मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना से ग्राम गोरखपुर के प्रगतिशील कृषक आर्थिक रूप से हो रहे हैं आत्मनिर्भर

Advertisements

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना से ग्राम गोरखपुर के प्रगतिशील कृषक आर्थिक रूप से हो रहे हैं आत्मनिर्भर


छिंदवाड़ा। ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत के रूप में मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना जिले के मोहखेड़ विकासखंड के ग्राम गोरखपुर के प्रगतिशील कृषक लखनलाल पाठे के लिये वरदान सिध्द हो रही है तथा मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के माध्यम से खेती कर अब वे खरीफ, रबी व जायद तीनों मौसम में विभिन्न फसल ले रहे हैं । इस योजना से उन्हें 4 से 6 लाख रूपये सालाना आय हो रही है और आर्थिक समृध्दि के कारण वे निरंतर आत्मनिर्भर होते जा रहे हैं ।

ग्राम गोरखपुर के प्रगतिशील कृषक श्री लखनलाल पाठे लगभग 50 वर्षों से खेती कर रहे हैं । उनके पास लगभग 10 एकड़ भूमि है, किंतु बिजली व पानी के अभाव में वे पहले केवल वर्षा आधारित फसलें ही ले पाते थे । उनकी भूमि पथरीली होने के कारण भी वे पर्याप्त फसल नहीं ले पाते थे । उन्हें मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के संबंध में जब जानकारी मिली तो उन्होंने म.प्र.ऊर्जा विकास निगम के जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी सुनील गहुंखेड़कर से संपर्क किया । जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी द्वारा उचित सलाह दिये जाने पर उन्होंने अपनी खेती के लिये 5 हजार रूपये जमा कर अपना ऑनलाईन पंजीयन कराया और इसके बाद उन्होंने किसान के अंशदान की 36 हजार रूपये की राशि भी जमा करा दी ।

इसके बाद उनके खेत में अक्टूबर 2020 को सोलर पैनल, स्ट्रक्चर, कंट्रोलर, पाइप लाईन, विद्युत तडित चालक आदि की स्थापना कर उन्हें 3 हॉर्स पॉवर के सोलर पंप का डी.सी.कनेक्शन दिया गया है। इस सोलर पंप से उन्हें अब दिन भर लगभग 8 से 10 घंटे तक बिजली मिलने से वे अपनी इच्छानुसार दिन में कभी भी सिंचाई करते हैं और बिजली पर उनकी निर्भरता कम हो गई है । पानी की उपलब्धता होने से उन्होंने अपनी पथरीली भूमि से पत्थरों को निकलवाकर भूमि को समतल करने का कार्य भी किया है और इस समतल भूमि में वे कम पानी में तरबूज की फसल ले रहे हैं ।

उनके कुये में उपलब्ध पानी के अनुसार वे अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं तथा उमरानाला नदी पर बने गोरखपुर-आंजनी जलाशय के माध्यम से छोटी नहर में आने वाले पानी को अपने कुयें में भंडारित करने की व्यवस्था भी बना रहे है जिससे तीनों मौसम में फसलों में पानी के लिये उनके पास पर्याप्त पानी उपलब्ध रह सके । अब वे गेहूं, टमाटर, हर्री मिर्च, मटर, गोभी, भटे, तरबूज, डंगरा आदि फसल ले रहे हैं । इस वर्ष उन्होंने तरबूज की फसल लगाई है जिससे काफी आय की उम्मीद है । इन फसलों में लगभग 9 लाख रूपये की लागत लगाने के बाद उन्हें लगभग 4 से 6 लाख रूपये की आय हुई है।

प्रगतिशील कृषक पाठे के पास अत्याधुनिक कृषि संयंत्र ड्रिप, स्प्रिंकलर, ट्रेक्टर आदि है तथा वे गोबर खाद, केंचुआ खाद व अन्य खाद का उपयोग भी करते है । मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना ने उनकी खेती की दशा और दिशा बदल दी है तथा वे अन्य किसानों को भी इस योजना का लाभ लेने के लिये प्रेरित कर रहे हैं ।

Advertisements
Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.