मुंबई : नौसेना में शामिल होगी स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बी करंज

Advertisements

NEWS IN HINDI

मुंबई : नौसेना में शामिल होगी स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बी करंज

मुंबई। भारतीय नौसेना में कलवरी और खांदेरी के बाद बुधवार को स्कॉर्पीन क्लास की तीसरी पनडुब्बी करंज को शामिल कर लिया जाएगा। मुंबई के मझगांव डोकयार्ड में एक विशेष कार्यक्रम में इसे लॉन्च किया जाएगा। करंज एक स्वदेशी पनडुब्बी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ के तहत तैयार की गई है। कलवरी और खांदेरी के बाद ‘करंज’ की ताकत देखकर दुश्मनों के पसीने छूट जाएंगे।

इस कार्यक्रम में नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा भी शामिल होंगे। स्कॉर्पीन क्लास की पहली पनडुब्बी कलवरी को पिछले साल दिसंबर में नौसेना में शामिल किया गया था। बता दें कि 6 पनडुब्बियों के प्रोजेक्ट की सभी पनडुब्बियां 2022 तक नौसेना में शामिल हो जाएंगी। यह प्रोजेक्ट 70 करोड़ का है और इसे प्रोजेक्ट 75 नाम दिया गया है।

आज के समय के स्मार्ट फीचरों से इसको बनाया गया है। दुश्मनों को चकमा देकर उनकी नजरों से बचकर सटीक निशाना लगा सकती है। यह टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइलों से हमले भी कर सकती है। इअतना ही नहीं, यह पानी अंदर भी हमला किया जा सकता है। साथ ही सतह पर पानी के अंदर से दुश्‍मन पर हमला करने की खासियत भी इसमें है।

 

NEWS IN English

Mumbai: Scorpion class submarine carnage will be included in Navy

Mumbai. After the Kalvari and Khanderi in the Indian Navy, the third submarine carnage of Scorpion Class will be included on Wednesday. It will be launched at a special event in Mazgaon Dokeyard, Mumbai. Karanj is an indigenous submarine, which has been prepared under ‘Make in India’. After Kalvari and Khanderi, the strength of ‘Karanj’ will leave the persecution of the enemies.

Navy Chief Admiral Sunil Lamba will also be involved in this program. Calvary, the first submarine class of the Scorpion class, was included in the Navy last December. Explain that all the submarines of 6 submarines projects will join the navy by 2022. This project is 70 crores and it has been named Project 75.

It has been made with smart features of today’s time. By dodging the enemies, they can make a precise target by escaping their eyes. It can also attack with Torpedoes and anti-ship missiles. Not only this, this water can be attacked even inside. In addition, it also has the specialty of attacking the enemy from inside the surface on the surface.

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.