi. Netaji’s bone DNA test (test) will remove people’s doubts about his death. Anita Bose-Phaf, daughter of Netaji Subhash Chandra Bose believes this. Although she says that this would only be possible if DNA could be removed from the remaining bones after Netaji’s funeral. The country is celebrating the 121st birth anniversary of Netaji. Anita Bose has expressed this idea in a new book titled ‘Lead to Rest: The Controversy Over Subhash Chandra Bose Death’ by Ashish Ray. Bones of Netaji Subhash Chandra Bose, kept in the Renkoji temple in Tokyo since September, 1945, have been kept. It is believed that he died in an air crash in Taiwan on August 18, 1945.

In the role of the book, Anita Bose has written, “The DNA test of Netaji’s bones is a possible option for giving evidence to those people who suspect Netaji’s death in Taihoku in August 1945. However, for this effort, the government of India and Japan will have to be ready.
According to Anita Bose, if the general information available after the 1940s is considered, then it is understood that there was uncertainty among the people about what happened to Netaji at that time. After all, some documents were not made public at that time. Until the death in 1950, Sharat Chandra Bose was too determined to believe that his dear brother had not passed away.

His belief kept Amelie’s hope that his husband had survived alive. However, in the mid-1950s, only a story about the passing away of Netaji by the kind of evidence was made that he died in a plane crash on August 18, 1945.

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