सारनी : मजदूरों को नहीं हो रहा ईपीएफ का भुगतान – जिला अध्यक्ष अजय सोनी

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सारनी : मजदूरों को नहीं हो रहा ईपीएफ का भुगतान – जिला अध्यक्ष अजय सोनी

नामदेव गुजरे
बैतूल/सारनी। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी सारणी के सिविल विभाग में ठेकेदारों के माध्यम से वर्ष 2014 से 2018 तक लगाए बिलों का भुगतान के समय लगाए गए ईपीएफ चालानों की जांच की मांग आम आदमी पार्टी ने की है। इस सबंध में आम आदमी पार्टी के माध्यम से जनसंपर्क अधिकारी भविष्य निधि भोपाल को शिकायत की है। आप के लोकसभा प्रभारी अजय सोनी ने बताया कि उनके माध्यम से कंपनी के मुख्य अभियंता और श्रम विभाग अधिकारी को चार नवम्बर 2017 को ज्ञापन सौंपा था और मांग की गई थी कि वर्ष 2014 से 2016 तक जिन फर्मो का सिविल विभाग के माध्यम से बिल का भुगतान किया गया है। उनके पूर्ण कार्य में लगे दस्तावेजों में ईपीएफ चालानों की जांच की मांग की गई थी। लेकिन अब तक किसी प्रकार की कोई लिखित रूप से जानकारी सबंधित विभाग के अधिकारियों के माध्यम से उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 से 2008 तक सीएचपी कार्यालय से घोड़ाडोंगरी तक रेलवे लाइन का संधारण कार्य करने वाली नागपुर की फर्म मेसर्स प्रदीप बी कुन्डू ने मजदूरों से कार्य करवाया, लेकिन मजदूरों को आज तक ईपीएफ की राशि का भुगतान नहीं किया गया। आप ने मांग की है कि फर्म के बिलों में लगे चालानों की जांच कर मजदूरों को ईपीएफ की राशि ब्याज सहित भुगतान की जाए और ठेकेदार पर उचित कार्रवाई की जाए।

 

NEWS IN English

Sarni: Payment of the EPF to the laborers – District President Ajay Soni

Namdev GUJARE
Betul / Sarani The Aam Aadmi Party has demanded a probe into the EPF invoices imposed at the time of payment of bills imposed from 2014 to 2018 through contractors in the civil department of Madhya Pradesh Power Generating Company. Through this, the Aam Aadmi Party has complained to the Public Relations Officer, Bhaval, Bhopal. Your Lok Sabha in-charge Ajay Soni told that through him, the memorandum was handed over to the Chief Engineer and Labor Department of the company on 4 November 2017 and it was demanded that from the year 2014 to 2016, the firms which paid the bill through the civil department has been done. The documents in their full work were demanded to investigate the EPF invoices. But till now no information of any kind has been made available to the concerned department officials. He informed that from 2003 to 2008, the Corporation’s firm M / s Pradeep B Kundu, who worked as a conservation worker of the railway line from the CHP office to Ghoradongri, worked with the laborers, but till now the wages of the EPF have not been paid to the laborers. You have demanded that the invoices in the firm’s bills should be paid to the laborers with the interest of the EPF and the appropriate action should be taken on the contractor.

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