दावोस में भी दिखेगा भारत का दबदबा, 3000 लोग होंगे शामिल

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दावोस में भी दिखेगा भारत का दबदबा, 3000 लोग होंगे शामिल

नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में मंगलवार से विभिन्न क्षेत्रों के तीन हजार से भी अधिक वैश्विक नेता एकत्र होने जा रहे हैं। मौका होगा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम या विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक का। डब्ल्यूईएफ की इस 48वीं बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 130 शीर्ष वैश्विक नेता भी शिरकत करेंगे। 1997 में एचडी देवेगौड़ा के बाद 20 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में बैठक में हिस्सा लेने पहुंच रहे नरेंद्र मोदी इसमें उद्घाटन भाषण देंगे। साथ ही इसमें योग का प्रशिक्षण सत्र भी होगा। इस साल बैठक की थीम है “खंडित या टूटी-फूटी दुनिया में साझा भविष्य तैयार करना”। सोमवार शाम से ही विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाएगी।

शीर्ष वैश्विक नेताओं का जमावड़ा
भरतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे समेत 340 शीर्ष राजनीतिक चेहरे बैठक में शामिल होंगे। बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के 1900 नेता और विभिन्न वैश्विक एनजीओ के 900 नेता शामिल होंगे। इस बैठक में महिलाओं की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत होगी।

भारतीय दल में 130 सदस्य
दावोस सम्मेलन में भारतीय दल के 130 सदस्य होंगे। इनमें 6 केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, सुरेश प्रभु, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, एमजे अकबर और जितेंद्र सिंह होंगे। प्रमुख भारतीय कंपनियों के सीईओ का दल भी जाएगा। इनमें मुकेश अंबानी, गौताम अडानी, अजीम प्रेमजी, राहुल बजाज, ए चंद्रशेखरन, चंदा कोचर, उदय कोटक शामिल होंगे। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी अर्थव्यवस्था पर आधारित सत्र को संबोधित करेंगे।

भारत का एजेंडा
– बैठक में पीएम मोदी इस बात पर जोर दे सकते हैं कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में अहम भागीदार साबित हो सकता है। अन्य देश भी इसमें सहभागिता निभाएं।
– भारत में बिजनेस को आसान बनाने, भ्रष्टाचार और कालाधन कम करने, टैक्स प्रणाली सरल बनाने और देश के सतत विकास के लिए उठाए गए जरूरी कदमों पर पीएम मदोी चर्चा कर सकते हैं।
– चूंकि स्विट्जरलैंड, यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन का सदस्य है, इसलिए बर्सेंटसे मुलाकात में बारत और ईएफटीए के बीच हो रहे द्विपक्षीय निवेश हित समझौते और स्वतंत्र व्यापार समझौते पर अहम चर्चा हो सकती है।
– भारत को नाय, युवा और प्रगतिशील बनाने और संघवाद पर मोदी अपने अनुभव साझा कर सकते हैं। साथ ही वैश्विक आतंकवाद को खत्म करने, अस्थिर अर्थव्यवस्था, साइबर खतरे और सामाजिक विषमताओं को समाप्त करने के लिए वैश्विक सहयोग पर चर्चा कर सकते हैं।

क्या है डब्ल्यूईएफ
यह स्विट्जरलैंड की गैर लाभकारी संस्था है। इसका मकसद बिजनेस, राजनीति, शैक्षिक व अन्य क्षेत्रों के वैश्विक नेताओं व अग्रणी लोगों को एक साथ लाकर वैश्विक, क्षेत्रीय और औद्योगिक दिशा तय करना है। इसक गठन 1971 में हुआ था।

 

NEWS IN English

India will be seen in Davos, 3000 people will be involved

new Delhi. More than 3,000 global leaders from different regions are going to gather in Davos city of Switzerland Tuesday. The chance will be the annual meeting of the World Economic Forum or the World Economic Forum (WEF). At this 48th meeting of the WEF, India’s Prime Minister Narendra Modi will be attended by 130 top global leaders Narendra Modi will be inaugurating the inaugural speech in 1997 after participating in the meeting as Indian Prime Minister after 20 years after HD Deve Gowda. There will also be a training session of yoga in it. This year’s theme of the meeting is “Creating a shared future in a broken or broken world”. Different programs will start from Monday evening itself.

Gathering of top global leaders
Over 340 political leaders, including Prime Minister Narendra Modi, US President Donald Trump, French President Immanuel Macroon and British Prime Minister Teriza, will join the meeting. The meeting will include 1,900 public sector leaders and 900 global leaders of various global NGOs. The share of women in this meeting will be 21 percent.

130 members of the Indian team
The Indian team will have 130 members in the Davos Conference. These include six Union Ministers Arun Jaitley, Suresh Prabhu, Piyush Goyal, Dharmendra Pradhan, MJ Akbar and Jitendra Singh. The team of CEOs of major Indian companies will also be there. These include Mukesh Ambani, Gautam Adani, Azim Premji, Rahul Bajaj, A Chandrasekharan, Chanda Kochhar, Uday Kotak. Former Reserve Bank Governor Raghuram Rajan will also address the session on economy.

India’s agenda
In the meeting, PM Modi can emphasize that India can prove to be a key partner in the development of the global economy. Other countries also participate in this.
PM Modi can discuss the easiest business in India, reduce corruption and black money, simplify tax system and take necessary steps for sustainable development of the country.
– Since Switzerland is a member of the European Free Trade Association, Bertant’s meeting can be a significant discussion on the bilateral investment interest agreement and independent trade agreement between Barat and EFTA.
– Modi can share his experiences on making India a new, youth and progressive and on federalism. At the same time, discuss global collaboration to eliminate global terrorism, to eliminate volatile economy, cyber threats and social inequities.

What is wf
This is a non-profit organization of Switzerland. Its aim is to bring global leaders, leaders and leaders of business, politics, academic and other fields together to decide global, regional and industrial direction. This was formed in 1971.

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