जयपुर : 24 घंटे में पद्मावत पर प्रतिबंध का अध्यादेश जारी करने का अल्टीमेटम

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जयपुर : 24 घंटे में पद्मावत पर प्रतिबंध का अध्यादेश जारी करने का अल्टीमेटम

जयपुर। फिल्म पद्मावत पर प्रतिबंध के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजस्थान और मध्य प्रदेश की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज होने के बाद राजस्थान राजपूत सभा ने केन्द्र सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि 24 घंटे में सरकार फिल्म पर प्रतिबंध के लिए अध्यादेश जारी करे, अन्यथा देश भर में चक्का जाम किया जाएगा और हालात खराब होंगे। फिर चाहे इसके लिए हमें फांसी पर चढ़ा दिया जाए। उधर राजस्थान सरकार ने हालात से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है और राजपूत नेताओं को पाबंद किए जाने की तैयारी की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए राजस्थान राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह लोटवाडा और करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराणा ने कहा कि राज्य सरकारों को सुप्रीम कोर्ट में जाना ही नहीं चाहिए था, क्योंकि उनके पास फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार केन्द्र सरकार के पास है और उसे सिनेमाटोग्राफी एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए देश भर में फिल्म पर रोक लगानी चाहिए। लोटवाडा ने कहा कि यह सिर्फ राजपूतो का मामला नहीं है। सभी हिन्दुओं का मामला है। ऐसे में सरकार को जनभावना का ध्यान रखते हुए अध्यादेश जारी करना चाहिए। उन्होने चेतावनी दी कि यदि बुधवार रात फिल्म रिलीज की गई तो देश भर में चक्का जाम किया जाएगा, फिर चाहे कोर्ट हमें फांसी पर भी चढ़ा दे, इसकी हमें परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी हालत में फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे। उन्होंने देश भर के सिनेमा मालिकों से भी आव्हान किया और कहा कि जनभावनाओं का ध्यान रखें और इस फिल्म को रिलीज न करें।

सरकार ने कहा हम बनाएंगे कानून व्यवस्था-
इस बीच राजस्थान सरकार ने सम्भावित हालात से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश भर में पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। जयपुर में पहले ही जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और गणतंत्र दिवस के कारण पुलिसकर्मियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई थी। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि अब हमारे पास प्रदेश में कानून व्यवस्था संभालने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। राज्य सरकार जनता को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए पूरी तरह से तत्पर है। पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक में व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की जाएगी। राजस्थान पुलिस राजपूत नेताओं को पाबंद करने का नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है। पुलिस उन नेताओं को पाबंद करेगी, जिनसे शांति भंग होने की आशंका हो। पाबंद होने वाले राजपूत नेताओं में करणी सेना के संरक्षण लोकेंद्र सिंह कालवी व अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना और राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी शामिल हैं। सचिवालय में करीब दो घंटे चली बैठक के बाद राजस्थान पुलिस के एडीजी एनआरके रेड्डी ने सिनेमाघर संचालकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें पूरी सुरक्षा मिलेगी। रेड्डी का कहना है कि सभी सिनेमाघरों के बाहर के सुरक्षा जाब्ता तैनात रहेगा। एनआरके रेड्डी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि करणी सेना या अन्य किसी संगठन के कार्यकर्ता ने हिंसक प्रदर्शन किया तो पुलिस उससे सख्ती से निपटेगी। हालांकि यदि कोई लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करना चाहता है तो उसे आजादी रहेगी। इस बीच पुलिस ने पुलिस ने हालात से निपटने के लिए एटीएस राजस्थान के स्पेशल कमांडो ईआरटी टीम और अतिरिक्त्त पुलिस जाब्ते की तैनाती की तैयारी शुरू कर दी है।

हाईकोर्ट ने पूछा सुरक्षा के इंतजाम-
इस बीच राजस्थान हाईकोर्ट में इसी फिल्म से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने भी सरकार से फिल्म की स्क्रीनिंग के समय सुरक्षा इंतजामों की जानकारी मांगी है। यह याचिका खुद संजय लीला भंसाली की ओर से दायर की गई थी। इस याचिका में उन्होंने उन सहित चार अन्य के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। इस एफआईआर में आरोप था कि फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है। मामले की पिछली सुनवाई के समय कोर्ट ने कहा था कि पहले कोर्ट को फिल्म दिखाई जाए तभी वह निर्णय करेगी। आज मामले की सुनवाई के समय भंसाली के वकील ने कहा कि वह फिल्म को दिखाने के लिए तैयार हैं, लेकिन जिस तरह का फिल्म को लेकर के विरोध-प्रदर्शन हो रहा है, उससे उन्हें आशंका है कि कहीं उनके फिल्म प्रिंट को लेकर कोई अप्रिय घटना नहीं हो जाए। वकील ने कहा कि उन्हें पहले पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया जाए। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी वकील से पूछा कि क्या सरकार पूरी सुरक्षा देने के लिए तैयार है। जिस पर सरकारी अधिवक्ता ने इसके लिए समय मांगा। कोर्ट ने सरकार को जवाब के लिए 2 फरवरी तक का समय दिया है।

 

NEWS IN English

Jaipur: Ultimatum to issue ordinance for ban on Padmav in 24 hours

Jaipur. In the case of ban on film Padmav, the Rajasthan Rajput Sabha has given an ultimatum to the Central Government after the Supreme Court’s rejection of the pleas of Rajasthan and Madhya Pradesh, that the government should issue an ordinance for ban on film in 24 hours, otherwise the land will be issued Jam will be jammed and the situation will worsen. Then whether we have to be hanged for it. Meanwhile, the Rajasthan government has started preparations to deal with the situation. The holidays of policemen have been canceled and preparations are being made to ban Rajput leaders. Talking to the media on Tuesday after the Supreme Court decision, Rajasthan Rajput Sabha chairman Girraj Singh Lotwada and Karani Army President Mahipal Singh Makrana said that the state governments should not have to go to the Supreme Court because they have restrictions on the film There is no right to apply. This right is with the Central Government and it should stop the film throughout the country, following the provisions of the Cinematography Act. Lotwada said that this is not just a matter of Rajputa. It is a matter of all Hindus. In such a situation, the government should issue an ordinance keeping in mind the public sentiment. He cautioned that if the film was released on Wednesday night, then there will be a buzz around the country, whether the court also hangs us on the hanging, we do not care about it. He said that we will not let the film release in any condition. He also challenged the cinema owners across the country and said that take care of the public sentiments and do not release the film.

The government said we will create law and order –
Meanwhile, the Rajasthan government has started preparations to deal with the possible situation. The holidays of policemen have been canceled throughout the state. In Jaipur, the Jaipur Literature Festival and Republic Day had already been banned for the holidays of policemen. Rajasthan Home Minister Gulab Chand Kataria said that now we have no alternative but to take legal action in the state. The state government is fully prepared to provide security to the public. The meeting will be discussed with the top brass of the police in the meeting. Rajasthan Police is preparing to issue notice to stop Rajput leaders The police will ban those leaders, who are likely to break the peace. Among the Rajput leaders who have been banned include Karan army’s protection Lokendra Singh Kalvi and President Mahipal Singh Makrana and national Rajput Karani Army President Sukhdev Singh Gogamedia. Following the meeting lasted for nearly two hours in the Secretariat, ADG NRK Reddy of Rajasthan Police assured the cinema operators that they would get complete security. Reddy says that security secrecy outside all cinemas will be deployed. NRK Reddy has said in an ad hoc tone that if the workers of the army or any other organization performed violent acts, the police will deal with it strictly. However, if someone wants to perform democratically, then he will remain free. Meanwhile, police has started preparations for the deployment of Special Commando ERT team of Rajasthan and additional police constables for dealing with the situation.

High court asks security arrangements
Meanwhile, while hearing a petition related to this film in the Rajasthan High Court, the High Court has also asked the government to inquire about security arrangements at the time of screening of the film. The petition itself was filed by Sanjay Leela Bhansali. In this plea, he demanded the cancellation of an FIR lodged against four others including those. The FIR alleged that history has been tampered with in the film. At the time of the previous hearing of the case, the court had said that the film will be shown to the court only when that decision will be made. At the time of the hearing of the case Bhansali’s lawyer said that he was ready to show the film, but the way the film is being protested, he feared that there was no unpleasant incident on his film print Do not happen. The lawyer said that they should be assured of complete security before them. On this, the Rajasthan High Court asked the government lawyer if the government is ready to give full security. On which the Government Advocate sought time for this. The court has given time to the government till February 2 for the reply.

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