ओंकारेश्वर : आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा के लिए भूमिपूजन

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ओंकारेश्वर : आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा के लिए भूमिपूजन

ओंकारेश्वर (खंडवा)। आदिगुरु श्री शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा के लिए धातु संकलन के लिए निकली एकात्म यात्रा का सोमवार को समापन कार्यक्रम हुआ। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वामी अवधेशानंद महाराज, सद्गुरु जग्गी वासुदेव, भैयाजी जोशी और अन्य साधु-संत मौजूद थे। अतिथियों ने प्रतिमा स्थापना के लिए भूमिपूजन किया। ये प्रतिमा ओंकार पर्वत पर स्थापित होगी। आदिगुरु शंकराचार्य की स्मृति में ओंकारेश्ववर में अद्वैत वेदांत संस्थान और आचार्य शंकर संग्रहालय का शिलान्यास भी किया गया। धातु संग्रहण के उद्देश्य से प्रदेश के चार स्थानों से निकली एकात्म यात्राएं रविवार शाम ओंकारेश्वर पहुंच गई थी और सोमवार को यात्रा का समापन कार्यक्रम हुआ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे लेकिन अपरिहार्य कारणों से उनका दौरा निरस्त हो गया।

कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का वीडियो संदेश दिखाया गया। इसमें उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने नर्मदा यात्रा एवं एकात्म यात्रा के माध्यम से सांस्कृतिक एकता का उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को हृदय से साधुवाद दिया और कहा कि आदिशंकर के योगदान को ओंकारेश्वर में मूर्त रूप देने का श्री चौहान का यह उत्कृष्ट प्रयास है। यहां पर आदि शंकराचार्य को गुरु मिले, यह स्थान जनता की अपार श्रद्धा एवं आस्था का केंद्र है।

प्रदेश में चार स्थानों से 35 दिन पूर्व यानि 19 दिसंबर 2017 शुरू हुई थी। 2231 गांव व शहरों से गुजरते हुए एकात्म यात्रा ने करीब 6624 किलोमीटर का सफर तय किया। दावे के मुताबिक यात्रा में करीब 17 लाख लोग शामिल हुए। यात्रा के जरिए करीब 20519 किलो धातु एकत्र किया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने नमामि देवी नर्मदे सेवा परिक्रमा यात्रा के दौरान ओंकार पर्वत पर आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची अष्टधातु की मूर्ति लगाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री और सभी साधु-संतों ने आदि शंकराचार्य आदि शंकराचार्य की एक छोटी प्रतिमा का अनावरण भी किया। ठीक इसी तरह ओंकार पर्वत पर 108 फीट ऊंंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। समापन कार्यक्रम गजानंद आश्रम के निकट श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा मैदान पर हुआ। कार्यक्रम के लिए 6 मंच बनाए गए थे। इनमें से चार मंच चार वेदों की परिकल्पना करते हुए बनाए गए जबकि पांचवें मंच पर अतिथि और छठे मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में नैतिक पुनर्जागरण की आवश्यकता है क्योंकि देश-दुनिया में कई घटनाएं ऐसी हो रही हैं जो सोचने पर विवश कर रही हैं। बच्चे अपराध कर रहे हैं, बेटियां दुराचार का शिकार हो रही हैं। ऐसे में नैतिक जागरण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बेटियों को हम देवियां मानते हैं लेकिन कुछ नराधम ऐसे भी हैं जो दुराचार करते हैं। ऐसे नरपिशाचों के लिए फांसी की सज़ा का मध्यप्रदेश ने कानून बनाया है। इसलिए कानून के साथ नैतिक पुनर्जागरण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य एकता न्यास के तहत चार पुनर्जागरण के केंद्र बनेंगे जिसमें आध्यात्मिक, नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए काम होंगे। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि ओंकारेश्वर एक अद्भुत आध्यात्मिक शहर के रूप में बन कर उभरेगा और इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार व्यवस्थाएं करेगी। सीएम ने घोषणा की कि ओंकारेश्वर में एक ऑडियो-वीडियो केंद्र भी बनाया जाएगा जिसमें व्यक्ति ब्रह्मांड और आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव कर सकेगा। आदिगुरू शंकराचार्य की मूर्ति की स्थापना के साथ ही ओंकारेश्वर में संग्राहलय एवं अद्वैत वेदान्त शोध संस्थान की स्थापना करने की भी घोषणा की।

इसके अलावा सीएम ने आदि गुरु शंकराचार्य के जीवन, उनके संदेशों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब कई मत-मतान्तर एक-दूसरे को नीचा दिखाने को उतारू थे, तब आदि शंकराचार्य ने ज्ञान दिया कि एक ही सत्य है, एक ही चेतना सभी में है। इस दर्शन के बाद देश सांस्कृतिक एकता के एक सूत्र में बंध सका। भारत का मौजूदा एक स्वरूप आदिगुरु शंकराचार्य के प्रयासों से ही संभव हो पाया है।
उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर में ही आदि गुरु शंकराचार्य को गुरु मिले और यहीं पर उन्होंने नर्मदाष्टक स्त्रोत की रचना की।

 

NEWS IN English

Omkareshwar: Bhimipuzhan for the 108 feet high statue of Adiguru Shankaracharya

Omkareshwar (Khandwa) The concluding program of the Ekatmayam Yatra, which came out for the collection of metal for the statue of Adityu Guru Shankaracharya 108 feet high, was concluded on Monday. Chief Minister Shivraj Singh Chauhan, Swami Awadheshanand Maharaj, Sadguru Jaggi Vasudev, Bhaiyaji Joshi and other sadhu saints were present. The guests did the Bhumi Pujan for the installation of the statue. These statues will be installed on the Omkar mountain. In the memory of Adiguru Shankaracharya, the foundation stone of the Advaita Vedanta Institute and Acharya Shankar Museum was also done in Omkareshwar. For the purpose of collection of metal, the unmatical journeys from four places of the state had reached Omkareshwar on Sunday evening and on the concluding journey of the journey on Monday. BJP National President Amit Shah was scheduled to attend the program but his tour was canceled due to inevitable reasons.

The video message of Bhartiya Janta Party national president Amit Shah was shown in the program. In this, he said that Chief Minister Shri Shivraj Singh has done excellent work of cultural unity through Narmada yatra and Ekatmayam Yatra. He gave the heartfelt devotion to the Chief Minister and said that it is an excellent effort by Mr. Chauhan to give the contribution of Adishankar to Omkareshwar. Here Adi Shankaracharya meets Guru, this place is the center of public reverence and faith.

It started 35 days ago ie 19 December 2017 from four places in the state. By passing through 2231 villages and cities, the Ekatmu Yatra traveled about 6624 km. According to the claim, about 17 lakh people joined the yatra. Nearly 20519 kg of metal was collected through travel It may be mentioned that during the Navami Devi Narmande Parikrama Yatra, the Chief Minister had announced the installation of a statue of a statue of a statue of ‘Adiguru Shankaracharya 108 feet high.’ The Chief Minister and all the Sadhus-saints also unveiled a small statue of Adi Shankaracharya Adi Shankaracharya. Similarly, a 108-feet high statue will be set on Omkar Mountain. The closing ceremony was held on the Shri Panchayati Mahanagarvichala Arena ground near Gajanand Ashram. 6 forums were created for the program. Four of these platforms were made while envisaging four Vedas, whereas on the fifth platform, cultural presentations were made on guest and sixth stage.

In his address, the Chief Minister said that there is currently a need for moral renaissance as many incidents in the country and the world are happening that are compelling to think. Children are committing crimes, daughters are being victim of misconduct. In such a way, moral awakening is very important. He said that we consider daughters to be goddesses, but there are some idiots who do mischief. Madhya Pradesh has enacted legislation to be hanged for such snares. Therefore ethical Renaissance is also necessary with law. He said that Shankaracharya will become the center of four Renaissance under Ekta Trust, in which work for spiritual, moral, social and cultural consciousness will be done. The Chief Minister also said that Omkareshwar will emerge as a wonderful spiritual city and Madhya Pradesh government will make arrangements for it. CM announced that an audio-video center will also be set up at Omkareshwar, in which the person will be able to experience the universe and spiritual power. With the establishment of the statue of Adiguru Shankaracharya, he also announced the establishment of a museum and the Advaita Vedanta Research Institute at Omkareshwar.

Apart from this, CM also gave information about the life of Adi Guru Shankaracharya, his messages. He said that when many opinion polls were coming out to humiliate each other, then Adi Shankaracharya gave the knowledge that there is only one truth, the same consciousness is in everyone. After this philosophy, the country could get tied up in a form of cultural unity. The present form of India has been possible only by the efforts of Adi Guru Shankaracharya.
He said that in Omkareshwar itself, Guru Shankaracharya got a Guru, and here he created a Narmadaksh source.

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