कांची कामकोटि पीठ प्रमुख के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू

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कांची कामकोटि पीठ प्रमुख के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू

कांचीपुरम (तमिलनाडु)। कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया गुरुवार की सुबह शंकर मठ परिसर में उनके परिजन की मौजूदगी में शुरू हो गयी. जयेंद्र सरस्वती अपने दौर के सबसे प्रभावशाली आध्यात्मिक नेताओं में से एक थे. जयेंद्र सरस्वती का कल यहां निधन हो गया था.

पार्थिव देह को दफनाने की प्रकिया जिसे वृंदावन प्रवेशम कहा जाता है, अभिषेकम अथवा स्नान के साथ शुरू हुई. अभिषेकम के लिए दूध एवं शहद जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया गया.

अभिषेकम की प्रक्रिया श्री विजयेंद्र सरस्वती तथा परिजन की मौजूदगी में पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मठ के मुख्य प्रांगण में हुई. मठ के एक अधिकारी ने कहा कि जयेंद्र सरस्वती का पार्थिव शरीर बाद में वृंदावन उपभवन ले जाया जाएगा. वहीं उनके पूर्ववर्ती श्री चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती के अवशेष वर्ष 1993 में रखे गये थे.

वृंदावन उपभवन में उनके पार्थिव शरीर को समाधि देने की प्रक्रिया पूर्वाह्न करीब 11 बजे सम्पन्न होने की उम्मीद है. तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और इस प्रक्रिया का हिस्सा बने. कड़ी सुरक्षा के बीच सम्पन्न हो रहे अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिये भारी संख्या में श्रद्धालु एवं अनुयायी मौजूद हैं.

 

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NEWS IN ENGLISH

Kanchi Kamkoti Peeth chief’s funeral process started

Kanchipuram (Tamil Nadu) The process of funeral of the Shankaracharya Jayendra Saraswati of Kanchi Kamkoti Peeth started on Thursday morning in the presence of his family in Shankar Math Campus. Jayendra Saraswati was one of the most influential spiritual leaders of his era. Jayendra Saraswati died here yesterday.

The process of burying the body of the body, which is called Vrindavan entom, starts with Abhishekam or bath. Substances like milk and honey were used for Abhishekam.

The process of Abhishekam was held in the main premises of the monastery between the Vedic Mantras of the Pandits in the presence of Shri Vijendra Saraswati and the kin. A Math official said that the body of Jayendra Saraswati will be taken to the Vrindavan annexe later. At the same time, the remains of his predecessor Shri Chandrashekharan Saraswati were kept in the year 1993.

In the Vrindavan annexe, the process of giving samadhi to the body of his body is expected to end at around 11 a.m. Governor of Tamil Nadu Banwar Lal Purohit offered floral wreath on his body and became part of the process. A large number of pilgrims and followers are present to take part in the final rites performed under tight security.

 

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