होली मिलन: राधा-कृष्ण के पूजन से दांपत्य जीवन के क्लह-क्लेश का होगा The End

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होली मिलन: राधा-कृष्ण के पूजन से दांपत्य जीवन के क्लह-क्लेश का होगा The End

शुक्रवार दि॰ 02.03.18 को चैत्र कृष्ण एकम पर रंगोत्सव अर्थात धूलिवंदन पर्व मनाया जाएगा। इसे होली मिलन, धुलेंडी भी कहा जाता है। शब्ध धूलिवंदन का अर्थ है धूल व राख की वंदना। होलिका की आग से बनी राख को माथे से लगाने की बाद ही होली खेलना प्रारंभ किया जाता है। शास्त्र हेमाद्रि व भविष्योत्तर पुराण में वर्णित कथानुसार युधिष्ठिर ने कृष्ण से पूछा कि होलिका दहन के अगले दिन धूलिवंदन व रंगोत्सव क्यों मनाया जाता है। इस पर कृष्ण ने युधिष्ठिर से राजा रघु के विषय में एक किंवदंती कही। जिसके अनुसार ढोण्ढा नामक राक्षसी को शिव का वरदान प्राप्त था जिसके अनुसार कोई उसे मार नहीं सकता था। परंतु जब सर्द ऋतु समाप्त होगी व ग्रीष्म ऋतु के आगमन होगा तब लोग हंस गाकर आनंद मनाएंगे, रक्षोघ्न मंत्रों के साथ लकड़ियां जलाएंगे व अग्नि की तीन बार प्रदक्षिणा लेकर भद्दी भाषा का प्रयोग करके धूल उड़ाकर होम करेंगे तब ढोण्ढा राक्षसी की मृत्यु होगी। राजा रघु ने ऐसा करने का आदेश अपने राज्य में पारित किया, जिसका पालन प्रजा ने किया जिससे ढोण्ढा राक्षसी की मृत्यु हुई। चैत्र की प्रतिपदा पर मंत्रोच्चारण करते हुए होलिकाभस्म को प्रणाम किया जाता है। इस दिन श्रीकृष्ण, कामदेव व शिव पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन कामदेव के चित्र पर चंदन-लेप से मिश्रित आम्र-बौर चढ़ाकर उसे प्रसाद रूप में खाने से दांपत्य जीवन में आनंद आता है। धूलिवंदन पर्व पर राधा-कृष्ण के विशेष पूजन व उपाय से व्यक्ति के रूप सौन्दर्य में निखार आता है, दांपत्य कटुता से मुक्ति मिलती है व दुर्भाग्य से मुक्ति मिलती है।

पूजन विधि: घर की वायव्य दिशा में गुलाबी वस्त्र पर महादेव, कृष्ण व कामदेव का चित्र स्थापित करके विधिवत पूजन करें। घी का दीप करें, चंदन धूप करें, गुलाबी फूल चढ़ाएं, चंदन, गुलाल, अबीर चढ़ाएं, इत्र चढ़ाएं, आम्र-बौर चढ़ाएं व खीर का भोग लगाएं तथा इस विशेष मंत्र से का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग किसी सुहागन को भेंट करें।

पूजन मुहूर्त: शाम 16:15 से शाम 17:15 तक।

पूजन मंत्र: क्लीं कामेश्वराय नमः॥

उपाय
रूप सौन्दर्य में निखार हेतु कामदेव पर चढ़े चंदन का नित्य प्रयोग करें।

दांपत्य कटुता से मुक्ति हेतु शिवलिंग पर इत्र मिले गौघृत का दीपक करें।

दुर्भाग्य से मुक्ति हेतु बांसुरी पर मोरपंख बांधकर कृष्ण मंदिर में चढ़ाएं।

 

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NEWS IN ENGLISH

Holi Milan: The worship of Radha-Krishna will have a clash of married life, The End

On Friday, 02.03.18, the festival will be celebrated on Chaitra Krishna Ekam. It is also called Holi Milan, Dhulendi. Shuffle dusting means the veneration of dust and ash. Holi is started playing Holi after burning the ash made from the forehead. According to the science of Hemadri and prophetic Puranas, Yudhishthira asked Krishna why dhulivandan and choreotasav are celebrated the next day of Holika Dahan. On this, Krishna said a legend about King Raghu from Yudhisthira. According to which the demon named Dhondha was given the boon of Shiva, according to which no one could kill him. But when the winter is over and the summer will arrive, people will celebrate with swan, they will burn wood with rakshhagan mantras and take fire after tripling of fire and using a lip-free language will blow the dust, then the Dhondha monstrous will die. King Raghu passed the order to do so in his state, which the people followed, which led to the death of a demon. Holocaustism is saluted while chanting on Chaitra’s pratipada. This day Shri Krishna, Kamdev and Shiva Poojan have special significance. On this day, on the picture of Cupid, a mixture of chandan-leap mixed with mango powder and eating it in the form of auspiciousness brings happiness in marriage. The special worship and remedies of Radha-Krishna at Dhulivandan festival bring glory to the beauty of the person, the liberation from the couple’s bitterness and unfortunately gets salvation.

Poojan Method: In the northwestern direction of the house, do a proper worship by setting a portrait of Mahadev, Krishna and Kamdev on a pink cloth. Light the ghee, make sandal of the sun, pour the pink flowers, sandalwood, gulal, Abir pledge, offer perfume, offer ambrosia, and eat kheer and chant the 1 mala from this special mantra. Offer after a worship to a honeydew.

Poojan Muhurta: From 16:15 am to 17:15 pm

Poojan Mantra: Kleen Kameshwaraya Namah.

Solution
Make daily use of sandalwood sandalwood for the beauty of beauty.

To get rid of the couple’s bitterness, please light the Gautchratha of perfume on Shivling.

Unfortunately for the liberation, plunge a pistachio on the flute and offer it in the Krishna temple.

 

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