मार्च तक पूरी तरह कबाड़ मुक्त होगा रेलवे, बोर्ड ने लिया फैसला

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मार्च तक पूरी तरह कबाड़ मुक्त होगा रेलवे, बोर्ड ने लिया फैसला

नई दिल्ली। रेलवे ने 31 मार्च तक स्वयं को कबाड़ मुक्त बनाने का फैसला लिया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने सभी जोन और उत्पादन इकाइयों को निर्देश भेजा है। सभी महाप्रबंधकों को भेजे गए पत्र में रेलवे बोर्ड ने कहा है कि जिस जोन में जितना भी लौह कबाड़ है उसे वित्त वर्ष के अंत तक बेच दिया जाना चाहिए। इससे न केवल अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, बल्कि रेलवे परिसर गंदगी से भी मुक्त होंगे। रेलवे बोर्ड ने यह फरमान हाल के दिनो में स्क्रैप की बिक्री में आई तेजी से उत्साहित होकर जारी किया है। चालू वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान दिसंबर तक सभी जोन ने कुल मिलाकर 1837 करोड़ रुपये के स्क्रैप की बिक्री की। यह पिछले वित्त वर्ष 2016-17 में दिसंबर तक की गई कुल 1503 करोड़ रुपये की स्क्रैप की बिक्री के मुकाबले 22 फीसद ज्यादा है। पत्र में बोर्ड ने लिखा है, ‘स्क्रैप की बिक्री से होने वाली आय से न केवल राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि ट्रैक, स्टेशन, कार्यशालाएं और डिपो साफ-सुथरे भी रहते हैं।’ रेलवे के स्क्रैप में ज्यादातर घिसी-पिटी पुरानी पटरियां, ट्रैक फिटिंग्स, इंजन, बोगी व वैगनों की मरम्मत व ओवरहालिंग के परिणामस्वरूप निकला लौह स्क्रैप तथा अलौह धातुओं से निर्मित पैडलॉक, कूड़ेदान व क्लैंप जैसी उपयोग से बाहर हो चुकी अन्य वस्तुएं शामिल होती हैं।

 

NEWS IN English

Railway will take full junk free till March, board decision

new Delhi. Railways have decided to make themselves free of cost till March 31. In this regard, the Railway Board sent instructions to all zones and production units. In a letter sent to all the General Managers, the Railway Board has said that the iron junk which is in the zone should be sold till the end of the financial year. This will not only result in additional revenue, but also railway premises will be free from dirt. The Railway Board has released this order on the recent days in the sale of scrap, and has been very enthusiastic. During the current financial year 2017-18, all the zones sold a total of 1837 crores of scrap. This is 22 percent higher than the total sale of scrap of Rs 1503 crore made till last December 2016-17. In the letter, the board has written, “Income from scrap sales not only increases the revenue, but also tracks, stations, workshops and depots are clean.” Railway scraps include scraps of iron, scraps of non-ferrous metals, podlock, trash, and other items which are excluded from the use of non-ferrous metals as a result of the repair and overhaul of mostly cluttered old tracks, track fittings, engines, bogies and wagons.

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