फौजी जवानों के साथ मना कारगिल विजय दिवस, सम्मान समारोह जो युद्ध के साक्षी थें

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फौजी जवानों के साथ मना कारगिल विजय दिवस, सम्मान समारोह जो युद्ध के साक्षी थें

दिव्यालय साहित्यिक पटल पर मंगलवार 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर देश के पराक्रमी अपराजितों के गौरव विजय सम्मान में “एक शाम अजेयों के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संचालिका मंजिरी निधि के संचालन में मुख्य अतिथि कर्नल दीपक रामपाल द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया।

दिव्यालय की संस्थापिका व्यंजना आनंद मिथ्या द्वारा कारगिल शहीदों को नमन करते हुए कारगिल की शौर्य गाथा इतिहास रचने वाले विजयी सिपाहियों का हार्दिक अभिनंदन किया गया। अंतिमा निर्मल द्वारा देशभक्ति गीत की प्रस्तुति के साथ ही मनीषा अग्रवाल के द्वारा सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम में भारत माॅं के वीर सिपाही होशियार सिंह जी को आमंत्रित किया गया। आनंद कुमार आशोदिया ने आमंत्रण पर देशभक्ति पर अपने वक्तव्य एवं वीर रस रचित आल्हाउदल गीत की प्रस्तुति दी।

कमांडर हेमंत चौरे की पत्नी उमा चौरे ने सैनिकों और उनके परिजनों के जीवन में साहस और संघर्षों का जिक्र किया। पटल के प्रमुख महेश जैन ज्योति ने सम्मान करते हुए सैनिकों को जान हथेली पर लेकर चलने वाला बताया।

कारगिल युद्ध की प्रत्यक्ष गवाह रही डा.प्राची गर्ग ने स्वयं को देश की सेवा में समर्पित होने पर स्वयं गौरवान्वित होना बताया। बोफोर्स और चालीस रॉकेट का युद्ध ट्रायल बैटल फील्ड में देखने वाली डा.प्राची गर्ग ने युद्ध के दौरान जख्मी होने वाले सैनिकों की चिकित्सा में अपना योगदान होना बताया। राष्ट्रपति अवार्ड वीर चक्र से सम्मानित कर्नल दीपक रामपाल जी ने संपूर्ण कारगिल युद्ध के अथक संघर्षों में शहीदों की शहादत के साथ पाक सेना से लड़कर भारतीय सेना की कारगिल विजय गाथा कही।

कर्नल रामपाल के साथ नेवल चीफ कमांडर राकेश पांडा , दंतेवाड़ा नक्सलवाद से रक्षा करने वाले सीआर पी एफ के प्रमुख नेतृत्वकर्ता अमित मिश्रा एवं मेकेनिकल इंजीनियरिंग आशुतोष ने देश की भक्ति में अपने योगदान का वर्णन किया। कर्नल प्रवीण त्रिपाठी द्वारा उद्बोधन में घाटी में आतंकवाद को खत्म करने के लिए की गई लड़ाई में अपने प्रयासों को बताया। कर्नल त्रिपाठी द्वारा मन में धधक उठी ज्वाला राष्ट्र प्रेम दर्शाते हुए सुंदर गीत गाया।

दिव्यालय पटल संचालिका व्यंजना आनंद मिथ्या द्वारा कार्यक्रम में शामिल कारगिल युद्ध के विजयी वीर योद्धाओं को सम्मान स्वरूप दिव्यालय की ओर से प्रशस्ति पत्र और शील्ड दिये गये जो उनके घर तक पहुंचाएं जाएंगे। व्यंजना जी ने कारगिल विजयी योद्धाओं की पटल पर उपस्थिति का आभार मानते हुए इसे पटल का सौभाग्य माना। कर्नल प्रवीण शंकर त्रिपाठी ने उद्बोधन में दिव्यालय पर आए अतिथियों एवं पूरे दिव्यालय पटल का आतिथ्य हेतु हार्दिक आभार माना। अंत में दिव्यालय प्रमुख अध्यक्ष राजकुमार छापड़िया जी द्वारा वीर रस से ओतप्रोत गीत की प्रस्तुति देते हुए आए हुए अतिथियों का आभार प्रदर्शन किया गया।

राजकुमार छापड़िया जी ने संस्थापिका व्यंजना आनंद मिथ्या, संचालिका मंजिरी निधि, गीत गायिका अंतिमा निर्मल, नृत्यांगना मनीषा अग्रवाल , सचिव नरेंद्र वैष्णव सक्ती,पटल गुरु गजेन्द्र हरिहारनो दीप,अलंकरण प्रमुख राजश्री शर्मा, मीडिया प्रभारी पूर्णिमा मलतारे, दैनिक अलंकरण अनिता शुक्ला एवं उपस्थित दिव्यालय पटल के सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त कर अंत में राष्ट्रगान जन गण मन के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

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