बालाजीपुरम में होलिका दहन के बाद खेली बालाजी ने होली

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बालाजीपुरम में होलिका दहन के बाद खेली बालाजी ने होली

बैतूल। भगवान बालाजी के साथ होली खेलने का पुण्य लाभ आज उन बालाजी भक्तों को मिला जो होलिका दहन के समय बालाजीपुरम में मौजूद थे क्योंकि दहन के बाद जमकर रंग गुलाल उड़ा। भारत के पांचवें धाम श्री रुक्मणी बालाजी मंदिर बालाजीपुरम बैतूल में हर साल की तरह इस साल भी होलिका दहन का त्यौहार पूरे धूमधाम से मनाया गया।

बालाजीपुरम के प्रमुख पुजारी असीम पंडा स्वामी ने बताया कि आज एक मार्च गुरूवार को सबसे पहले सवा 6 बजे से भगवान बालाजी की आरती हुई। इसके बाद शाम 7 बजे तक सभी भगवान की चलित प्रतिमाओं को पालकी के साथ होलिका स्थल तक लाया गया। यहां भगवान बालाजी के पूजन आदि के बाद होलिका का पूजन संपन्न किया गया। ठीक 7.40 के बाद शुभ मुहूर्त में होली जलाई गई। होलिका दहन के तुरंत बाद सभी भगवान को रंग- गुलाल लगाया गया। आमतौर पर भक्तों को बालाजी की पवित्र प्रतिमा को स्पर्श करने का अवसर नहीं मिलता है। लेकिन होली के इस पावन पर्व में हर आम और खास श्रद्धालु को भगवान के साथ होली खेलकर उन्हें गुलाल लगाने का सौभाग्य मिलता है। बालाजीपुरम संस्थापक सेम वर्मा ने इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को होली की शुभकामनाएं देते हुए भगवान बालाजी से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने की प्रार्थना की।

 

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NEWS IN ENGLISH

Kali Balaji Holi after Holika Dahan in Balajiipuram

Betul The virtue of playing Holi with Lord Balaji was found today in Balaji devotees who had been present in Balajipuram during the Holika dahan because the color after the combustion fizzled fiercely. Like every year in India’s fifth dham Shri Rukmani Balaji Temple Balajiipuram Betul, the festival of Holika Dahan was also celebrated with great fanfare this year.

Balajipuram’s chief priest Asim Panda Swamy said that today, on March 1, on Thursday, the first of 6 pm, Lord Balaji’s aarti took place. After this, at 7 pm, the moving statues of all Gods were brought to the place of Holika along with the palanquin. Here the worship of Holika was completed after the worship of Lord Balaji. Right after 7.40, Holi was burnt in auspicious time. Immediately after the Holika Combustion, all God was dressed in a gulal. Usually devotees do not get the opportunity to touch Balaji’s holy image. But in this holy festival of Holi, every common and special devotee gets a good fortune by playing Holi with God. Balajipuram founder, Sam Verma, on this occasion, giving all the best wishes to the devotees on Holi, Lord Balaji prayed for bringing happiness, peace and prosperity in everyone’s life.

 

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