सारनी : जनजातीय कार्यविभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयोजित प्रवेश के लिए ऑनलाइन परीक्षा निरस्त करने की मांग

Advertisements

NEWS IN HINDI

सारनी : जनजातीय कार्यविभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयोजित प्रवेश के लिए ऑनलाइन परीक्षा निरस्त करने की मांग

नामदेव गुजरे
बैतूल/सारनी। जनजातीय कार्यविभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयोजित 6वीं व 9वीं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया। विभाग ने बिना शैक्षणिक स्तर को जाने आदिवासी बच्चों के लिए ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन कर सुविधाओं के नाम पर शोषण किया जा रहा है। बता दे की सुदूर गांव में रहने वाले आदिवासी समुदाय के बच्चों का शैक्षणिक स्तर इतना मजबूत नही है न उन्हें कोई कंप्यूटर का कोई ज्ञान है। सही मायने में उनके घर पर मोबाइल तक नही है, तो ऐसे में ऑनलाइन परीक्षा देना मतलब कंम्प्यूटर देखकर आना है और तो और विभाग द्वारा परीक्षा केंध गृह जिला न देकर दूसरे जिले आवंटित कर दिया गया। गरीब लाचार आदिवासी बच्चों के पालक दूसरे जिले में जाकर पेपर दिलाने में सक्षम नही है। एक प्रकार से कहा जाए तो आदिवासियों के लिए दिखावा की परीक्षा रह गई है। शासन के इस प्रकार के फैसले से आदिवासी समाज संगठन ने जनपद सीईओ दानिश अहमद आंसारी को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन परीक्षा निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने लिखित परीक्षा का आयोजन करने की मांग की है। समाजसेवी सुनील सरयाम ने कहा की कई आदिवासी परिवार ऐसे हैं कि उनके पास मोबाइल फोन नही है, तो फिर कंप्यूटर दूर की बात है। सरकार शैक्षणिक स्तर सुधारने के लिए कई योजनाएं लाता है पर सही मायने में ग्रामीण आदिवासी आंचलों में सही क्रियान्वयन नही होता है। ऐसे में बिना कंप्यूटर के ज्ञान के कंप्यूटर ऑपरेट करना ही चुन्नाोती पूर्ण रहेगा। ज्ञापन सौपने में सुनील सरयाम, शिवदीन , सरपंच गणेश उईके, संतोष उईके, देवकराम काकोडिया , दिलीप उईके, अबिश्‌ उईके, रामप्रसाद प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए लिंक पर क्लिक करके https://www.facebook.com/samacharokiduniya/ पेज को लाइक करें या वेब साईट पर FOLLOW बटन दबाकर ईमेल लिखकर ओके दबाये। वीडियो न्यूज़ देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करे। Youtube

 

NEWS IN ENGLISH

Sarni: Demands for abolishing the online exam for admission conducted by Tribal Affairs Department Madhya Pradesh

Namdev passed
Betul / Sarani Online Examination was organized for the admission of tribal affairs department in the 6th and 9th organized by Madhya Pradesh Government. The Department is being exploited in the name of facilities by conducting online examination for tribal children to go to the academic level. Explain that the educational level of the children of tribal communities living in remote villages is not so strong or they have no knowledge of computer. In fact, the mobile is not available at home, so to take online exams is to come to see the computer, and the other department has been allocated second division by not giving the Kendh Home district the examination. Parents of poor tribal tribal children can not go to another district to get the paper. In a way, the examination of pretense for tribals has remained. With this type of decision, the tribal society organization has demanded to abolish the online examination by submitting memorandum to the District Collector, Danish Ahmed Ansari, in the name of the District Collector. He has demanded a written examination. Social activist Sunil Siram said that many tribal families are such that they do not have a mobile phone, then the computer is a distant thing. The government brings several schemes to improve the educational level but in reality there is no proper implementation in rural tribal areas. In such a situation, the choice of operating computer of computer without knowledge will be complete. Sunil Saram, Shivdin, Sarpanch Ganesh Uike, Santosh Uike, Dekram Kakodia, Dilip Uike, Abish Uike, Ramprasad were present in the main entrance.

To get the latest updates, click on the link: https://www.facebook.com/samacharokiduniya/Like the page or press the FOLLOW button on the web site and press the OK Subscribe to our YouTube channel to see the video news. Youtube

Advertisements
Advertisements

 

Advertisements
Advertisements

Related posts

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.