मनसंगी के पर्यावरण सप्ताह का समापन, मनसंगी पत्रिका ‘हमारा पर्यावरण’ का विमोचन

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मनसंगी के पर्यावरण सप्ताह का समापन, मनसंगी पत्रिका ‘हमारा पर्यावरण’ का विमोचन

नन्हीं पाखी जैन का संचालन और रचनाकारों का काव्य पाठ मुख्य आकर्षण रहा


साहित्य। मनसंगी साहित्य संगम के पर्यावरण सप्ताह का समापन ऑनलाइन गूगल मीट पर हुआ। मुख्य अतिथि योगेश सिंह धाकरे ‘चातक’ आलीजापुर (म.प्र.) थे। सरस्वती वंदना नरेंद्र वैष्णव ने व स्वागत गीत सुरंजना पांडे ने प्रस्तुत किया। विमोचन कार्यक्रम के संयोजक मंगल कुमार जैन ने बताया कि मनसंगी के संस्थापक अमन राठौर ‘मन’ व सह संस्थापिका मनीषा कौशल के मार्गदर्शन में विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रकाशित हुई बहु प्रतीक्षित मनसंगी प्रकृति सौंदर्य पत्रिका के प्रथम अंक “हमारा पर्यावरण” ई- पुस्तक का विमोचन हुआ। पत्रिका की रचनाओं का संकलन कार्य संकलन प्रमुख जागृति शर्मा व नेहा मिश्रा ने तथा संपादन रवि शंकर निषाद ने किया।

विमोचन के पहले पत्रिका में प्रकाशित रचनाओं के रचनाकारों ने अपनी रचनाओं का रोचक काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का आकर्षक संचालन उदयपुर राजस्थान की कक्षा पांच की नन्हीं बालिका पाखी जैन ने किया। इस दौरान मनसंगी संस्थापक अमन राठौर ‘मन’ जी ने मनसंगी साहित्य संगम के एक वर्ष पूरा होने और वर्ष भर विभिन्न साहित्यिक-रचनात्मक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न होने पर सभी के सहयोग का आभार जताया। धाकरे ‘चातक’ ने सभी रचनाकारों की रचनाओं की प्रशंसा करते हुए प्रस्तुत संकलन के प्रकाशन कार्य की सराहना की। उन्होंने पर्यावरण चिंतकों के लिए विमोचित पुस्तक ‘हमारा पर्यावरण’ को बहु उपयोगी बताया।

इसके पूर्व देश भर से उपस्थित मनसंगी से जुड़े मंगल कुमार जैन (शिक्षक) उदयपुर राजस्थान, राम कुमारी (शिक्षिका) गंगानगर मेरठ यूपी, डॉ. संजू त्रिपाठी लखनऊ उ.प्र., वेद प्रकाश दिवाकर जांजगीर छत्तीसगढ, विनोद ढींगरा ‘राजन’ फरीदाबाद हरियाणा, प्रियंका लालवानी खत्री भोपाल, नरेंद्र वैष्णव, नैंसी वनस्थली विद्यापीठ, योगेश सिंह धाकरे ‘चातक’ आलिजापुर म.प्र.,अलका जैन इंदौर,पाखी जैन उदयपुर राजस्थान, कल्पना कहार आदि ने पर्यावरण सुधार, प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, वृक्षारोपण करने, पेड़ नहीं काटने के लिए जागरूकता फैलाने वाली स्वरचित रचनाओं का सुंदर।

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