घोड़ाडोंगरी : गिरवी-ब्याज के धंधे से गरीब-आदिवासियों का शोषण,आरटीआई कार्यकर्ता ने उठाया मामला

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घोड़ाडोंगरी : गिरवी-ब्याज के धंधे से गरीब-आदिवासियों का शोषण,आरटीआई कार्यकर्ता ने उठाया मामला

बैतूल/घोड़ाडोंगरी। संविधान की 5 वीं अनुसचि के तहत जनजातीय वर्ग के लिए अधिसूचित क्षेत्र में गिरवी-ब्याज का धंधा प्रतिबंधित होने के बावजूद भी नगर के सराफा मार्केट के एक व्यापारी द्वारा पिछले कई वर्षों से करोड़ों रूपयों का गिरवी ब्याज का धंधा कर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले गरीब, मजदूर,आदिवासियों का जमकर शोषण कर रहा है। वैसे तो उक्त ज्वेलर्स द्वारा यह गोरखधंधा लंबे समय से चलाया जा रहा है। लेकिन पहली बार एक आरटीआई-सामाजिक कार्यकर्ता ने इस मामले उठाने की हिम्मत दिखाई है। एक साप्ताहिक के पत्रकार एवं आरटीआई-सामाजिक कार्यकर्ता निर्मल सोलंकी ने इस मामले को कलेक्टर, तहसीलदार एवं घोड़ाडोंगरी पुलिस को आवेदन सौंप कर इस गोरखधंधे पर लगाम लगाने एवं गरीब, मजदूरों का शोषण करने वाले उक्त सराफा व्यवसायी के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्यवाही की गुहार लगाई है। इस पत्र में घोड़ाडोंगरी के सराफा मार्केट की दुकान राधिक ज्वेलर्स और उसके संचालकों महावीर, अंकेश-अनूप अग्रवाल की नामजद बिन्दुवाद शिकायत की गई है। श्री सोलंकी ने लिखा है। कि घोड़ाडोंगरी संविधान की 5 वी अनुसूचि का क्षेत्र हैं जहां गिरवी-ब्याज का धंधा प्रतिबंधित है। कलेक्टर बैतूल ने भी इस संबंध में एक आदेश जारी कर ब्याज के सारे लायसेंस निरस्त कर दिए हैं। बावजूद इसके राधिका ज्वेलर्स के संचालकों द्वारा पिछले लगभग 10 वर्षों से अवैध तरीके से गिरवी-ब्याज का धंधा करते हुए प्रतिमाह लगभग 2 से 5 लाख की ब्याज वसूली अवैध रूप से की जा रही है। ब्याज का यह सारा धंधा इस व्यवसायी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब, मजदूर आदिवासी वर्ग को गिरवी के बदले ब्याज पर रकम देकर किया जा रहा है। शिकायत कर्ता ने लिखा है कि इनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मिलावट वाली नकली सोने की लोंग सप्लाई करके भी ग्रामीणों को चूना लगाया गया है जिसकी पूर्व में बाहरी जिले के पुलिस द्वारा जांच भी की जा चुकि है। लेकिन तब मामला रफा-दफा कर दिया गया था। इस वजह से अभी भी यह धंधा बदस्तूर जारी है। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने शिकायत के अन्य दो बिन्दुओं में राधिक ज्वेल्र्स पर बिना बिल के प्रतिदिन लाखों के सोना-चांदी का अवैध व्यापार करने एवं बेहड़ीढाना के एक मजदूर की जमीन हेराफेरी कर हड़पने का आरोप भी लगाया है। उन्होने बताया कि इस मामले की शिकायत उक्त मजूदर द्वारा घोड़ाडोंगरी पुलिस में पूर्व में की गई जिसकी अभी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

इनका कहना है।
घोड़ाडोंगरी के ग्रामीण आदिवासियों के कीमती आभूषण ओने-पोने दामों में गिरवी रखकर, महंगा ब्याज वसूलने एवं बाद में गिरवी को हड़प कर लेने का खेल लंबे समय से जारी है, इस मामले को लेकर शिकायत की है। गरीब, किसान, मजूदर और आदिवासी का शोषण किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
निर्मल सोलंकी आरटीआई/सामाजिक कार्यकर्ता

राधिका ज्वेलर्स के संचालक के खिलाफ गिरवी-ब्याज का धंधा करने, बिना बिल के माल बेचने और धोखाधड़ी संबंधी एक शिकायत मिली है। शिकायत की जांच के बाद आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
रवि शाक्य पुलिस चौकी प्रभारी,घोड़ाडोंगरी

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NEWS IN ENGLISH

Ghoradongri: The case of the RTI activist was exploited by the exploitation of the tribals and the tribals of mortgage-interest.

Betul / Ghoradongri Despite the restriction of mortgage interest in the notified area for the tribal class under the 5th Schedule of the Constitution, even a trader from the town’s bullion market, for millions of years, has been forced to lend millions of rupees to the poor, The laborers are exploiting the tribals very fiercely. However, this gorakhandha is being run by the said jewelers for a long time. But for the first time an RTI-Social worker has shown the courage to take up this matter. A weekly journalist and RTI-social worker Nirmal Solanki handed the case to the collector, Tehsildar and Ghoradongri police and reciprocate the crackdown and filed a criminal case against the accused who exploited the poor and the laborers. Have made a call In this letter, the name of the Radha Jewelers and its operators Mahavir, Ankesh Anoop Agarwal, the Namrata point of view of bullion shop of Ghoradongri, has been complained. Mr. Solanki has written. That is the 5th Schedule of the Ghoddongari Constitution, where the business of mortgage interest is restricted. Collector Batul also issued an order in this regard and has canceled all licenses of interest. Despite this, the interest of approximately 2 to 5 lakhs of rupees per month is being done illegally by its Radhika Jewelers operators for the last 10 years. This business of interest is being done by this trader by paying the interest to the poor, laborer tribal people from the rural areas instead of mortgages. The complainant has written that villagers have also been licked by supplying fake gold of adulteration in the rural areas by which they have been checked by the external district police. But then the matter was rearranged. Because of this, this business is still continuing. Apart from this, the complainant has also charged the other two points of the complaint for misappropriation of land of a laborer for illegal trade of illegal gold and silver of millions of rupees per day without any bills on Radical Jewelers. He said that the complaint of this case was done by the said laboratory in Ghoddangari police in East, which is being examined by the police.

They have to say
The game has been complied with for a long time, for pledging of expensive jewelery of the tribals from Ghoradongri, for leasing of expensive value, and for charging expensive interest and subsequently grabbing mortgages. The poor, the farmers, the laborers and the tribals will not be exploited at any cost.
Nirmal Solanki RTI / Social Worker

The operators of Radhika Jewelers have received a complaint regarding mortgage business, selling non-billable merchandise and fraud. After the investigation of the complaint, necessary action will be taken.
Ravi Shakya Police Chowk Incharge, Ghoradongri

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