नई दिल्ली : आर्थिक सर्वे सरकार की सबसे बड़ी आशंका, कच्चा तेल होगा 12% महंगा

Advertisements

NEWS IN HINDI

नई दिल्ली : आर्थिक सर्वे सरकार की सबसे बड़ी आशंका, कच्चा तेल होगा 12% महंगा

नई दिल्ली। आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाले मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट से पहले सोमवार को आर्थिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इसमें सरकार की कई प्रमुख चिंताएं उभरकर सामने आई हैं। यह सर्वे बताता है कि आम बजट 2018 के दौरान बढ़ता क्रूड, बेलगाम होती महंगाई और पर्याप्त संख्या में रोजगार न पैदा होना सरकार की प्रमुख चिंताएं हैं जिसका असर आम बजट 2018 में भी देखने को मिल सकता है। गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी 2018 को अपना चौथा पूर्णकालिक आम बजट पेश करेंगे जो कि एनडीए सरकार का भी आखिरी पूर्णकालिक बजट होगा। महंगा क्रूड सरकार की बड़ी चिंता: मौजूदा समय में महंगा होता क्रूड सरकार की प्रमुख चिंता बना हुआ है। सरकार हर हाल में महंगे क्रूड के असर को आम जनता पर कम करना चाहेगी। माना जा रहा है कि क्रूड में इस साल 12 फीसद का इजाफा हो सकता है। वर्तमान समय में WTI क्रूड 66.11 डॉलर प्रति बैरल पर और ब्रेंट क्रूड 70.30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

महंगाई के मोर्चे पर भी कम नहीं है चुनौती: महंगाई के मोर्चे पर भी सरकार की मुश्किलें कम नहीं हैं। सरकार को हर हाल में महंगाई को थामने के तेज प्रयास करने होंगे। अगर मुद्रास्फीति मौजूदा स्तरों से नहीं हटती तो नीतिगत दरों को स्थिर रहने की उम्मीद की जा सकती है। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान सीपीआई इन्फ्लेशन 3.7 फीसद के आसपास रह सकती है। आपको बता दें कि जहां एक ओर दिसंबर महीनें में थोक महंगाई ने थोड़ी राहत दी वहीं खुदरा महंगाई का दिसंबर में बढ़ना जारी रहा। दिसंबर महीने में थोक महंगाई दर घटकर 3.58 फीसद के स्तर पर आ गई। नवंबर महीने में यह 3.93 फीसद रही थी। वहीं दूसरी तरफ दिसंबर महीने में सीपीआई इन्फ्लेशन 5.21 फीसद रही है जो कि नवंबर महीने में 4.88 फीसद रही थी। साल 2017 के आखिरी महीने में सीपीआई महंगाई के 5.12 फीसद पर रहने का अनुमान लगाया गया था।

रोजगार के मोर्चे पर भी कम नहीं है चुनौती: रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान ज्यादा से ज्यादा संख्या में रोजगार मुहैया कराना सरकार के प्रमुख वादों में से एक रहा था। इस बार के आम बजट में सरकार उन योजनाओं के आवंटन में अच्छी वृद्धि कर सकती है जिनसे युवाओं को रोजगार मिलता है। इन योजनाओं में मनरेगा से लेकर पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए चल रही योजनाएं शामिल हैं।

सूत्रों की मानें तो रोजगार सृजित करने वाले कार्यक्रमों का बजट बढ़ना तय है। फिलहाल अलग-अलग मंत्रालयों में करीब आधा दर्जन ऐसी योजनाएं चल रही हैं जिनका सीधा संबंध रोजगार सृजन से है। इन योजनाओं के बजट में बड़ी वृद्धि होने का अनुमान है। वहीं स्वरोजगार उपलब्ध कराने वाले कार्यक्रमों के बजट में भी बड़ी वृद्धि हो सकती है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टैंड अप इंडिया कार्यक्रम के लिए चालू वित्त वर्ष के बजट में प्रत्येक को 520 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था। इस साल के बजट में इसमें अच्छी वृद्धि की जा सकती है। इसी तरह सरकार श्रम और रोजगार मंत्रलय के अधीन नौकरियों और कौशल प्रशिक्षण तथा कामगारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए आम बजट में वृद्धि कर सकती है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रलय के अधीन चलने वाले प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का बजट भी बढ़ाकर करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपए किया जा सकता है।

 

NEWS IN English

New Delhi: Economic Survey Government’s biggest apprehension, crude oil will be 12% expensive

new Delhi. Economic survey was presented in the Lok Sabha on Monday, before the last full budget of the Modi government, which will be held on February 1. There are several major concerns of the government that have emerged. This survey shows that the rising budget, rising inflation and unemployment in the general budget of 2018 are the main concerns of the government, which can also be seen in the General Budget 2018. Significantly, Finance Minister Arun Jaitley will present his fourth full-time general budget on February 1, 2018, which will also be the last full time budget of the NDA government. The major worry of the costly crude government: the current concern of the current crude government remains a major concern. The government will want to reduce the impact of the costly crude on the general public. It is believed that crude can be up 12 percent this year. At present, WTI crude is trading at $ 66.11 a barrel and Brent Crude is trading at $ 70.30 a barrel level.

The challenge is not even low on the inflation front: The problems of the government are not low even on the inflation front. The government will have to make every effort to put an end to inflation. If inflation does not move from current levels, policy rates can be expected to remain stable. During the financial year 2017-18, CPI inflation can be around 3.7 per cent. Let me tell you that while wholesale inflation has given some relief in the month of December, retail inflation continued to grow in December. In December, wholesale inflation declined to 3.58 percent. It was 3.93 per cent in November. On the other hand, CPI inflation was 5.21 per cent in December, which was 4.88 per cent in November. CPI inflation was estimated at 5.12 percent in the last month of the year 2017.

There is no shortage of employment on the job front: the government is facing a big challenge even on the employment front. Providing maximum number of jobs during campaigning during the Lok Sabha elections was one of the main promises of the government. In this general budget, the government can increase the allocation of those schemes which provide jobs to the youth. These schemes include ongoing schemes for providing jobs to the youth from MNREGA.

If sources are to be believed then the budget for programs that create jobs is going to increase. At present, there are about half a dozen schemes in different ministries, which are directly related to employment generation. There is an estimated increase in the budget of these plans. There can also be big increase in self-employment programs.

In the current financial year for the Prime Minister’s Money Scheme and the stand-up India program, an allocation of Rs 520 crores was made to each. This year’s budget can be enhanced. In the same way, the government can increase the general budget for jobs and skill training under the Labor and Employment Ministry and social security for workers. The budget of the Prime Minister Employment Generation Program, which is run under the Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises, can also be increased to about 1.5 billion crores.

Advertisements
Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.