महिला दिवस पर विशेष : तीन पीढिय़ों की महिलाओं के संयुक्त प्रयास से हुआ मां ताप्ती पुराण का प्रादुर्भाव

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महिला दिवस पर विशेष : तीन पीढिय़ों की महिलाओं के संयुक्त प्रयास से हुआ मां ताप्ती पुराण का प्रादुर्भाव


मुलताई। मां ताप्ती महात्म्य का हिन्दी रूपांतर तीन पीढिय़ों की महिलाओं के संयुक्त प्रयास से 1999 संभव हो सका। जिसके कारण आज पाठकों को मां ताप्ती महात्म्य का हिन्दी रूपांतर श्री ताप्ती पुराण हिन्दी भाषा में प्राप्त हो सका। 1999 के पूर्व ताप्ती महात्म्य पाठकों को संस्कृत एवं गुजराती भाषा में ही उपलब्ध था। यह दुरह कार्य तीन पीढिय़ों की महिलाओं के संयुक्त प्रयास से संभव हो सका।

श्री ताप्ती महात्म्य जो संस्कृत भाषा में उपलब्ध थी उसका हिन्दी अनुवाद सेवानिवृत्त प्रधान पाठिका कलावती मान्धाता ने किया एवं उसका संशोधन उनकी पुत्री सेवानिवृत्त प्रधान पाठिका एमए संस्कृत रामकुंवर खेरे ने किया। तथा उसे प्रकाशित करने हेतु उनकी पुत्र वधु वर्षा खेरे ने इसे हिन्दी भाषा में कम्प्युटरीकृत कर प्रकाशन योग्य बनाया। इसका पहला संस्करण 400 से अधिक पृष्ठों का 1999 में प्रकाशित किया गया था। जिसको पाठकों एवं श्रद्धालुओं ने अत्यधिक महत्व दिया।

जिसके चलते श्री ताप्ती पुराण के कुल तीन संस्करण प्रकाशित कर लागत मुल्य पर उपलब्ध कराये गये। जिसके कारण आज पाठकों को सुलभ तरीके से तीन पीढिय़ों की महिलाओं के संयुक्त प्रयास से मां ताप्ती महिला श्री ताप्ती पुराण के रूप में हिन्दी भाषा में उपलब्ध हो पाई है। मध्यप्रदेश शासन के लोक शिक्षण संचालनालय ने इसे महत्व देते हुए शासकीय खरीदी हेतु भी अनुमोदित किया।

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