3 राज्यों में ही नहीं पूरे देश में चढ़ा रंग केसरिया, 2014 से 2018 तक में बदल गया राजनीतिक नक्शा

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3 राज्यों में ही नहीं पूरे देश में चढ़ा रंग केसरिया, 2014 से 2018 तक में बदल गया राजनीतिक नक्शा

नई दिल्ली। ‘शून्य से शिखर तक’ यह वह शब्द थे, जो पीएम नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के चुनावों में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन के बाद कही थी. हालांकि, यह शब्द सिर्फ इन तीनों राज्यों तक ही सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि अगर 2014 की तुलना में आज देश का राजनीतिक नक्शा देखें तो वह लगभग केसरिया नजर आएगा.

सिर्फ त्रिपुरा ही नहीं बीजेपी ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर मेघालय और नगालैंड में भी सरकार बनाने की दावेदारी कर दी है. ऐसे में अगर वह सफल होती है तो देश के 21 राज्यों में एनडीए या उसे समर्थन देने वाली पार्टी की सरकार हो जाएगी. एक तरफ नगालैंड के राज्यपाल ने मौजूदा सीएम और एनपीएफ नेता टीआर जेलियांग को बहुमत साबित करने के लिए 48 घंटे का समय दिया है. वहीं राज्यपाल पीबी आचार्य ने एनडीपीपी नेता नेफियू रियो को 32 विधायकों के समर्थन वाला पत्र लाने को कहा है.

वहीं, मेघालय में बीजेपी की सहयोगी नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के पास 19 सीटें हैं. 6 सीटें जीतने वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), 4 सीटें पाने वाली पीडीएफ, 2 सीटें जीतने वाली एचएसपीडीपी और एक निर्दलीय विधायक भी एनपीपी को समर्थन दे रही हैं. एनपीपी के नेता कोनराड संगमा ने रविवार शाम को राज्यपाल को इन सभी पार्टियों के विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी. हालांकि यहां सत्ताधारी कांग्रेस 21 सीटें जीतकर अकेली सबसे बड़ी पार्टी बनी है.

वहीं अगर तीनों राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगियों की सरकार बनती है तो सिर्फ तमिलनाडु(AIADMK) , केरल(एलडीएफ) , कर्नाटक(कांग्रेस) , मिजोरम(कांग्रेस) , पंजाब(कांग्रेस), ओडिशा (BJD), पश्चिम बंगाल(तृणमूल कांग्रेस) और तेलंगाना(टीआरएस) ही वह बचे हुए राज्य हैं, जहां अभी दूसरी पार्टियों की सरकार है.

2014 से तुलना करें तो बीजेपी की उस समय केवल सिर्फ सात राज्यों में सरकार थी. वहीं कांग्रेस 13 राज्यों में शासन कर रही थी. हालांकि 2018 में यह तस्वीर बदल गई है. अगर बीजेपी तीनों राज्यों में सरकार बनाने में सफल हुई तो वह 21 राज्यों में सत्ता में आ जाएगी जबकि कांग्रेस गिरकर सिर्फ 3 राज्यों में सिमट जाएगी. देश में ऐसा पहली बार होगा जब किसी एक पार्टी की देश के इतने राज्यों में राज होगा.

पूर्वोतर राज्यों में सिर्फ मिजोरम ही बीजेपी के शासन से बाहर बचा हुआ रह जाएगा. हालांकि यह तस्वीर भी साल के अंत तक बदल सकती है, जब यहां विधानसभा के चुनाव होंगे.

यही वजह है कि एक बार फिर विपक्षी खेमे में थर्ड फ्रंट बनाने की चर्चा शुरू हो गई है. इसे तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने हवा दी है. उन्होंने कहा है कि इस समय बीजेपी और कांग्रेस के एक विकल्प की जरूरत है. ममता बनर्जी ने भी उनकी बातों का समर्थन किया है. वहीं बीजेपी की नजर केरल, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और कर्नाटक में भी सरकार बनाने पर है. ऐसे में देखना होगा कि बीजेपी 2019 के लोकसभा चुनाव तक और कितने राज्यों में सरकार बनाने में कामयाब होती है और अपने सपने कांग्रेसमुक्त भारत के कितने करीब पहुंच पाती है.

 

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NEWS IN ENGLISH

Political map changed from the year 2014 to 2018, in color not only in 3 states

new Delhi. It was the word ‘from zero to peak’ which was said by PM Narendra Modi after the BJP’s spectacular performance in the elections of the three North-East states. However, this word has not been restricted to these three states, but if the country’s political map is seen today than in 2014, it will almost look saffron.

Not just Tripura, the BJP has made a claim to form government in Meghalaya and Nagaland in collaboration with its allies. In such a case, if he succeeds, then in the 21 states of the country, the NDA or the party supporting him will become the government. On one side Nagaland governor gave 48 hours to prove the current CM and NPF leader TR Jailiang as the majority. At the same time, Governor PB Acharya asked NDPP leader Nefieu Rio to get 32 ​​MLAs’ supporting letters.

At the same time, Meghalaya BJP’s ally, the National People’s Party (NPP) has 19 seats. United Democratic Party (UDP) winning 6 seats, PDF containing 4 seats, 2 seats winning HSPDP and an Independent legislator are also supporting NPP. NPP leader Konrad Sangma handed over the letter of support to all the legislators of the party on Sunday evening. Although here the ruling Congress has become the single largest party by winning 21 seats.

If the BJP and its allies form the government in all three states, then only Tamil Nadu (AIADMK), Kerala (LDF), Karnataka (Congress), Mizoram (Congress), Punjab (Congress), Odisha (BJD), West Bengal (Trinamool Congress) ) And Telangana (TRS) are the remaining states, where the government of the other parties is still there.

2014, then BJP had only one government in seven states at that time. The Congress was ruling in 13 states. However, this picture has changed in 2018. If BJP succeeds in forming the government in all three states, it will come to power in 21 states, while Congress will fall to just 3 states. This will be the first time in the country when there will be a state of one party in such states.

Only in the north-east states will Mizoram be left out of the BJP rule. Although this picture may also change by the end of the year, when the assembly elections will be held here.

This is the reason that once again the discussion of making Third Front in the opposition camp has begun. It is given by Chandrasekhar Rao, CM of Telangana. He said that at this time there is a need of an alternative to BJP and Congress. Mamata Banerjee has also supported her story. At the same time, the BJP’s eye is on the formation of the government in Kerala, West Bengal, Odisha and Karnataka. In such a scenario, it is to be seen that the BJP succeeds in forming a government in more than the 2019 Lok Sabha elections and how close is its dream of reaching Congress-free India.

 

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