गणतंत्र दिवस की तैयारियां पूरी, शाम होते ही सील हो जाएंगे दिल्ली के बॉर्डर

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NEWS IN HINDI

गणतंत्र दिवस की तैयारियां पूरी, शाम होते ही सील हो जाएंगे दिल्ली के बॉर्डर

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुरक्षा के मद्देनजर राजधानी दिल्ली की सीमाओं को आज शाम सील कर दिया जाएगा। किसी भी खतरे से निपटने के लिए पुलिस बल राजधानी दिल्ली घेरती हुई चारों सीमाओं पर मुस्तैद है, तो सुरक्षा बल भी चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए है। पुलिस पेंट्रोलिंग की जा रही है। गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली के राजपथ पर रंग-बिरंगी झांकियां निकाली जाएंगी। भारतीय की सैन्य और सामरिक शक्ति का प्रदर्शन होगा और आशियान के सदस्य देशों के 10 मुख्य अतिथि भारत की बढ़ती ताकत का नजारा करेंगे। यह पहला मौका है जब 10 आसियान देशों के प्रमुख गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे।

पद्मावत रिलीज और गणतंत्र दिवस –
वहीं, संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत भी गणतंत्र दिवस से एक पहले यानी आज 25 जनवरी को रिलीज हो गई है। पद्मावत का विरोध कर रही करणी सेना उग्र होती जा रही है। उसके मद्देनजर भी सुरक्षा बलों को चौकस रहना पड़ेगा ताकि इस विरोध का फायदा आतंकी न उठा सके।

 

NEWS IN English

Preparation of Republic Day will be sealed in the evening, Delhi border

new Delhi. Preparations for Republic Day have been completed. In view of security, the borders of the capital Delhi will be sealed this evening. To deal with any threat, the police force is on the four frontiers encompassing Delhi, the security force is keeping an eye on the racket. Police is being pentroling. On the occasion of Republic Day, colorful floats will be removed on the Rajpath of the capital Delhi. Indian military and strategic power will be demonstrated and 10 main guests of Asian country countries will see India’s growing power. This is the first time that 10 ASEAN countries will be participating in the major Republic Day celebrations.

Padmavat Release and Republic Day –
At the same time, Sanjay Leela Bhansali’s film Padmavat has also been released on January 25, one day before the Republic Day. The army trying to oppose Padmavat is getting bigger. In view of this, the security forces have to be cautious so that the use of this protest can not be tolerated.

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