मप्र : महिला स्व-सहायता समूह बनेंगे सहकारी समिति, मिलेगी वैधानिक हैसियत

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मप्र : महिला स्व-सहायता समूह बनेंगे सहकारी समिति, मिलेगी वैधानिक हैसियत

भोपाल। छह से कम उम्र के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले टेक होम राशन का काम महिला स्व-सहायता समूह को देने के लिए सरकार इनकी सहकारी समिति बनाएगी। ये समिति गांव से लेकर क्षेत्रीय स्तर पर होगी। इसके लिए सहकारिता विभाग ने संभागीय संयुक्त आयुक्तों को त्रिस्तरीय समिति बनाने के आदेश दिए हैं। यह पूरी कवायद समूहों को वैधानिक हैसियत प्रदान करने के लिए हो रही है। महाराष्ट्र में भी लगभग इसी मॉडल पर पूरक पोषण आहार का काम हो रहा है। सरकार ने चुनिंदा ठेकेदारों की जगह पोषाहार के काम का विकेंद्रीकरण करने का फैसला किया है। इसके तहत टेक होम राशन का काम महिला स्व-सहायता समूहों को दिया जा रहा है। आजीविका मिशन के तहत काम करने वाले महिला स्व-सहायता समूह के परिसंघ को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

इसकेे लिए इनकी सहकारी समितियां बनाई जाएंगी। प्राथमिक स्तर पर समिति बनेगी। इसमें कम से कम 20 ऐसे सदस्य रहेंगी, जो स्व-सहायता समूह की सदस्य रह चुकी हों। 20 प्राथमिक महिला बहुप्रयोजन समितियों पर एक संकुल सहकारी संघ बनेगा। 20 संकुल सहकारी संघ से मिलकर एक क्षेत्रीय महिला बहुप्रयोजन सहकारी संघ बनेगा। सूत्रों का कहना है कि सहकारी अधिनियम के तहत सहकारी समिति बन जाने पर स्व-सहायता समूहों को वैधानिक हैसियत मिल जाएगी। सरकार इन्हें न सिर्फ आर्थिक मदद कर सकेगी बल्कि इन्हें सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन का जिम्मा भी सौंपा जा सकेगा।

आयुक्त सहकारिता रेनु पंत ने सभी संयुक्त आयुक्तों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि महिला आजीविका बहुप्रयोजन सहकारी संघ के गठन के लिए उपविधियों को मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है। पंजीयन के लिए राज्य आजीविका मिशन के विकासखंड स्तर के अधिकारी को पदेन संगठन नियुक्त किया जा सकता है। पंजीयन के प्रस्ताव की सिफारिश मिशन के जिला अधिकारी करेंगे।

 

NEWS IN English

MP: Women’s self-help group will become cooperative society, legal status will be met

Bhopal. The government will set up its cooperative society to give the work of Tech Home Ration given to children of less than six years and to the pregnant women, to the women’s self-help group. These committee will be from the village to the regional level. For this, the Cooperative Department has ordered the Divisional Joint Commissioners to form a three-tier committee. This is done to provide statutory status to the entire exercise group. In Maharashtra also, supplementary nutrition is being worked on this model almost. The government has decided to decentralize the work of nutrition instead of selected contractors. Under this, work of Tech Home Ration is being given to women self-help groups. This responsibility will be assigned to the Federation of Women Self-Help Groups working under livelihood mission.

For this, their co-operatives will be formed. The committee will be formed at the primary level. There will be at least 20 such members who have been a member of Self Help Group. A package cooperative union will be formed on 20 primary women multipurpose committees. 20 co-operative societies will be formed in association with a regional women multidisciplinary co-operative team. Sources say that on the formation of a co-operative society under the co-operative act, the self-help groups will get statutory status. The government will not only be able to help them financially but will also be given the responsibility of implementing schemes implemented by the government.

Commissioner Co-operative Renu Pant has written to all the Joint Commissioners and has instructed that the Headquarters has cleared the DySPs for the formation of Women’s Livelihood Multipurpose Cooperative. For the registration, the developmental level officer of the State Livelihood Mission can be appointed as an exempt organization. The proposal of registration will be recommended by the district’s district officials.

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