बजट से जुड़ी इन बातों को जानना हर किसी के लिए बेहद जरूरी

Advertisements

NEWS IN HINDI

बजट से जुड़ी इन बातों को जानना हर किसी के लिए बेहद जरूरी

नई दिल्ली: आज मोदी सरकार में वित्त मंत्री अरुण जेटली 11 बजे आम बजट पेश करेंगे। यह बजट हर लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मोदी सरकार का आखिरी पूर्णकालिक बजट होगा। बजट देश के वर्ग के लोगों पर प्रभाव डालता है। लेकिन हमेशा यही दिक्कत रहती है कि बजट में इस्तेमाल की जाने वाली गूढ़ भाषा और आर्थिक विषयों से संबंधित शब्द सबके समझ नहीं आते हैं। लेकिन एक जागरुक समाज को देश के बजट के बारे में जानकारी और उसे यह पता होना चाहिए कि सरकार टैक्स के रूप में उससे जो पैसा वसूल रही है उसको लेकर क्या नीतियां बन रही हैं और कहां खर्च किया जा रहा है इसके लिए बजट में इस्तेमाल किए जा रहे शब्दों और भाषा को समझना जरूरी है

बजट से जुड़ी कुछ खास बातें
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई): किसी विदेशी कंपनी द्वारा भारत स्थित किसी कंपनी में अपनी शाखा, प्रतिनिधि कार्यालय या सहायक कंपनी द्वारा निवेश करने को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश कहते हैं।

80सी की बचत : आप अपनी आमदनी में से इंश्योरेंस, सीपीएफ, जीपीएफ, पीपीएफ, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी), टैक्स बचाने वाले म्यूचुअल फंड, पांच साल से ज़्यादा की एफ़डी, होम लोन के प्रिंसिपल (मूलधन) जैसे निवेशों में लगा सकते हैं, और ऐसे ही निवेशों को जोड़कर डेढ़ लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स में छूट दी जाती है। इस डेढ़ लाख रुपये को आपकी कुल आय में से घटा दिया जाता है और उसके बाद इनकम टैक्स का हिसाब लगाया जाता है।

आकस्मिक निधि (कोष) : इस कोष का निर्माण इसलिए किया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर आकस्मिक खर्चों के लिए संसद की स्वीकृति के बिना भी राशि निकाली जा सके।

सकल राष्ट्रीय उत्पाद (जीएनपी): एक वर्ष के दौरान तैयार सभी उत्पादों और सेवाओं के सम्मिलित बाजार मूल्य तथा स्थानीय नागरिकों द्वारा विदेशों में किए गए निवेश के जोड़ को, विदेशी नागिरकों द्वारा स्थानीय बाजार से अर्जित लाभ में घटाने से प्राप्त रकम को सकल राष्ट्रीय उत्पाद कहा जाता है।

प्रत्यक्ष या डायरेक्ट टैक्स : यह व्यक्ति या संस्थानों की आय पर लगाया जाता है।

विनिवेश : जब सरकारी फर्म या संस्थान की कुछ हिस्सेदारी निजी हाथों में सौंप दी जाती है। इससे सरकार को राजस्व मिलता है।

उत्पाद शुल्क : देश के अंदर बनने वाले सभी उत्पादों पर लगाया जाता है।

राजकोषीय घाटा : सरकार के राजस्व और कुल खर्चें का अंतर होता है।

जीडीपी : एक वित्तीय साल में देश के अंदर बनने वाली कुल वस्तुओं और सेवाओं को सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी कहा जाता है।

एग्रीगेट डिमांड : यह किसी भी देश की अर्थव्यस्था का कुल मांग का जोड़ होता है। इसे उपभोक्ता वस्तुओं एवं सेवाओं और निवेश पर होने वाले खर्च को जोड़कर निकाला जाता है।

एप्रोप्रिएशन बिल : इस बिल के जरिए खर्चों के निकालने के लिए हरी झंडी देने जाती है। इसे लोकसभा में वोटिंग के जरिए पास किया जाता है।

एग्रीग्रेट सप्लाई : यह किसी देश में उत्पादित होने वाली वस्तु एवं सेवाओं की कीमत का जोड़ होता है। इसमें निर्यात किए गए माल की कीमत घटाने के बाद आयात किए गए माल की कीमत शामिल होती है।

बैलेंस ऑफ पेमेंट : देश के अंतरराष्ट्रीय कारोबार का लेखाजोखा होता है। मतलब देश और विदेश के बीच हुए लेनेदेन का हिसाब होता है।

बैलेंस बजट : जब देश की कुल आय और खर्चे बराबर होते हैं तो उसे बैलेंस बजट कहा जाता है। इसका मतलब है आय और व्यय पर टैक्स लगने वाला काफी है।

बजट घाटा : जब देश की कुल आय से ज्यादा खर्चे हों तो बजट घाटा कहा जाता है।

बजट अनुमान : एक वित्तीय साल के अंदर सरकार को कितनी आय हुई और उसने कितना खर्च किया। सरकार की आय का मतलब राजस्व है।

बॉण्ड : यह सरकारी प्रमाणपत्र है जो कर्ज के लिए जारी किया जाता है। इसके जरिए सरकार पैसा जुटाती है।

कारपोरेट टैक्स : इस तरह के टैक्स कारोबारी कंपनियों पर लगाया जाता है।

सीमा शुल्क : देश से आयात और निर्यात की जाने वाली वस्तुओं पर यह टैक्स लगाया जाता है।

चालू खाता घाटा : आयात और निर्यात के बीच के अंतर होता है।

 

NEWS IN ENGLISH

Knowing these things related to the budget is very important for everyone.

New Delhi: Finance Minister Arun Jaitley will present the general budget at 11 o’clock in the Modi government today. This budget is important in every sense because it will be the last full time budget of the Modi Government. Budget impacts people of the class of the country. But there is always the problem that the words related to the mysterious language and economic topics used in the budget are not understood by everyone. But a vigilant society should know about the country’s budget and it should be aware that what policies are being made by the government, and what is being spent on what is being spent in the form of tax, used in the budget Understanding words and language is important

Some special things related to budget
Foreign Direct Investment (FDI): Foreign direct investment is required by a foreign company to invest in a company based in India by its branch, representative office or subsidiary company.

80C Savings: You can invest in your investments from investments such as insurance, CPF, GPF, PPF, National Savings Certificate (NSC), tax saving mutual funds, more than five years of FD, home loan principal (principal). , And such investments are tax exemption on investment of up to 1.5 lakh rupees. This 1.5 lakh rupees is deducted from your total income and after that the income tax is calculated.

Contingency fund: This fund is created so that the amount can be withdrawn even without the approval of the Parliament for accidental expenses if necessary.

Gross National Product (GNP): The combined market value of all the products and services prepared during the year and the amount of investment made by the local citizens overseas, by reducing the profit earned from the local market by foreign citizens, Is called.

Direct or Direct Tax: It is levied on the income of individuals or institutions.

Disinvestment: When a government firm or some share of the institution is handed over in private hands. This gives the government revenue.

Excise duty: All products are manufactured inside the country.

Fiscal Deficit: There is a difference between the government’s revenue and total expenses.

GDP: In a financial year, the total goods and services created within the country are called GDP.

Aggregate Demand: This is the sum total of the total demand of the economy of any country. It is extracted on the consumption of consumer goods and services and investment.

Approachment Bill: Through this bill, it is necessary to give green signal for expenditure. It is passed through voting in the Lok Sabha.

Aggregate Supply: This is the sum of the price of goods and services produced in a country. This includes the cost of the goods imported after the price of the exported goods is reduced.

Balance of Payment: An account of the country’s international business. Meaning of transactions between country and abroad are accounted for.

Balance Budget: When the total income and expenditure of the country are equal, then it is called Balance Budget. This means that there is a lot to be taxed on income and expenditure.

Budget deficit: When the country’s total income is more than the budget, the budget deficit is called.

Budget Estimates: How much the government has earned and how much it spent within a financial year. Government income means revenue.

Bond: This is a government certificate which is issued for debt. Through this the government raises the money.

Corporate Tax: Such tax is levied on business companies.

Customs: This tax is levied on items imported and exported from the country.

Current account deficit: There is a difference between import and export.

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.