कराते खिलाडिय़ों को मिली ट्रेन में मदद, कलेक्टर और आरपीएफ की पहल से सुरक्षित पहुंचे पुणे

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कराते खिलाडिय़ों को मिली ट्रेन में मदद, कलेक्टर और आरपीएफ की पहल से सुरक्षित पहुंचे पुणे


बैतूल। जिले के 11 ब्लेक ब्लेट केटेगरी के कराते खिलाड़ी आज से पुणे में आयोजित नेशनल कराते चेम्पियनशिप में शामिल हो रहे है। ये बच्चे कल दानापुर एक्सप्रेस से बैतूल से पुणे के लिए रवाना हुए, लेकिन रिजर्वेशन कन्फर्म नहीं होने की वजह से उनहें ट्रेन की बोगी में गेट के पास सफर करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार दानापुर एक्सप्रेस में 15 जून को रिजर्वेशन बोगियों में भी जनरल बोगी जैसे हालात थे। इस वजह से खिलाड़ी बी-1 कोच में चढ़ गए। बार-बार खिलाडिय़ों को ट्रेन से स्टेशन आते ही उतरने की हिदायत दी जा रही थी। कोच महेन्द्र सोनकर एवं खिलाडिय़ों ने टीसी सहित अन्य स्टाफ को अपनी स्थिति से अवगत भी कराया लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही थी। ऐसे में जिला कलेक्टर एवं बैतूल आरपीएफ खिलाडिय़ों की मदद के लिए सामने आई और आज सुबह 11 खिलाड़ी कोच के साथ सुरक्षित पुणे पहुंचे। इन खिलाडिय़ों में बालिकाएं भी शामिल है।

यह है पूरा मामला

दानापुर एक्सपे्रस के बी-1कोच के गेट पर बालक-बालिका कराते खिलाड़ी सफर कर रहे थे, इस बीच उन्हें बार-बार बार ट्रेन से उतरने की हिदायत दी जा रही थी। जब टीसी एवं बोगी में तैनात आरपीएफ के जवानों ने खंडवा में अल्टीमेटम दे दिया तो कोच ने बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति अध्यक्ष गौरी पदम को स्थिति से अवगत कराया और मदद मांगी। श्रीमती पदम ने इस संबंध में तत्काल कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस को नेशनल टूर्नामेंट के लिए जा रहे खिलाडिय़ों की परेशानी बताई। कलेक्टर ने खिलाडिय़ों की मदद के लिए आश्वस्त करते हुए पूरी डिटेल वाट्सएप पर मांगी। इसी के साथ आरपीएफ आरक्षक कपिलदेव झरबड़े भी श्रीमती पदम ने चर्चा की। जिसके बाद श्री झरबड़े ने आरपीएफ टीआई केबी सिंह को अवगत कराया। टीआई ने बुरहानपुर एवं भुसावल के निरीक्षकों को खिलाडिय़ों की समस्या बताई। बुरहानपुर पहुंचने से पहले ट्रेन में जाकर भी खिलाडिय़ों से कुछ लोग मिले और उनकी कुशलता जानी।

कलेक्टर श्री बैंस, आरपीएफ की मदद से पुणे तक सभी खिलाड़ी सकुशल पहुंच गए। सभी खिलाड़ी आज से नेशनल कराते चेम्पियशिप में शामिल होंगे। 20 जून को सभी बैतूल वापसी करेंगे। जिले के खेल प्रेमियो, खिलाडिय़ों एवं अन्य लोगों ने खिलाडिय़ों का जिले एवं प्रदेश के लिए अधिक से अधिक मेडल जीतने हौसलाअफजाई की है।

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