जहरीली शराब का कहर, दो की मौत और चार की गंभीर

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जहरीली शराब का कहर, दो की मौत और चार की गंभीर

भोपाल। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोगों की हालत गंभीर है. शराब को नींबू, चाय पत्ती और शक्कर को दो महीने तक जमीन में दबाकर तैयार किया गया था. आशंका जताई जा रही है कि कई और प्रभावित भी सामने आ सकते है। दरअसल, आदिवासी समाज मे हाथ गली शराब बनाने का रिवाज है जिसे मटके में दबाकर महीनों सड़ाया जाता है, फिर उसकी शराब बनाकर उसका उपयोग नशे के लिए किया जाता है। यह शराब कभी-कभी जानलेवा भी साबित होती है. ऐसा ही मामला पाटी थाना क्षेत्र के ग्राम गुडी का सामने आया, जहां रहवासी दो लोग दिनेश और जुगनिया की ऐसी शराब का सेवन करने से तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। वहीं, राकेश सहित तीन अन्य का अस्पताल में इलाज जारी है. प्रशासन ने राजस्व अधिकारियों और डॉक्टरों की एक टीम को गांव के लिए रवाना कर दिया है। हालांकि, बड़वानी कलेक्टर तेजस्वी नायक ने जहरीली शराब होने की बात से इंकार करते हुए जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है. फौरी तौर पर कलेक्टर ने मृतकों को 10-10 हजार और गंभीर घायलों को पांच-पांच हजार रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया है।

 

NEWS IN ENGLISH

Poisonous havoc, two deaths and four serious

Bhopal. Two people died after drinking poisonous liquor in Madhya Pradesh’s Badwani district, while the condition of four people was serious. Alcohol was prepared by pressing lemon, tea leaves and sugars in the ground for two months. It is feared that many more affected people can also come in front. Indeed, in the tribal society, the practice of making alley wine is pressed into the batter, months are rotten, then its wine is made and used for addiction. This alcohol is sometimes proven to be fatal too. The same case came to the notice of village Gudi of Pati police station, where both residents of Dinesh and Jugnia consumed this kind of liquor, and both of them died during treatment. At the same time, three others, including Rakesh, are undergoing treatment in the hospital. The administration has sent a team of revenue officials and doctors to the village. However, the Barwani collector, Tarshita Nayak, refuses to speak of poisonous liquor, after the investigation, the situation has become clear. The collector has declared 10-10 thousand dead and financial assistance of five to five thousand rupees to the seriously injured.

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