पद्मावत के विरोध में बैतूल के राजपूत समाज ने सौंपा ज्ञापन,टॉकीज पहुंच कर फिल्म नहीं ने दिखाने का अनुरोध

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पद्मावत के विरोध में बैतूल के राजपूत समाज ने सौंपा ज्ञापन,टॉकीज पहुंच कर फिल्म नहीं ने दिखाने का अनुरोध

बैतूल। पद्मावत फिल्म को लेकर बैतूल जिले में संशय की स्थिति बनी हुई है। राजपूत समाज के विरोध को देखते हुए टॉकीज के संचालकों द्वारा फिल्म दिखाए जाने का निर्णय नहीं लिया जा सका है। टॉकीज संचालक जिले में जनभावनाओं को देखते हुए ही गुरूवार को फिल्म के संबंध में कोई निर्णय लेंगे। इधर राजपूत समाज के द्वारा बुधवार को जिला प्रशासन के नाम से एक ज्ञापन सौंपकर पुरजोर विरोध करने की चेतावनी दे दी है। पद्मावत फिल्म का विरोध बैतूल जिले में भी जोर पकड़ता जा रहा है। यहां बुधवार को क्षत्रिय राजपूत समाज ने दोपहर में कलेक्ट्रेट पहुंच कर ज्ञापन सौंपा और फिल्म का विरोध जताते हुए शासन से मांग की कि इस फिल्म को रिलीज न होने दिया जाएं। इसके बाद शाम को समाज के पदाधिकारी गंज स्थित टॉकीज भी पहुंचे। यहां उन्होंने संचालक विवेक मालवीय से चर्चा की और फिल्म को यहां प्रदर्शित न करने का अनुरोध किया। हालांकि चर्चा पूरी तरह से शांति और शालीनता के साथ हुई, लेकिन एहतियात के तौर पर गंज टीआई संतोष पंद्रे के नेतृत्व में भारी पुलिस बल यहां पहुंच गया था। वैसे किसी भी तरह की अप्रिय घटना यहां नहीं हुई। दूसरी ओर देश भर में पद्मावत फिल्म के खिलाफ विरोध को देखते हुए जिले के छविगृह संचालक भी असमंजस की स्थिति में है। वे अभी तक यह निर्णय नहीं ले पाए हैं कि फिल्म का प्रदर्शन करें या न करें। उनका भी यही प्रयास है कि जनभावनाएं आहत न हो और किसी समाज विशेष को किसी फिल्म के कारण ठेस न पहुंचे। बैतूल के सिनेप्लेक्स संचालक विवेक मालवीय ने बताया कि बैतूल में फिल्म दिखाने का निर्णय अभी नहीं लिया गया है। हमारा प्रयास है कि जन भावनाएं आहत न हो सकें। जन सामान्य और राजपूत समाज से चर्चा करने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे। इसी तरह मुलताई में स्थित छविगृह के संचालक हनी भार्गव का कहना है कि वे राजपूत समाज के साथ हैं। वे नहीं चाहते कि ऐसी कोई फिल्म प्रदर्शित की जाएं जिससे कि समाज विशेष को ठेस पहुंचे। स्थिति को पूरी तरह से देखने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

दोपहर में सौंपा समाज ने ज्ञापन
इससे पूर्व दोपहर में समाज की ओर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर अदिती यादव को सौंपा गया। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि पुरजोर विरोध के बावजूद फिल्म रिलीज की जाती है तो क्षत्रिय राजपूत समाज उग्र आंदोलन करेगा। समाज के पदाधिकारी जगदीशसिंह राघव, हेमराजसिंह राठौड़, राजा ठाकुर, अरूण किलेदार, पिंटू परिहार, राजेंद्रसिंह चौहान उर्फ केंडू बाबा, होशियार सिंह, अजय सिंह, पंकज सिंह, प्रवीण सिंह, रविशंकर सिंह, दिलीप सिंह चौहान, नकुलसिंह चौहान, रविशंकर सिंह राजपूत सहित अन्य सदस्यों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि राजपूत समाज हिन्दु क्षत्रिय समाज क्षत्रियों की आन-बान-शान की प्रतीक महारानी पद्मावती का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। संजय भंसाली ने इतिहास की धज्जियां उड़ाते हुए कपोल कल्पित रूप से फिल्म में महारानी के प्रेम प्रसंग का चित्रण किया है।

तो किया जाएगा उग्र प्रदर्शन
महारानी पद्मावती का जौहर व्रत राजस्थान ही नहीं अपितु हिन्दुस्तान के इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। महारानी ने अपने पतिव्रत और सतीत्व धर्म की रक्षा करते हुए हजारों क्षत्राणियों के साथ जौहर व्रत कर अपने प्राणों की आहूति दी। ऐसे महान क्षत्राणी को कलंकित करते हुए संजय लीला भंसाली ने इतिहास में छेड़छाड़ करते हुए क्रूर अलाउद्दीन खिलजी के साथ प्रेम दृश्य का फिल्मांकन कर राजपूत क्षत्रियों को अपमानित और बेइज्जत करने का दुस्साहस किया है। इसे हिन्दु राजपूत समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। हम जिले के सभी क्षत्रिय राजपूत बंधु और समस्त हिन्दु समाज इस फिल्म की घोर निंदा और भ्रर्त्सना करते हैं और इस फिल्म को रिलीज नहीं किए जाने की मांग करते हैं। यदि फिल्म रिलीज होती है तो समाज उग्र आंदोलन करेगा।

 

NEWS IN English

Rajput society of Betul opposed Padmavat, the memorandum handed over, requests to show the film not reaching talkies

Betul There is a situation of suspicion in the Betul district about the Padmavat film. Given the protest of Rajput society, the decision to show the film by the operators of the Talkies could not be taken. Talkies will take a decision on the film on Thursday in view of the public sentiments in the District’s district. Here, on Wednesday, by the Rajput society, after submitting a memorandum in the name of the district administration, has warned against strongly protesting. The opposition of Padmavat film is also taking hold in the Betul district. On Wednesday, the Kshatriya Rajput community handed a memorandum to the Collectorate in the afternoon and protesting against the film demanded the government not to allow the film to be released. After this, the office-bearers of the society reached Talkies at Ganj. Here he discussed with the director Vivek Malviya and requested the film not to be displayed here. Though the discussion was completely peaceful and decency, but as a precaution, heavy police force headed by Ganj TI Santosh Pandey had reached here. Any kind of unpleasant event was not done here. On the other hand, the image operators of the district are also in a state of confusion because of protest against the Padmavat film across the country. They have not been able to decide whether or not to display the film. His efforts are also to ensure that people’s feelings are not hurt and no social cause gets hurt due to any film. Baitul’s Cineplex Director Vivek Malviya told that the decision to show the film in Betul has not yet been taken. Our efforts are that people’s feelings can not be hurt. After making a discussion with the general public and Rajput society, no decision will be taken. Similarly, Honey Bhargava, the operator of the image house in Multai, says that he is with Rajput society. They do not want any such film to be displayed so that the society gets hurt. Any decision will be taken only after seeing the situation completely.

Memorandum handed over by the society entrusted in the afternoon
Before this, the memorandum addressed to the President, Prime Minister and the Chief Minister on behalf of the society in the afternoon was handed to Deputy Collector Collector Aditi Yadav. The memorandum warns that if the film is released despite strong opposition, then the Kshatriya Rajput Samaj will face a furious agitation. The office bearers of the society Jagdish Singh Raghav, Hemrajsingh Rathod, Raja Thakur, Arun Kildar, Pintu Parihar, Rajendra Singh Chauhan alias Kendu Baba, Hoshiar Singh, Ajay Singh, Pankaj Singh, Praveen Singh, Ravi Shankar Singh, Dilip Singh Chauhan, Nukul Singh Chauhan, Ravishankar Singh Rajput In a memorandum handed down by other members, it has been said that the Rajput society is a symbol of honor of the Hindu Kshatriya Samaj Kshatriyas. Insult Awati will not be tolerated. While Sanjay Bhansali flashed the history, Kapol has anecdotes the Queen’s love affair in the film.

So fierce performance will be done
Maharani Padmavati’s jawahar juror is not only glorious but also a glorious chapter in the history of India. While protecting her paternal and saintly religion, the queen sacrificed her life with jawans fasting with thousands of Kshatriyas. While stigmatizing such a great saranya, Sanjay Leela Bhansali has misbehaved with the cruel allauddin khilji while filming a love scene in history and has scoffed at humiliating and insulting Rajput Kshatriyas. This Hindu Rajput society will never tolerate it. We all the Kshatriya Rajput brothers and all Hindu society of the district condemn and condemn the film and demand that the film be released. If the film is released then the society will start agitating movement.

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