पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री भार्गव केे बंगले में खुलेगी रसोई, चुनाव क्षेत्र के लोगों के लिए किया इंतजाम

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पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री भार्गव केे बंगले में खुलेगी रसोई, चुनाव क्षेत्र के लोगों के लिए किया इंतजाम

भोपाल। नशामुक्ति के लिए महिलाओं को मोगरी, 11 नदियों का जल लाकर कुंभ और दादा बनने पर घर-घर बिस्तवा (गुड़ के लड्डू) बंटवाने जैसे प्रयोग करने के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव अब नया प्रयोग करने जा रहे हैं। राजधानी भोपाल स्थित उनके 74 बंगले स्थित सरकारी आवास में रसोई खुलेगी। इसमें चुनाव क्षेत्र रेहली से आने वाले मरीज व उनके परिजनों के साथ अन्य अतिथियों के लिए अब दोनों वक्त का खाना, नाश्ता और बाल काटने व दाढ़ी बनाने के लिए नाई का इंतजाम होगा।

क्षेत्रीय लोगों को ठहराने के लिए अब 50 बिस्तर की व्यवस्था बनाई गई है। मरीज और उनके परिजनों को अस्पताल आने-जाने के लिए दो वाहन और चार सेवक भी 24 घंटे तैनात रहेंगे। नई व्यवस्था दो-तीन दिन में शुरू होगी। भार्गव के इस कदम को इस साल के अंत में होने जा रहे विधानसभा चुनाव की जमावट से जोड़कर देखा जा रहा है। शुद्ध देसी अंदाज में राजनीति करने के लिए चर्चित गोपाल भार्गव कुछ न कुछ ऐसा करते रहते हैं जो चर्चा का सबब बन जाता है। करीब दो साल पहले उन्होंने राजधानी भोपाल स्थित आवास में आने वाले बीमारों और उनके परिजनों के रहने, खाने-पीने का इंतजाम किया था पर यह व्यवस्था दो चाय और नाश्ते में सिमट गई थी।

इसकी वजह सुविधा का बेजा इस्तेमाल होना था। लोग भोपाल में ही जमे रहते थे। इसके कारण जरूरतमंदों को परेशानी होती थी। भार्गव के मुताबिक संपन्न् लोग तो अपना इंतजाम कर लेते हैं पर आर्थिक रूप से गरीबों को शहर में इलाज कराने पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार परिजन भोजन के लिए पैसे मांगते थे तो कई बार अस्पताल आने-जाने वाहन का इंतजाम करने की मांग करते थे। इसे देखते हुए विचार आया कि जब हम सुबह नाश्ता और दो वक्त की चाय देते हैं तो स्वादिष्ट भोजन का इंतजाम भी किया जा सकता है। इसके लिए दो रसोईए रखे गए हैं।

इन्हें छह-छह हजार रुपए महीना दिया जाएगा। इसके साथ मरीजों की दाढ़ी बनाने और बाल काटने के लिए नाई की व्यवस्था भी रहेगी। खाने के अलावा सुबह नहाने के लिए साबुन, शेम्पू, दंत मंजन, टूथपेस्ट की व्यवस्था भी रहेगी। अतिथि और मरीजों के परिजनों की संख्या को देखते हुए एक ऑफिस को रहवासी क्षेत्र में तब्दील कर दिया है। अब बंगले पर पांच स्थानों पर करीब पचास लोग एक साथ रह सकते हैं। इसकी जानकारी देने के लिए बाकायदा क्षेत्र में पेंफ्लेट भी जारी किए गए हैं। इसमें बंगले पर रहने वाले चार सेवक रामभुवन अवस्थी, राहुल सिंह राजपूत, प्रदीप चौरसिया और छोटेलाल लोधी के मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।

ये रहेगा खाने का मीनू
शरबती गेहूं की रोटी, गाडरवाड़ा की अरहर दाल फ्राई, बासमती चावल, मटर व पालक पनीर, मलाई कोफ्ता, मिक्स वेज, हरी सब्जियां, सलाद, अचार और पापड़।

 

NEWS IN English

Panchayat and Rural Development Minister Bhargava’s kitchen will open in the bungalow, arrangements made for people of the constituency

Bhopal. Panchayat and Rural Development Minister Gopal Bhargava is now going to make a new experiment after using the Mogri for the illiteracy, and after using the water of the 11 rivers to be divided into the house and house of Bistwa (Gud ke laddu) on the formation of Kumbh and grandfather. The kitchen will open in the government house located in their 74 bungalows located in the capital Bhopal. In this, there will be a barber to prepare food, snacks and hair cutting and beard for both guests and their families along with their families from Rehli constituency.

50 beds have now been made to accommodate regional people. Two vehicles and four servants will be deployed 24 hours for the patients and their families to go to the hospital. The new system will start in two to three days. This move of Bhargav is being linked to the assembly of elections going to be held later this year. Gopal Bhargava, who is known for his politics in pure country style, does something else that becomes a matter of discussion. About two years ago, he had arranged for the living and eating of the sick and his family coming to the capital, Bhopal, but the system was reduced to two tea and snacks.

The reason for this was the unnecessary use of the facility. People used to stay in Bhopal only. Because of this, the needy had trouble. According to Bhargava, the people of the whole family make arrangements for themselves, but financially poor people have to face difficulties in getting treatment in the city. Many times the family used to ask for money for food, so many times they wanted to make arrangements for going to the hospital. Considering this, the idea was that when we give breakfast and two times tea in the morning, tasty food can be arranged. Two cisterns have been kept for this.

They will be given six to six thousand rupees a month. With this, arrangements of hairdressing will also be arranged for cutting of beards and cutting hair. In addition to eating, there will be arrangements for soap, shampoo, dental mansions, toothpaste for morning bath. Given the number of guests and families of patients, an office has been converted into a residential area. Now, about five people can stay together in five places on the bungalow. Penfalts have also been released in the area to provide this information. The mobile number of four servants Rambhuwan Awasthi, Rahul Singh Rajput, Pradeep Chaurasia and Chhota Lal Lodhi has been given to the bungalow so that nobody has any problem.

This will be the food menu
Sharabati wheat roti, Gadarwada’s Arhar Dal Fry, Basmati Rice, Peas and Paneer Paneer, Malai Kofta, Mix Vege, Green Vegetables, Salad, Pickle and Papad.

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