मोदी सरकार से हट सकती है TDP, मंत्रियों को इस्तीफे के लिए तैयार रहने को कहा गया

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मोदी सरकार से हट सकती है TDP, मंत्रियों को इस्तीफे के लिए तैयार रहने को कहा गया

 

नई दिल्ली। जब से तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने मोदी सरकार के सामने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जा देने की मांग की है, तब से दिन प्रतिदिन टीडीपी और सरकार के बीच में तल्खी बढ़ती जा रही है. मोदी सरकार टीडीपी की इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है.

केंद्र सरकार भले ही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन आंध्र प्रदेश के विकास के लिए आर्थिक सहायता देने के साथ ही विजयवाडा और विशाखापट्टनम के लिए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को भी मंजूरी देने को तैयार है. वहीं टीडीपी की मांग है कि मोदी सरकार उस वादे को पूरा करे जो आंध्र प्रदेश के विभाजन के दौरान तत्कालीन सरकार ने किया था.

सरकार आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की टीडीपी की मांग को इसलिए नहीं मांग सकती क्योंकि किसी भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए नियमों में बदलाव करने पड़ेंगे. अगर नियमों में बदलाव करके टीडीपी की मांग को मान लिया तो बिहार, झारखंड जैसे अन्य राज्य भी इस तरह की मांग कर मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं. इसलिए मोदी सरकार टीडीपी की मांग के आगे किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं है.

संसद में भी टीडीपी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है, तो वहीं शिवसेना ने भी टीडीपी की मांग को जायज मानते हुए संसद में टीडीपी का समर्थन किया. शिवसेना ने पहले ही ऐलान किया हुआ है कि वो 2019 के आम चुनाव में बीजेपी के साथ मिलकर नहीं लड़ेगी.

संसद में मंगलवार को जहां टीडीपी को एनडीए के अन्य सहयोगियों का साथ मिला वहीं कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद टीडीपी के हौंसले बुलंद हैं. टीडीपी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में चंद्रबाबू नायडू मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए केंद्र सरकार से अपने मंत्रियों का इस्तीफा करा सकते हैं.

अब देखना होगा कि पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को इस तरह की समस्याओं से कब निजात मिलती है क्योंकि शिवसेना पहले ही कह चुकी है कि वो 2019 का आम चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर नहीं लड़ेगी.

दूसरी तरफ एनडीए गठबंधन का सबसे छोटा दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए से बाहर हो गया है. देखना होगा कि पीएम मोदी और अमित शाह कैसे अपनी राजनैतिक सुझबूझ से एनडीए को किस हद तक एकजुट है।

 

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NEWS IN ENGLISH

Modi may withdraw from TDP, ministers were asked to be prepared for resignation

new Delhi. Ever since the Telugu Desam Party (TDP) has demanded special status for Andhra Pradesh in front of the Modi government, the day is going on increasing every day between TDP and the government. The Modi government is not ready to admit this demand of TDP.

Even though the Central Government is not ready to give special status to Andhra Pradesh, but with financial support for Andhra Pradesh’s development, it is ready to approve the Metro Rail project for Vijayawada and Visakhapatnam too. At the same time TDP’s demand is that the Modi government will fulfill the promise that the then government did during the partition of Andhra Pradesh.

The government can not demand TDP’s demand for granting special state status to Andhra Pradesh, because any state will have to make changes in rules to give special state status. Other states like Bihar, Jharkhand can also raise the problems of the Modi government by demanding such a demand if TDP’s demand by changing the rules. That is why the Modi government is not ready to bend at any cost beyond TDP’s demand.

Even in the Parliament TDP has opened a front against the government, Shiv Sena also supported TDP in Parliament while considering TDP’s demand as justified. Shiv Sena has already announced that he will not fight with BJP in the 2019 general elections.

On Tuesday, in the Parliament, where TDP got along with other NDA allies, TDP’s supporters got the support of Congress support. TDP hopes that in the days to come, Chandrababu Naidu can resign his ministers from the central government to pressure the Modi government.

Now it has to be seen that when PM Modi and BJP President Amit Shah get rid of such problems, the Shiv Sena has already said that they will not fight the 2019 general election together with the BJP.

On the other hand, the smallest group of NDA alliance has been out of the NDA headed by Hindustani Awami Morcha BJP. It is necessary to see how PM Modi and Amit Shah have united to the NDA with their political consciousness.

 

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