आदर्श मकान में रखें दिशानुसार वस्तुएं, बनेगा शांति एवं पवित्रता का वातावरण

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आदर्श मकान में रखें दिशानुसार वस्तुएं, बनेगा शांति एवं पवित्रता का वातावरण

निवास दो प्रकार का होता है। पहला निवास आध्यात्मिक दृष्टि से शरीर होता है और दूसरा निवास जिसमें परिवार रहता है। अपने परिवार का निवास कैसा होना चाहिए? उसमें क्या सुविधा होनी चाहिए, जिससे सुख-समृद्धि, वैभव, शांति इत्यादि की दिनों-दिन वृद्धि हो और व्यक्ति का जीवन आनंद से परिपूर्ण हो जाए? वास्तु शास्त्र में साधारण तौर पर कुछ ऐसे ध्यान देने वाले बिंदु हैं जिनका पाल करने से वास्तु से संबंधित दोष दूर हो जाते हैं तथा मकान में शांति एवं पवित्रता का वातावरण बनता है, अत: किस दिशा में क्या रखना चाहिए जानने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान दें-

घर के मध्य में आंगन या चौक वाला स्थान ब्रह्मा का है, उसे हमेशा साफ रखना चाहिए।

घर में समृद्धि के लिए प्रवेश द्वार पर लक्ष्मी, कुबेर या गणपति की प्रतिमाएं प्रतिष्ठित करनी चाहिएं। ईशान कोण में कभी भी कूड़ा-कर्कट इकट्ठा न होने दें। ईशान कोण पवित्र स्थान है। यहां कभी भी झाड़ू न रखें। इसे हमेशा साफ-सुथरा व खाली रखने का प्रयास करें क्योंकि इस दिशा को अशुद्ध रखने से मानसिक तनाव एवं शारीरिक कष्ट होता है। उत्तर दिशा कुबेर का स्थान है, अत: तिजोरी, लॉकर, नकद राशि आदि इसी दिशा में रखें।

पलंग का सिरहाना दक्षिण दिशा की ओर तथा पलंग दीवार से सटाकर रखें। भारी संदूक, सोफा-सैट, अलमारी, भारी सामान का स्टोर आदि दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें।

घर में तुलसी, चंदन आदि के पौधे लगाने चाहिएं। पूजा स्थल उत्तर-पूर्व कोण (ईशान) में उत्तम होता है। रसोईघर में कभी पूजा स्थल न बनाएं। रसोईघर में चूल्हा दक्षिण-पूर्व कोण (आग्नेय दिशा) में रखना चाहिए। इससे आग लगने, गैस सिलैंडर फटने जैसी घटनाएं नहीं घटेंगी।

मेहमानों को उत्तर-पश्चिम कोण (वायव्य) दिशा में बिठाना चाहिए। घर में बेर, बबूल, नींबू के पेड़ कभी न लगाएं, ये वर्जित पेड़ हैं। उत्तर-पूर्व दिशा के कमरे को स्टोर रूम कभी न बनाएं।

दैनिक उपयोग में आने वाला जल उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। घर में साज-सज्जा के लिए कबूतर, बाज, सर्प, गीदड़, उल्लू, गिद्ध, सूअर, झंडा, शेर आदि के चित्र न लगाएं। युद्ध, ज्वालामुखी और भूकंप आदि के चित्र भी वर्जित हैं।

मिर्च-मसाले, आटा, दाल और चावल आदि दक्षिण-पश्चिम दीवार के सहारे रखें। बच्चों के पढऩे की व्यवस्था इस प्रकार करनी चाहिए कि पढ़ते समय उनका मुंह उत्तर की ओर रहे, इससे मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ती है। यह भी ध्यान रखें कि मेज दीवार से छुए नहीं।

घर के मुख्य दरवाजे के दोनों और दूध, पानी मिलाकर डालें, बीच में हल्दी का स्वस्तिक बनाएं, उस पर गुड़ (सूर्य) की छोटी डली रखें और दो-चार बूंद (चंद्र) डालकर पूजा करें, इससे मकान के दोष दूर होंगे, बाहरी हवा का प्रभाव नहीं होगा, ऐसा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होने लगती है।

 

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NEWS IN ENGLISH

Keep the ideal house in the direction of objects, the atmosphere of peace and sanctity will become

There are two types of residence. The first residence is a spiritual body and the second house in which the family lives. What should be the residence of your family? What facilities should be there in it, which can increase the happiness, prosperity, peace etc., and increase the life of the person? In Vastu Shastra, there are some such meditative points in which, by sheding, the faults related to Vastu are removed and the atmosphere of peace and sanctity arises in the house, so at the following points to know what direction should be placed. pay attention-

In the middle of the house, the place of a courtyard or square is of Brahma, it should be kept clean.

At the entrance entrance to prosperity in the house, statues of Lakshmi, Kuber or Ganpati should be established. Never let the garbage collect in the north angle. North is the sacred place. Do not broach anytime here. Always try to keep it clean and empty as there is mental stress and physical pain due to keeping this direction infections. North direction is Kuber’s place, so keep the vault, locker, cash amount etc. in this direction.

Place the beds on the south side and bed with the bed. Keep a heavy chest, sofa set, wardrobe, heavy luggage store in the south-west direction.

Tulsi, sandalwood etc. should be planted in the house. The place of worship is best in the north-east angle (Ishaan). Never have a place of worship in the kitchen. In the kitchen, the stove should be placed in the south-east angle (southeast direction). This will not reduce incidents like fire, gas cylinder bursts.

Guests should sit in northwest angle (northwest) direction. Never plant plum, acacia and lemons in the house, they are taboo trees. Never have a room in the north-east direction in the store room.

The water used in the daily use should be placed in the north-east direction. Do not paint pictures of pigeons, hawks, snakes, jackals, owls, vultures, pigs, flags, lions etc. for the house decoration. Pictures of war, volcano and earthquake etc. are also taboo

Keep chilli-masala, flour, lentils and rice in the south-west wall. The system of reading of children should be done in such a way that while keeping their mouth towards the north while reading, this increases the concentration of the brain. Also keep in mind that the table does not touch the wall.

Mix both the milk and water of the main door of the house, add the turmeric swastika in the middle, place a small thread of jaggery (sun) on it and worship it by adding two-four drop (moon), this will remove the faults of the house, Air will not be affected, by doing so, happiness and prosperity begins to increase.

 

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