शहीद के परिवार को सम्मानित करते वक्त राष्ट्रपति कोविंद की आंखें हुईं नम

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शहीद के परिवार को सम्मानित करते वक्त राष्ट्रपति कोविंद की आंखें हुईं नम

नई दिल्ली। 26 जनवरी के मौके पर वायुसेना के गरूण कमांडो जेपी निराला को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया। इस सम्मान को लेने के लिए शहीद निराला की मां और पत्नी पहुंचे थे। जैसे ही उनका नाम पुकारा गया मंच पर बैठे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आंखें भर गईं। राष्ट्रपति की भावुक होने की ये तस्वीर कैमरे में कैद हो गई। तस्वीर में राष्ट्रपति रूमाल से अपनी आंखें पोंछते नजर आ रहे हैं। इस लम्हे में केवल राष्ट्रपति कोविंद ही भावुक नहीं हुए, शहीद निराला की मां और पत्नी भी सम्मान पाकर और अपने पति की वीर गाथा सुनकर भावुक हो गईं।

अशोक चक्र पाने वाले एयरफोर्स के पहले गरुड़ कमांडो-
भारतीय वायुसेना के इतिहास में यह पहला अवसर था, जब किसी गरुड़ कमांडो को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। गरुड़ कमांडो जेपी निराला तीन महीने पहले ही आतंकरोधी अभियान के तहत स्पेशल ड्यूटी पर कश्मीर के हाजिन में सेना के साथ तैनात थे। श्रीनगर में इसी ऑपरेशन के दौरान सेना की तरफ से की गई कर्रवाई में आतंकी मसूद अजहर के भतीजे तल्हा रशीद को मारा गया था।

पिता को बेटे की शहादत पर है गर्व-
शहीद निराला बिहार के रोहतास के रहने वाले थे। वे साल 2005 में वायु सेना में शामिल हुए थे। कमांडो निराला अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार में माता-पिता के अलावा उनकी पत्नी सुषमा और 4 साल की बेटी जिज्ञासा हैं। पिता को अपने बेटे की इस शहादत पर गर्व है।

निराली है कमांडो निराला की वीरता-
सुरक्षा बलों को जम्मू कश्मीर के हाजिन इलाके एक गांव में आतंकियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। कमांडो जेपी निराला आतंकियों पर कहर बनकर टूट पड़े और मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया। आमने-सामने की इस लड़ाई में 6 आतंकियों को ढेर किया गया था।

 

NEWS IN English

President Kovind’s eyes were honored while honoring the martyr’s family.

new Delhi. On January 26, the President of Jammu and Kashmir, J. P. Nurala, was honored by President Ramnath Kovind after posthumous Ashok Chakra. To receive this honor, the mother and wife of Shahid Nirala reached. As soon as his name was called on the stage, the eyes of President Ramnath Kovind were filled. This photo of the President being sentimentalized is captured in the camera. In the photo, President Rumal is wiping his eyes. In this time only President Kovind did not become emotional, the mother and wife of Shaheed Nirala received respect and became emotional after listening to their husband’s heroic saga.

The first Garuda commandos of the Air Force receiving Ashok Chakra-
This was the first time in the history of Indian Air Force, when some Garuda commandos were awarded Ashoka Chakra. Garuda commandos JP Nirala were stationed with the army in the Hajin of Kashmir on Special Duty under the Anti-Terrorist Campaign three months ago. In the operation carried out by the army during this operation in Srinagar, the nephew of Masud Azhar, Talha Rashid was killed.

Father is proud of son’s martyrdom –
Shaheed Nirala was a resident of Rohtas in Bihar. He joined the Air Force in 2005. The commandos were unmarried sons of their parents. Apart from parents in the family, his wife Sushma and 4-year-old daughter are curious. Father is proud of his son’s martyrdom.

Nirula is the commandos of heroes –
Security forces got intelligence about the disappearance of terrorists in a village in Haigen area of ​​Jammu and Kashmir. The encounter started between the security forces and the terrorists during the search operation. Commando JP broke down after being wreaking havoc on unarmed terrorists and killed three terrorists in the encounter. Six terrorists were stacked in a face-to-face fight.

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