इंदौर : खर्च और टैक्स घटाकर आम जनता को सस्ते मकान देगा हाउसिंग बोर्ड – अध्यक्ष कृष्णमुरारी मोघे

Advertisements

NEWS IN HINDI

इंदौर : खर्च और टैक्स घटाकर आम जनता को सस्ते मकान देगा हाउसिंग बोर्ड – अध्यक्ष कृष्णमुरारी मोघे

इंदौर। मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हाउसिंग बोर्ड) अपने खर्च और टैक्स घटाकर आम जनता को सस्ते मकान देने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड का इरादा ईडब्ल्यूएस और एलआईजी मकानों की कीमत 60 हजार से 1 लाख रुपए तक कम करने का है। बोर्ड का आकलन है कि जनता के लिए बनाए जा रहे आवासों पर लागत के अलावा बोर्ड का खर्च 18-20 फीसदी बैठ रहा है। इसमें सुपरविजन और रेरा सहित अन्य खर्च शामिल हैं। इसे 10-12 प्रतिशत पर लाने का विचार किया जा रहा है। इसका सीधा फायदा आवासों की कीमत कम करके खरीदारों को दिया जाएगा। इस पर बोर्ड के मुख्यालय स्तर के अलावा जिलों में बैठे अधिकारियों से सुझाव मांगे गए हैं। व्यावहारिक और कानूनी कसौटी पर खरा साबित होने वाले सुझाव अमल में लाए जाएंगे। इस मुद्दे पर बोर्ड अध्यक्ष कृष्णमुरारी मोघे भोपाल में बैठक भी कर चुके हैं। जल्द ही इसके परिणाम सामने आ सकते हैं।

अधिक कीमतों के कारण नहीं बिक रहे
प्रदेश में हाउसिंग बोर्ड के कुछ प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनमें अधिक कीमतों के कारण मकान नहीं बिक रहे हैं। राऊ स्थित कामायनी व कादंबरी प्रोजेक्ट और भोपाल का अयोध्या नगर इसके उदाहरण हैं। कामायनी और कादंबरी में डुप्लेक्स की कीमत 75 लाख है। सुझाव आया है कि ये कीमत 55-60 लाख रुपए ही हो, तभी खरीदार इसे ले पाएंगे। अयोध्यानगर में भी कीमतें अधिक होने से खरीदार नहीं आ रहे और सालों से बोर्ड की संपत्ति बिकने में दिक्कत आ रही है।

कम रेट पर टेंडर भी परेशानी का कारण
निर्धारित दर से कम रेट पर टेंडर हासिल करने वाले ठेकेदारों के काम पर भी बोर्ड ने चिंता जाहिर की है। सोमवार को भोपाल की बैठक में इस पर चर्चा हुई। ठेकेदार ठेका ले तो लेते हैं लेकिन बाद में क्वालिटी में गिरावट होती है या बीच में काम छोड़कर भाग जाते हैं। इससे फिर से टेंडर करना पड़ता है और प्रोजेक्ट में देरी के साथ नुकसान भी होता है। इस समय बोर्ड के प्रोजेक्ट में 10-20 प्रतिशत कम रेट पर टेंडर हो रहे हैं। बड़वानी, खंडवा और खरगोन में यही हुआ। इंदौर में होप टेक्सटाइल मिल की जमीन पर आ रहे रेनबो प्रोजेक्ट का टेंडर भी 10 फीसदी कम रेट पर हुआ है।

यहां से पैसा बचाने की जुगत, इन मुद्दों पर मंथन
– बोर्ड अपने आवासीय प्रोजेक्ट में सुपरविजन चार्ज भी लेता है। ये चार्ज भी आवास और प्रोजेक्ट की कीमत में जुड़ता है। सुपरविजन चार्ज कम करने पर भी विचार किया जा रहा है।
– किसी प्रोजेक्ट में जनता से घर की कीमत का 10 प्रतिशत बुकिंग शुल्क लिया जाता है तो इस पर रेरा लगता है। इस चार्ज को 5 फीसदी कर दिया जाए तो रेरा नहीं लगेगा। इसके लिए बोर्ड विचार करेगा कि इससे किसी नियम का उल्लंघन तो नहीं हो रहा? इस तरह रेरा का शुल्क बचाकर जनता को फायदा दिया जा सकता है।
– बोर्ड के ईडब्ल्यूएस मकानों की कीमत अभी करीब 8 लाख है। इसे 6 लाख रुपए तक करने का विचार है। ऐसा हुआ तो निम्न आय वर्ग वालों को 1.50 लाख रुपए का फायदा प्रधानमंत्री आवास योजना से दिलवाया जाएगा। साथ ही बचे हुए 4.50 लाख रुपए का फाइनेंस बैंक से कराया जाएगा।

पांच को होगा विचार
हाउसिंग बोर्ड के मकान किस तरह जनता के लिए खरीदना आसान और सुविधाजनक हो, इस पर विचार किया गया। मकान की कीमत कैसे कम हो, इस पर सुझाव बुलाए गए हैं। इन पर 5 फरवरी को बैठक में विचार किया जाएगा। -कृष्णमुरारी मोघे, अध्यक्ष, मप्र हाउसिंग बोर्ड

 

NEWS IN English

Indore: Housing Board – Chairman Krishnamurari Moghe will give cheap house to the general public by reducing expenditure and taxes

Indore The Madhya Pradesh Buildings and Infrastructure Development Board (Housing Board) is preparing to provide cheap housing to the general public by reducing its expenditure and tax. The intention of the board is to reduce prices of EWS and LIG houses from Rs 60,000 to Rs 1 lakh. Board estimates that apart from the cost of accommodation for the public, the board’s spending is sitting at 18-20%. It includes Supervision and other expenses including Rare. It is being considered to bring it to 10-12 percent. Its direct advantage will be to reduce the cost of housing and to the buyers. In addition to the headquarter level of the Board, suggestions from the officials sitting in the districts have been sought. Suggestions that prove true to the practical and legal criterion will be implemented. Board President Krishnamurari Moghe has also held a meeting at Bhopal on this issue. Soon the results can be revealed.

Not being sold due to higher prices
Some of the housing projects in the state are such that the houses are not being sold due to higher prices. Examples of Kamayani and novel projects in Rau and Ayodhya town of Bhopal are examples of this. Duplex price is 75 lakh in Kamayani and novel. The suggestion is that these prices will be Rs 55-60 lakh only, then the buyer will be able to take it. Even in Ayodhnagar, the buyers are not coming up due to higher prices and for years the problem of selling the board is difficult.

Tender on low rates also cause trouble
The Board has also expressed concern over the work of contractors getting tenders at a lower rate than the fixed rate. This was discussed at Bhopal’s meeting on Monday. Contractors take the contract but later the quality decreases or they leave the work in the middle and run away. It has to be re-tendered and there is also a loss in the project delay. At this time, the projects of the Board are getting tender at 10-20 percent lower rate. This is what happened in Badwani, Khandwa and Khargone. The rainbow project on the Land of Hope Textile Mill in Indore has also been tender at 10% lower rate.

Here’s how to save money, churn on these issues
– The Board also takes supervision charge in its residential project. This charge also adds to the price of the house and the project. Reducing supervision charges is also being considered.
– In a project, 10 percent of the house price is charged from the public, then it is ray. If this charge is reduced to 5 percent then it will not be rea For this, the board will consider that it does not violate any rule. In this way, the public can be benefited by availing the fee of Rare.
– The EWS houses of the board are just about 8 lakhs. It is considered to be up to Rs 6 lakh. If this happens then the people of low income group will be benefited from the Prime Minister’s Housing Scheme with a benefit of 1.50 lakh rupees. Besides, the remaining 4.50 lakh rupees will be financed by the bank.

Five will think
It was considered to be easy and convenient to purchase housing houses for the public. Suggestions have been called on how the house cost is reduced. These will be considered in the meeting on February 5. – Krishnamurari Moghe, President, MP Housing Board

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.