आठनेर में भी किसान आंदोलन की आहट,पारसडोह डेम का पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों ने की बैठक

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आठनेर में भी किसान आंदोलन की आहट,पारसडोह डेम का पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों ने की बैठक

प्रकाश खातरकर
बैतूल/आठनेर। ताप्ती नदी पर बन रहे पारसडोह डेम का पानी नहर के माध्यम से सिंचाई के लिए आठनेर नहीं पहुंचने पर क्षेत्र के किसान आंदोलन की राह पर है। जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्र्वासन देने के बाद में भी पारसडोह डैम के सिंचाई एरिया में आठनेर को शामिल नहीं किया गया है। जिले के रेगिस्तान के नाम से पहचाने जाने वाले आठनेर में सिंचाई के लिए भूमिगत जलस्रोतों के सिवाय अन्य कोई साधन नहीं है। यहां के किसान केवल बारिश की ही फसल ले पाते हैं। कई वषोर् से किसानों ने डैम के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की थी। पारसडोह डैम बनने से इनकी उम्मीदें बढ गई थी, लेकिन ब्लॉक के बडे हिस्से को इससे नहीं जोडा गया। इसके चलते रविवार को नगर के किसानों और व्यापारियों ने राम मंदिर में बैठक लेकर आगामी आंदोलन की रूपरेखा बनाई। बस स्टैंड तक रैली निकालकर पारसडोह डैम का पानी नहर के माध्यम से आठनेर क्षेत्र में लाने के लिए आंदोलन करने का निर्णय लिया। शहर के सभी किसान और व्यापारी मंगलवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन देकर पारसडोह डेम का पानी नहर के माध्यम से आठनेर, धामोरी, गुनखेड, बरखेड, गुजरमाल सहित अन्य गांव तक पहुंचाने की मांग करेंगे। किसान पिंटू शिंदे मृदुल जायसवाल, सौरभ वागधे, अमित जायसवाल, हनुमंत कनाठे, वामन झोड, आलोक मुलिक, फिरोज सिद्दीकी, धीरज लहरपुरे नितिन शिंदे अन्य किसानों ने बताया कि आठनेर में सात सौ से आठ सौ फीट की गहराई तक ट्यूबवेल खनन के बाद में भी पानी नहीं मिलता है। यहां के किसान केवल एक ही फसल पर निर्भर है। पारसडोह डेम का पानी नहर के माध्यम से मिलने पर क्षेत्र की आर्थिक प्रगति होंगी और किसानों की आर्थिक दिक्कतें भी दूर होंगी। किसानों ने सभी नागरिकों और व्यापारियों से उनकी मांगों के समर्थन में मंगलवार को तहसील कार्यालय तक पहुंचने का आग्रह किया है। किसानों की रैली राम मंदिर से प्रारंभ होकर तहसील कार्यालय तक जाएगी। किसानों की रविवार को हुई बैठक में बडी संख्या में आठनेर सहित अन्य गांवों के किसान मौजूद थे। किसान उमेश लहरपुरे सूरज लहरपुरे, श्री गावंडे ने कहा कि आठनेर मे पानी लाने के लिए सभी नागरिकों और राजनैतिक दलों से सहयोग मांगा है।

किसानों की नाराजगी पड सकती है भारी
आठनेर क्षेत्र के किसान पारसडोह डैम का पानी सिचाई के लिए नही मिलने से नाराज है। यहा का व्यापार भी किसानों से जुडा है। सिचाई के लिए कोई साधन नहीं होने से खेती और व्यापार दोनों प्रभावित हो रहे हैं । यह नाराजगी आगामी चुनाव में भारी पड सकती है। किसानो के साथ व्यापारी वर्ग भी पारसडोह डैम का पानी आठनेर तक पहुंचाने की मांग कर रहे हैं।

 

NEWS IN English

Farmer’s agitation at Etherar also caused noisy water from Parsodoh Dame

PRAKASH KHATARKAR
Betul / Einner Farmers of the region are on the path of agitation if land not reaching for the irrigation through the Dham water canal of Parsadoha river on Tapti river. Even after giving the assurance by the people’s representatives, eighteen has not been included in the irrigation area of ​​Parsadoham Dam. Eighteen identified by the name of the district’s desert has no other means except underground water sources for irrigation. The farmers here can only harvest crops. For many years, farmers demanded water supply for irrigation through dam. Their hopes had increased due to the formation of the Parsadohm Dam, but the larger part of the block was not attached to it. On this, the farmers and traders of the town outlined the forthcoming movement by taking a meeting in Ram temple on Sunday. By taking the rally to the bus stand and deciding to move the Parsdoh Dam through the water canal to bring it to the area of ​​Amner. All the farmers and businessmen of the city reached the Tehsil office on Tuesday and demanded the CM Shivraj Singh Chauhan’s name to be passed through the water canal of Parsadoha Dham to other villages along with Eknathar, Dhamori, Gunkheed, Barkhed, Gujarmal. Farmers Pintu Shinde Mridul Jaiswal, Saurabh Waghade, Amit Jaiswal, Hanumant Kanathe, Waman Jhod, Alok Mulik, Firoz Siddiqui, Dhiraj Walpure Nitin Shinde said other farmers that even after the mining of tubewells at depths of seven to eight hundred feet in eightyer Water does not get. The farmers here depend only on one crop. The meeting of Parsodoh Dame through the water canal will result in economic development of the region and the economic problems of farmers will also be overcome. Farmers have urged all citizens and businessmen to reach the Tehsil office on Tuesday in support of their demands. The rally of farmers will start from the Ram temple to the Tehsil office. Farmers from other villages, including eightyers, were present in the meeting of farmers on Sunday. Farmer Umesh Waharpure Suraj Waharapure, Shri Gawande said that he has sought cooperation from all the citizens and political parties to bring water in Einthner.

Farmers’ anger can be heavy
Farmer of the area of ​​Amner is angry at not receiving parsodoh dam water for irrigation. The business here is also associated with the farmers. With no means for irrigation, both agriculture and business are being affected. This displeasure can be huge in the coming elections. Along with the farmers, businessmen are also demanding the reach of Parsadoh Dam water to eighty.

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